Chandra Grahan Sutak Kaal: सूतक काल क्या होता है? साल के अंतिम चंद्र ग्रहण पर जानें कितने घंटे रहेगा ये अशुभ समय, क्या न करें
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Chandra Grahan Sutak Kaal: चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू होता है. सूतक काल को अशुभ समय माना जाता है. सूतक काल के लिए विशेष नियम हैं, जिनका पालन करना चाहिए. आइए जानते हैं कि 7 सितंबर के चंद्र ग्रहण का…और पढ़ें
चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू होता है.चंद्र ग्रहण का सूतक का क्या होता है?
ज्योतिषाचार्य भट्ट के अनुसार, सूतक काल चंद्र ग्रहण के प्रारंभ होने से पहले के समय को कहते हैं. सूतक काल को अशुभ समय माना जाता है क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पाप ग्रह राहु और केतु के कारण चंद्रमा पर ग्रहण लगता है. सूतक काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करते हैं. चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण के समय से 9 घंटे पहले प्रारंभ होगा.
चंद्र ग्रहण का सूतक काल कब शुरू होगा?
चंद्र ग्रहण सूतक काल का समापन
सूतक काल में क्या न करें?
2. इस समय में स्नान, दान, पूजा पाठ पर रोक होती है.
3. सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं.
4. सूतक काल के समय गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान देना होता है. उनको नुकीली वस्तुओं जैसे चाकू, कैंची, सुई आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए.
5. सूतक काल के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करते हैं.
6. सूतक काल के नियमों से बच्चे, बुजुर्ग और बीमार व्यक्तियों को छूट है.
सूतक काल में क्या करें?
2. मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल में मंत्र जाप करने से वह सिद्ध होता है.
3. सूतक काल में गर्भवती महिलाओं के संतान गोपाल मंत्र या संतान रक्षा का मंत्र जाप करना चाहिए.
सूतक काल के बाद क्या करें?
जब चंद्र ग्रहण का सूतक काल खत्म हो जाए तो सबसे पहले घर और मंदिर की साफ सफाई करें. स्वयं स्नान करके साफ कपड़े पहनें. भगवान की पूजा करें और उनको भोग लगाएं. ग्रहण की अवधि में जो भोजन किचन में रखा गया है, उसमें कुशा, दूर्वा या तुलसी के पत्ते डाल सकते हैं. इससे ग्रहण का दोष मिट जाता है. ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके दान जरूर करें. स्नान और दान से पाप-दोष मिटते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है.
कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक…और पढ़ें
कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक… और पढ़ें


