27 अगस्त को कलंक चतुर्थी, जानें क्यों चंद्र दर्शन से लगता है दोष, कृष्णजी पर भी लग चुका है आरोप

27 अगस्त को कलंक चतुर्थी, जानें क्यों चंद्र दर्शन से लगता है दोष, कृष्णजी पर भी लग चुका है आरोप

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Chandra Dosha Kalanka Chaturthi 2025: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है और इस दिन को कलंक चतुर्थी भी कहते हैं. इस दिन गणेशजी की पूजा का विधान है और चंद्र दर्शन करना…और पढ़ें

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27 अगस्त को कलंक चतुर्थी, जानें क्यों चंद्र दर्शन से लगता है दोष, उपाय
Chandra Dosha Kalanka Chaturthi 2025: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है, और इस तिथि को ही कलंक चतुर्थी भी कहते हैं. पुराणों और ज्योतिषीय ग्रंथों के अनुसार, इस दिन चंद्रमा का दर्शन निषिद्ध माना गया है क्योंकि इससे मिथ्या दोष या कलंक दोष लगता है. हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी तिथि का बेहद मंगलकारी माना जाता है. इस दिन विधि विधान के साथ विघ्नहर्त भगवान गणेश की पूजा अर्चना करने से जीवन में चली आ रही सभी बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में मंगल ही मंगल बना रहता है. लेकिन इस दिन से जुड़ा विशेष नियम यह भी है कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि को चंद्र दर्शन करना वर्जित है. मान्यता है कि इस दिन चंद्र दर्शन करने से कलंक व झठे आरोपों का सामना करना पड़ता है.

इसलिए चंद्र दर्शन से लगता है दोष
एक बार गणेशजी ने भोजन करने के बाद अपनी सवारी मूषक पर सवार होकर गमन किया. उसी समय चंद्रमा ने उनका उपहास किया. क्रोधित होकर गणपति ने चंद्रमा को शाप दे दिया कि आज के दिन जो भी तुम्हारा दर्शन करेगा, उस पर झूठा कलंक लगेगा. इस शाप का परिणाम श्रीकृष्ण को भी भोगना पड़ा. उन पर स्यमंतक मणि चोरी का झूठा आरोप लगा था. बाद में देवताओं के आग्रह पर गणेशजी ने वरदान दिया कि इस दिन चंद्रमा के दर्शन करने से होने वाला दोष सिर्फ दुर्वा, अक्षत और पुष्प का अर्घ्य देकर निवारित किया जा सकेगा.

गणेश चतुर्थी 2025
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पर्व भी मनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गणेशजी का प्राकट्य हुआ था. गणेशजी के जन्मोत्सव के रूप में यह दिन विघ्नों को हरने और बुद्धि-विवेक बढ़ाने वाला है. इस दिन गणेश और चंद्रमा की आराधना करने से चंद्रदोष और राहु-केतु दोष शांत होते हैं. साथ ही श्रद्धा से व्रत-पूजन करने से घर में लक्ष्मी और शुभ फल की वृद्धि होती है. शास्त्रों में कहा गया है कि भगवान गणेश की पूजा करने से सभी कार्यों में सफलता, बुद्धि, विवेक और लक्ष्मी की प्राप्ति होती है.

चंद्र दर्शन होने पर तुरंत करें यह काम
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि चंद्रमा के दर्शन करने से मिथ्य दोष लगता है और झूठे आरोपों का सामना भी करना पड़ता है. अगर इस दिन भूल से चंद्र दर्शन हो जाएं, तो तुरंत जल, दूध और दुर्वा मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें और ॐ सों सोमाय नमः मंत्र का जप करें.

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Parag Sharma

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ें

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ें

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