Shardiya Navratri Kab Hai 2025: हाथी पर सवार हो आएंगी मां दुर्गा, जानें कलश स्थापना मुहूर्त, प्रतिपदा से महानवमी तक व्रत कैलेंडर

Shardiya Navratri Kab Hai 2025: हाथी पर सवार हो आएंगी मां दुर्गा, जानें कलश स्थापना मुहूर्त, प्रतिपदा से महानवमी तक व्रत कैलेंडर

शारदीय नवरा​त्रि का शुभारंभ आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है. शारदीय नवरा​त्रि 8, 9, या 10 दिनों की हो सकती है. तिथियों के कम या ज्यादा होने की स्थिति में ऐसा होता है. इस साल शारदीय नवरा​त्रि में मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर धरती पर आएंगी. हर बार दिन के अनुसार मातारानी की सवारी या वाहन बदल जाता है. शारदीय नवरा​त्रि के पहले दिन कलश स्थापना करते हैं, उसके साथ ही दुर्गा पूजा प्रारंभ हो जाती है. नवरा​त्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा करते हैं. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं कि शारदीय नवरा​त्रि कब से शुरू है? कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है? शारदीय नवरा​त्रि के व्रत का कैलेंडर क्या है?

2025 की शारदीय नवरा​त्रि कब से शुरू है?

ज्योतिषाचार्य भट्ट के अनुसार, शारदीय नवरा​त्रि के लिए आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि का शुभारंभ 21 सितंबर दिन रविवार को रात 9 बजकर 24 मिनट पर होगा. इस तिथि का समापन 22 सितंबर दिन सोमवार को रात 9 बजकर 18 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि के आधार पर शारदीय नवरा​त्रि 22 सितंबर सोमवार से शुरू हो रही है.

शारदीय नवरा​त्रि कलश स्थापना मुहूर्त

इस साल 22 सितंबर को शारदीय नवरा​त्रि की कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 19 मिनट से सुबह 7 बजकर 49 मिनट तक है. उसके बाद कलश स्थापना मुहूर्त सुबह 9 बजकर 14 मिनट से सुबह 10 बजकर 45 मिनट तक है. वहीं कलश स्थापना का अभिजीत मुहूर्त दिन में 11 बजकर 55 मिनट से दोपहर 12 बजकर 43 मिनट तक है.

10 दिनों की है शारदीय नवरा​त्रि

ज्योतिषाचार्य भट्ट बताते हैं कि इस बार की शारदीय नवरा​त्रि 10 दिनों की है क्योंकि शारदीय नवरा​त्रि में चतुर्थी तिथि दो दिन हो रही है.

हाथी पर सवार होकर आ रहीं मां दुर्गा

इस साल शारदीय नवरा​त्रि में मां दुर्गा का आगमन गज यानि हाथी पर हो रहा है. हाथी को शुभ माना जाता है. ऐसे में हाथी पर मां दुर्गा का आगमन उनके भक्तों के धन और धान्य में बढ़ोत्तरी करने वाला है. यह अच्छी वर्ष का भी संकेत है.

शारदीय नवरा​त्रि व्रत कैलेंडर

1- शारदीय नवरा​त्रि का पहला दिन: 22 सितंबर, सोमवार, घटस्थापना, शैलपुत्री पूजा
2- शारदीय नवरा​त्रि का दूसरा दिन: 23 सितंबर, मंगलवार, ब्रह्मचारिणी पूजा
3- शारदीय नवरा​त्रि का तीसरा दिन: 24 सितंबर, बुधवार, चन्द्रघण्टा पूजा
4- शारदीय नवरा​त्रि का चौथा दिन: 25 सितंबर, गुरुवार, विनायक चतुर्थी
5- शारदीय नवरा​त्रि का पांचवा दिन: 26 सितंबर, शुक्रवार, कूष्माण्डा पूजा
6- शारदीय नवरा​त्रि का छठा दिन: 27 सितंबर, शनिवार, स्कन्दमाता पूजा
7- शारदीय नवरा​त्रि का सातवां दिन: 28 सितंबर, रविवार, कात्यायनी पूजा
8- शारदीय नवरा​त्रि का आठवां दिन: 29 सितंबर, सोमवार, महा सप्तमी, कालरात्रि पूजा
9- शारदीय नवरा​त्रि का नौवां दिन: 30 सितंबर, मंगलवार, महा अष्टमी, दुर्गा अष्टमी, महागौरी पूजा
10- शारदीय नवरा​त्रि का दसवां दिन: 1 अक्टूबर, बुधवार, महा नवमी, मां सिद्धिदात्री पूजा

शारदीय नवरा​त्रि का पारण: 2 अक्टूबर, गुरुवार, दुर्गा विसर्जन, विजयादशमी

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