भगवत गीता में कितने श्लोक हैं? हर अध्याय के श्लोकों की संख्या और गूढ़ अर्थ
भगवत गीता क्या है?
भगवत गीता महाभारत के भीष्म पर्व का हिस्सा है. यह कुरुक्षेत्र की युद्धभूमि पर भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच हुई बातचीत है. जब अर्जुन युद्ध को लेकर असमंजस में पड़ गए थे, तब श्रीकृष्ण ने उन्हें धर्म, कर्म और भक्ति का ज्ञान दिया. गीता संस्कृत में लिखी गई है और इसमें कुल 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं. यही वजह है कि इसे सनातन धर्म का सबसे बड़ा दार्शनिक और आध्यात्मिक ग्रंथ कहा जाता है.
2. अर्जुन ने 84 श्लोक कहे.
3. संजय ने 41 श्लोक सुनाए.
4. धृतराष्ट्र का सिर्फ 1 श्लोक है.
यानी गीता एक संवादात्मक ग्रंथ है, जिसमें प्रश्न और उत्तर के रूप में गहरी बातें कही गई हैं.
1. अर्जुन विषाद योग – 47 श्लोक
2. सांख्य योग – 72 श्लोक
3. कर्म योग – 43 श्लोक
4. ज्ञान कर्म संन्यास योग – 42 श्लोक
5. कर्म संन्यास योग – 29 श्लोक
6. आत्म संयम योग – 47 श्लोक
7. ज्ञान विज्ञान योग – 30 श्लोक
8. अक्षर ब्रह्म योग – 28 श्लोक
9. राजविद्या राजगुह्य योग – 34 श्लोक
10. विभूति योग – 42 श्लोक
11. विश्वरूप दर्शन योग – 55 श्लोक
12. भक्ति योग – 20 श्लोक
13. क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ विभाग योग – 34 श्लोक
14. गुणत्रय विभाग योग – 27 श्लोक
15. पुरुषोत्तम योग – 20 श्लोक
16. दैवासुर संपद विभाग योग – 24 श्लोक
17. श्रद्धात्रय विभाग योग – 28 श्लोक
18. मोक्ष संन्यास योग – 78 श्लोक
गीता का महत्व
भगवत गीता सिर्फ श्लोकों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह जीवन के हर पहलू को समझाने वाली किताब है. इसमें बताया गया है कि इंसान को कर्म करते रहना चाहिए, बिना फल की चिंता किए. इसमें भक्ति, योग, ध्यान, धर्म और मोक्ष का गहरा संदेश छिपा है. यही वजह है कि आज भी लोग इसे पढ़कर जीवन की दिशा तय करते हैं.


