Ahoi Ashtami Vrat Niyam: अहोई अष्टमी व्रत में माताएं इन नियमों का अवश्य करें पालन, इस दिन भूलकर भी ना करें ये काम
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Ahoi Ashtami Vrat Rituals: अहोई अष्टमी का व्रत माताएं संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए करती हैं. इसलिए इस व्रत में कुछ नियमों का अवश्य पालन किया जाता है ताकि अहोई माता की पूजा में किसी भी तरह की कोई गलती ना हो. आइए जानते हैं अहोई अष्टमी व्रत के नियमों के बारे में…
Ahoi Ashtami Vrat Niyam And Rituals: अहोई माता की पूजा कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को की जाती है. यह व्रत मुख्यतः संतान की रक्षा, दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है. चूंकि यह व्रत संतान की लंबी आयु और उन्नति के लिए किया जाता है इसलिए इस व्रत में शुद्धता, पवित्रता और नियमों का खास ध्यान रखा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अहोई अष्टमी का व्रत और श्रद्धा भाव से व्रत के नियमों का पालन करने से बच्चों पर आने वाले संकट दूर हो जाते हैं और निसंतान दंपतियों के घर में किलकारियां गुजती हैं. आइए जानतें अहोई अष्टमी के व्रत में माताएं किन नियमों का ध्यान रखें…
अहोई अष्टमी 2025 (Ahoi Ashtami 2025 Today)
अष्टमी तिथि का समापन – 14 अक्टूबर, सुबह 11 बजकर 11 मिनट से
अहोई अष्टमी पूजा मुहूर्त – शाम 5 बजकर 53 मिनट से शाम 7 बजकर 8 मिनट तक
तारों को देखने का समय – शाम 6 बजकर 17 मिनट
अहोई अष्टमी के दिन चंद्रोदय समय – रात 11 बजकर 18 मिनट

अहोई अष्टमी व्रत के नियम (Ahoi Ashtami Vrat Niyam)
- अहोई अष्टमी की पूजा के लिए खरीदे गए सामान को हमेशा साफ जगह पर रखें और एक बार गंगाजल का छिड़काव करें.
- अहोई अष्टमी का व्रत निर्जला रखा जाता है इसलिए मन में शांति और पवित्रता का ध्यान रखें. कुछ जगहों पर माताएं निर्जला व्रत नहीं करती हैं.
- अहोई माता की पूजा में 8 पूड़ी, 8 मालपुआ, दूध व चावल का भोग लगाएं.
- अहोई माता की पूजा के बाद सास को भेंट स्वरूप कुछ दें और उनका आशीर्वाद अवश्य लें.
- दीवार या पूजा स्थान पर अहोई माता का चित्र बनाया या लगाया जाता है. उनके साथ सिंह (शेर), सूतक (सुई या छेद का प्रतीक), सात पुत्र और सात बहुएं चित्रित की जाती हैं.
- अहोई अष्टमी की पूजा में चांदी या तांबे के कलश का प्रयोग करना उत्तम माना जाता है.
अहोई अष्टमी के दिन क्या ना करें
- अहोई अष्टमी के दिन चाकू, सुई, कैंची जैसी नुकीली या धारदार वस्तु का उपयोग करना वर्जित माना जाता है.
- अहोई अष्टमी के दिन जमीन खोदना अच्छा नहीं माना जाता है. इस दिन मिट्टी से जुड़े कोई भी कार्य ना करें.
- अहोई अष्टमी के दिन मन में ईश्वर का जप करें और आलस्य को दूर रखें.
- अहोई अष्टमी के दिन बाल या नाखून काटना वर्जित बताया गया है. साथ ही झूठ बोलने और क्रोध करने से बचें.
मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ें
मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ें


