Baba Kedar Darshan: केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद यहां से दर्शन देते हैं बाबा केदार? 6 माह तक जलता है चमत्कारी दीपक

Baba Kedar Darshan: केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद यहां से दर्शन देते हैं बाबा केदार? 6 माह तक जलता है चमत्कारी दीपक

Last Updated:

Shri Kedarnath Jyotirlinga Temple: केदारनाथ धाम चारधाम यात्रा में से एक है और 12 ज्योतिर्लिंग में प्रमुख स्थान है. भाई दूज के मौके पर केदारनाथ धाम के कपाट शीतकालीन बंद कर दिए गए हैं. जब बाबा केदारनाथ धाम के कपाट बंद किए जाते हैं तो एक दीपक जलाते हैं. आइए जानते हैं शीतकाल में बाबा केदार कहां से दर्शन देते हैं…

भाई दूज के मौके पर गुरुवार को बाबा केदारनाथ के कपाट बंद कर दिए गए हैं. केदारनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंग और उत्तराखंड के चार धामों में से एक माना जाता है. अब 6 महीने तक बाबा भक्तों को दर्शन नहीं देंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाकी के 6 महीने बाबा की पूजा कहां होती है और वो किस स्थल को अपना दूसरा घर बनाते हैं? केदारनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंग और उत्तराखंड के चार धामों में से एक माना जाता है और अब 6 महीने शीतकाल में बाबा भक्तों को दर्शन नहीं देंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाकी के 6 महीने बाबा की पूजा कहां होती है और वो किस स्थल को अपना दूसरा घर बनाते हैं?

बाबा केदार के द्वार हो जाते हैं बंद
शीतकाल में बाबा केदार के द्वार बर्फबारी की वजह से बंद हो जाते हैं क्योंकि वहां इतनी बर्फबारी पड़ती है कि मंदिर तक पहुंच जाना और आध्यात्मिक गतिविधियों को कर पाना मुश्किल हो जाता है. पहाड़ पर बसे होने की वजह से सर्दियों में ऑक्सीजन की कमी भी हो जाती, इसलिए बाबा को दूसरा स्थान दिया जाता है, जो है ऊखीमठ. ऊखीमठ को भगवान का शीतकालीन घर कहा जाता है, जहां केदारनाथ के कपाट बंद होने के बाद बाबा की चलविग्रह पंचमुखी डोली कई जगहों से होकर यहां आती है.

यह है बाबा केदार का शीतकालीन मंदिर
ऊखीमठ में मौजूद ओंकारेश्वर मंदिर को दूसरा केदारनाथ भी कहा जाता है, जहां सर्दियों में भी भक्त दूर-दूर से बाबा के दर्शन के लिए आते हैं. आने वाले महीने बाबा ऊखीमठ से ही भक्तों को दर्शन देंगे. इस मंदिर का बनाव भी केदारनाथ मंदिर से काफी मिलता-जुलता है, जहां प्रमुख मंदिर का बनाव केदारनाथ मंदिर के जैसा ही है लेकिन मंदिर का प्रांगण बड़ा है जिसमें सुंदर नक्काशी से मंदिर की दीवारें सजी हुई हैं. 6 महीने बाद मंदिर को यहां से फिर से शुभ मुहूर्त में वापस केदारनाथ के लिए रवाना कर दिया जाता है.

सभी देवताओं के बदलते हैं स्थान
सर्दियों में सिर्फ बाबा केदार ही अपना स्थल नहीं बदलते, बल्कि गंगोत्री, यमुनोत्री और बद्रीनाथ भगवान भी अपना स्थल बदलते हैं. गंगोत्री धाम को मुखवा में रखा जाता है, यमुनोत्री धाम को खरसाली में स्थापित किया जाता है, जबकि बाबा बद्रीनाथ को पांडुकेश्वर और ज्योर्तिमठ में स्थापित किया जाता है. बर्फबारी के समय चारों धामों को उनके दूसरे घर पर विराजमान किया जाता है.

जलता रहता है चमत्कारी दीया
बाबा केदारनाथ के कपाट बंद होने के बाद 6 महीने तक वहां पूजा-पाठ नहीं होती है, लेकिन फिर भी मंदिर के अंदर 6 महीने तक लगातार एक चमत्कारी दीया जलता रहता है. माना जाता है कि मंदिर में उस दीये के लिए कोई व्यवस्था नहीं होती है, लेकिन फिर भी दीया निरंतर जलता रहता है. दीये के अपने आप जलने के पीछे का रहस्य आज तक बना हुआ है.

authorimg

Parag Sharma

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ें

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ें

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homedharm

केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद यहां से दर्शन देते हैं बाबा केदार?

Source link

Previous post

4 Stairs Of Heaven: जब रावण ने बनाई धरती से स्वर्ग तक पहुंचने की 4 सीढ़ियां, पांचवी आज भी अधूरी, पढ़ें अधूरे वरदान की कथा

Next post

Chhath Puja 2025: छठ पर्व का सांस्कृतिक के साथ वैज्ञानिक महत्व भी, महाभारत काल में कर्ण ने की थी शुरुआत

You May Have Missed