Navratri 2025 Havan Samgri List: नवरात्रि में करना है हवन? तो नोट कर लें सामग्री, मुहूर्त और मंत्र, पूर्णाहुति से मां दुर्गा होंगी प्रसन्न

Navratri 2025 Havan Samgri List: नवरात्रि में करना है हवन? तो नोट कर लें सामग्री, मुहूर्त और मंत्र, पूर्णाहुति से मां दुर्गा होंगी प्रसन्न

Navratri 2025 Havan Samgri List Muhurat Mantra: शारदीय नवरात्रि की पूजा का समापन हवन के साथ होता है. शारदीय नवरात्रि का हवन दुर्गा अष्टमी और महानवमी के दिन करते हैं. कई जगहों पर विजयादशमी या दुर्गा विसर्जन के दिन हवन किया जाता है. हवन के साथ नवरात्रि व्रत की पूर्णाहुति की जाती है. नवरात्रि हवन के माध्यम से हम मां दुर्गा समेत अन्य देवी और देवताओं तक पूजन सामग्री के अंश पहुंचाते हैं. हवन करने से घर का वातावरण शुद्ध होता है और वहां की नकारात्मकता दूर होती है. हवन के लिए आम की सूखी लकड़ी, गाय के गोबर के कंडे, औषधियों आदि का उपयोग करते हैं. इस नवरात्रि आपको ​भी हवन करना है तो आपको हवन सामग्री और मंत्र के बारे में जानना चाहिए.

नवरात्रि हवन मुहूर्त

इस साल शारदीय नवरात्रि में दुर्गा अष्टमी 30 सितंबर को है, जबकि महा नवमी 1 अक्टूबर को मनाई जाएगी. 2 अक्टूबर को दुर्गा विसर्जन और विजयादशमी है. इन तीन दिनों में आपको जब भी हवन करना है तो पूजा के बाद हवन करें. उसके बाद कन्या पूजा कर सकते हैं.

1. दुर्गा अष्टमी हवन मुहूर्त

इस दिन का अभिजीत मुहूर्त 11:47 ए एम से 12:35 पी एम तक है और शोभन योग पूरे दिन है. इस दिन अष्टमी तिथि 06:06 पी एम तक है. सुबह 09:12 ए एम से दोपहर 01:40 पी एम तक अच्छा समय है. इसमें लाभ-उन्नति और अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त है.

2. महानवमी हवन मुहूर्त

महानवमी के दिन का अभिजीत मुहूर्त कोई नहीं है. उस दिन रवि योग 08:06 ए एम से पूरे दिन है, जबकि नवमी तिथि 07:01 पी एम तक है. इस दिन शुभ-उत्तम मुहूर्त 10:41 ए एम से 12:10 पी एम है.

3. ​विजयादशमी हवन मुहूर्त

विजयादशमी को पूरे दिन रवि योग है, जबकि सुकर्मा योग रात 11:29 पी एम तक है. उस दिन अभिजीत मुहूर्त 11:46 ए एम से 12:34 पी एम तक है. उस दिन विजय मुहूर्त 02:09 पी एम से 02:56 पी एम तक है.

नवरात्रि हवन सामग्री लिस्ट

एक हवन कुंड, गंगाजल, बेल, पीपल, चंदन, आम और नीम की सूखी लकड़ी, अश्वगंधा, ब्राह्मी, पलाश, गुग्गल, मुलैठी की जड़ और गूलर की छाल, काला तिल, अक्षत्, अगरबत्ती, धूप, दीप, गाय का घी, जौ, रोली, जटावाला एक नारियल, सूखा नारियल, इलायची, लौंग, कपूर, माचिस, लोभान, पान के पत्ते, सुपारी, रक्षासूत्र या कलावा, शहद, शक्कर, फूल, माला, 5 प्रकार के फल, मिठाई, पंचामृत, हवन सामग्री का एक पैकेट, हवन पुस्तिका आदि.

नवरात्रि हवन के मंत्र

ओम आग्नेय नम: स्वाहा
ओम गणेशाय नम: स्वाहा
ओम गौरियाय नम: स्वाहा

ओम नवग्रहाय नम: स्वाहा
ओम दुर्गाय नम: स्वाहा
ओम महाकालिकाय नम: स्वाहा

ओम हनुमते नम: स्वाहा
ओम भैरवाय नम: स्वाहा
ओम कुल देवताय नम: स्वाहा

ओम स्थान देवताय नम: स्वाहा
ओम ब्रह्माय नम: स्वाहा
ओम विष्णुवे नम: स्वाहा

ओम शिवाय नम: स्वाहा

ओम जयंती मंगलाकाली, भद्रकाली कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवाधात्री स्वाहा स्वधा नमस्तुति स्वाहा.

ओम ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी भानु: शशि भूमि सुतो बुधश्च: गुरुश्च शुक्र शनि राहु केतव सर्वे ग्रहा शांति करा भवंतु स्वाहा.

ओम गुरुर्ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु, गुरुर्देवा महेश्वर: गुरु साक्षात् परब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नम: स्वाहा.

ओम शरणागत दीनार्त परित्राण परायणे, सर्व स्थार्ति हरे देवि नारायणी नमस्तुते.

ओम पूर्णमद: पूर्णमिदम् पुर्णात पूण्य मुदच्यते, पुणस्य पूर्णमादाय पूर्णमेल विसिस्यते स्वाहा.

जिन लोगों को नवरात्रि का हवन करना है तो वे दुर्गा अष्टमी, महानवमी और विजयादशमी के दिन शुभ मुहूर्त में हवन सामग्री लेकर हवन कर सकते हैं. हवन के समय में इन मंत्रों का उच्चारण करते हुए हवन करें. यदि आप स्वयं नहीं कर सकते हैं तो किसी योग्य ज्योतिषाचार्य की मदद से हवन करा सकते हैं.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

Source link

Previous post

Shardiya Navratri 2025: यूपी के 5 शक्तिपीठ, जहां सती के गिरे थे केश और चूड़ामणि सहित ये 5 अंग, दर्शन से पूरी होगी मन की हर मुराद

Next post

24 सितंबर 2025 आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang): तृतीया तिथि कहीं अशुभ तो नहीं, शुभ काम करने जा रहे हैं तो जान लें आज की ग्रह-दशा

You May Have Missed