Shardiya Navratri 2025: शारदीय नवरात्रि के लिए पूजा घर में लाना है नया मंदिर? सर्व पितृ अमावस्या पर लाना शुभ या अशुभ, ज्योतिषाचार्य से जानें

Shardiya Navratri 2025: शारदीय नवरात्रि के लिए पूजा घर में लाना है नया मंदिर? सर्व पितृ अमावस्या पर लाना शुभ या अशुभ, ज्योतिषाचार्य से जानें

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shardiya navratri 2025 ghar me naya mandir: शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर सोमवार से शुरू हो रही है. शारदीय नवरात्रि पर पूजा घर के लिए नया मंदिर लाना चाहते हैं तो क्या सर्व पितृ अमावस्या पर उसे घर ला सकते हैं? य​दि नहीं तो किसी दिन लाना शुभ रहेगा? आइए पंडित जी से जानते हैं सही जवाब.

शारदीय नवरात्रि पर पूजा घर के लिए नया मंदिर कब लाना सही रहता है?
शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ 22 सितंबर सोमवार से हो रहा है. इस बार मां दुर्गा गज यानि हाथी पर सवार होकर धरती पर आ रही हैं. मां दुर्गा के स्वागत के लिए लोग अभी से तैयारी में लग गए हैं. शारदीय नवरात्रि की पूजा सामग्री और कलश सामग्री की लिस्ट बना रहे हैं तो कुछ लोग अपने घर नया मंदिर लाने की सोच रहे हैं, ताकि उसमें मां भगवती के साथ अन्य देवी और देवताओं की स्थापना कर सकें. लेकिन समस्या यह है कि पूजा घर के लिए नया मंदिर कब लाएं? 22 सितंबर को शारदीय नवरात्रि शुरू हो रही है तो लोग एक दिन पहले मंदिर लाने की सोच रहे हैं, लेकिन उस दिन सर्व पितृ अमावस्या है. ऐसे में सवाल यह है कि सर्व पितृ अमावस्या के दिन मंदिर घर ला सकते हैं या नहीं? सबसे पहले यह जानना होगा कि सर्व पितृ अमावस्या की तिथि कब से कब तक है और शारदीय नवरा​त्रि के लिए आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि कब से शुरु हो रही है?

दृक पंचांग के अनुसार, सर्व पितृ अमावस्या की आश्विन अमावस्या तिथि 21 सितंबर को 12:16 ए एम से लेकर 22 सितंबर को 01:23 ए एम तक है. इस आधार पर देखा जाए तो सर्व पितृ अमावस्या 21 सितंबर को पूरे दिन है.

दृक पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरा​त्रि की पहली तिथि यानि आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि 22 सितंबर को 01:23 ए एम से लेकर 23 सितंबर 02:55 ए एम तक है. ऐसे में शारदीय नवरा​त्रि की पहली तिथि 22 सितंबर को पूरे दिन है.

सर्व पितृ अमावस्या पर घर ला सकते हैं मंदिर?

महर्षि पाराशर ज्योतिष संस्थान ”ट्रस्ट” लखनऊ के ज्योतिषाचार्य राकेश पाण्डेय का कहना है कि सर्व पितृ अमावस्या के दिन पितरों का विसर्जन होता है. इस दिन पितर ​पृथ्वी लोक से विदा होते हैं और अपने लोक यानि पितृ लोक वापस जाते हैं. ऐसे में सर्व पितृ अमावस्या के दिन शारदीय नवरा​त्रि के लिए अपने घर मंदिर लाना अशुभ होता है. अमावस्या के अवसर पर मंदिर लाना वर्जित है. ऐसा नहीं करना चाहिए.

पूजा घर के लिए नया मंदिर कब लाएं?

इस सवाल पर ज्योतिषाचार्य पाण्डेय कहते हैं कि पूजा घर के लिए मंदिर नवरात्रि के पहले दिन यानि 22 सितंबर सोमवार को लाएं. उस दिन मां दुर्गा का आगमन हो रहा है और ऐसे अवसर पर मंदिर लाना आपके घर के लिए शुभ फलदायी और मंगलकारी होगा.

उस मंदिर में आसन ​लगाकर अपने इष्ट देवी और देवता को स्थापित करें. कलश स्थापना करके शारदीय नवरात्रि की पूजा करें. मां शैलपुत्री की कृपा से आपके जीवन में सुख और समृद्धि आएगी.

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कार्तिकेय तिवारी

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक…और पढ़ें

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक… और पढ़ें

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नवरात्रि के लिए लाना है नया मंदिर? सर्व पितृ अमावस्या पर लाना शुभ या अशुभ

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