शनि दोष, साढ़े साती और ढैय्या से पीड़ित व्यक्ति 11 दिन इस मंत्र का जरूर करें जप, फिर देखें चमत्कार

शनि दोष, साढ़े साती और ढैय्या से पीड़ित व्यक्ति 11 दिन इस मंत्र का जरूर करें जप, फिर देखें चमत्कार

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नवग्रहों में शनि को सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है. शनि न्याय के देवता और कर्म के कारक ग्रह हैं. शनि जब किसी पर प्रसन्न होते हैं तो उसको जीवन में कभी किसी चीज की कमी नहीं होती है. वहीं जब व्यक्ति पर…और पढ़ें

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साढ़े साती और ढैय्या से पीड़ित व्यक्ति 11 दिन इस मंत्र का जरूर करें जप
शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या जीवन में सबसे कठिन समय लेकर आते हैं. इस दौरान व्यक्ति को मानसिक तनाव, आर्थिक हानि, रोग, नौकरी/बिजनस में बाधाएं और पारिवारिक क्लेश का सामना करना पड़ता है. शास्त्रों में शनि देव की शांति के लिए मंत्र-जप करना सर्वश्रेष्ठ उपाय बताया गया है. शास्त्र कहते हैं कि अगर कोई व्यक्ति यह मंत्र श्रद्धा से 11 दिन तक जपता है, तो उसके जीवन में शनि की कृपा और स्थिरता अवश्य आती है. शनि मंत्र का जप ना केवल शनि दोष से राहत देता है बल्कि शनिदेव को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीकों में से एक है. शनि मंत्र के जप से पर्सनल व प्रफेशनल लाइफ में भी फायदा मिलता है. आइए जानते हैं शनि दोष, साढ़े साती और ढैय्या से पीड़ित व्यक्ति 11 दिन तक किस मंत्र का जप करें…

11 दिन अवश्य जपें यह शनि मंत्र
ॐ शं शनैश्चराय नमः
ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
यह शनि बीज मंत्र अत्यंत प्रभावशाली है, इसे 11 दिन तक प्रतिदिन 108 बार (एक माला) सुबह और शाम को जपना चाहिए. यह मंत्र शनि दोष, शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभाव को कम करते हैं और सभी चिंताओं और कठिनाइयों को दूर करने की क्षमता रखता है. जो व्यक्ति हर दिन शनिदेव की पूजा अर्चना करता है, शनिदेव हमेशा उस व्यक्ति का मार्गदर्शन करते हैं. शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनि बीज मंत्र का जप करना सबसे कारगर उपाय में से एक है.

जप की विधि
प्रातः स्नान कर साफ वस्त्र पहनें और पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें. सामने शनि देव का चित्र, प्रतिमा या शनि यंत्र स्थापित करें. इसके बाद सरसों तेल का दीपक जलाएं और दीपक में थोड़े से काले तिल अवश्य मिलाएं. इसके बाद रुद्राक्ष की माला से शनि बीज मंत्र का जप करें. जप पूरा होने के बाद शनि स्तोत्र, शनि चालीसा या हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें.

शनि मंत्र के जप के फायदे
शनि मंत्र का हर दिन जप करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्ट धीरे-धीरे कम होने लगते हैं. साथ ही पर्सनल व प्रफेशन लाइफ में चल रही दैनिक समस्याएं भी कम होने लगती हैं. शास्त्रों के अनुसार, जो व्यक्ति इस मंत्र का समर्पण भाव से उच्चारण करता है, उस पर हमेशा शनिदेव की कृपा बनी रहती है. साथ ही मानसिक शांति और आत्मबल की भी प्राप्ति होती है. शनि के मंत्र को समझना और सुनना काफी आसान है और इस मंत्र से शत्रु, रोग और ऋण से रक्षा मिलती है.

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Parag Sharma

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ें

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ें

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