बहनों, सुबह इतने बजे तक तैयार हो जाएं… भाई की कलाई पर राखी बांधने का यह है शुभ मुहूर्त, शाम को बांध सकेंगी या नहीं यह भी जानें

बहनों, सुबह इतने बजे तक तैयार हो जाएं… भाई की कलाई पर राखी बांधने का यह है शुभ मुहूर्त, शाम को बांध सकेंगी या नहीं यह भी जानें

Raksha Bandhan 2025 : हर साल सावन महीने की पूर्णिमा को रक्षाबंधन का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है. यह दिन भाई-बहन के रिश्ते की मिठास और स्नेह को और भी मजबूत करने का अवसर होता है. इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र और सुखद जीवन की कामना करते हुए उसकी कलाई पर राखी बांधती हैं और बदले में भाई उसकी रक्षा का वचन देता है. इस बार रक्षाबंधन 2025 को लेकर काफी शुभ योग बन रहे हैं और एक खास बात यह भी है कि इस दिन भद्रा काल नहीं है, जिससे पूरे दिन राखी बांधना शुभ रहेगा. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.

रक्षाबंधन की तारीख और समय
रक्षाबंधन 2025 का पर्व 9 अगस्त को मनाया जाएगा. श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त को दोपहर 2:12 बजे से शुरू होकर 9 अगस्त को दोपहर 1:24 बजे तक रहेगी. चूंकि उदया तिथि यानी सूर्योदय के समय भी पूर्णिमा रहेगी, इसलिए रक्षाबंधन 9 अगस्त को ही मनाया जाएगा.

शुभ समय:
-ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:22 से 5:04 बजे तक
-अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:17 से 12:53 बजे तक
-सर्वार्थ सिद्धि योग: दोपहर 2:23 बजे तक
-सौभाग्य योग: 9 अगस्त की सुबह से लेकर 10 अगस्त तड़के 2:15 बजे तक

विशेष संयोग
इस बार रक्षाबंधन पर श्रावण नक्षत्र, सर्वार्थ सिद्धि योग, और शिव योग एक साथ बन रहे हैं, जो इसे और भी खास बना रहे हैं. साथ ही यह दिन बिना भद्रा के होगा, जो कई वर्षों बाद एक शुभ संयोग है. माना जा रहा है कि 95 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है.

किस रंग की राखी बांधें?
2025 मंगल का वर्ष है. ज्योतिष के अनुसार इस बार लाल रंग की राखी बांधने से बचना चाहिए. इसकी जगह आप पीले, नारंगी या हरे रंग की राखी का उपयोग कर सकती हैं. साथ ही चांदी की राखी बांधना भी शुभ माना जाता है क्योंकि यह सुख, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक है.

क्या 8 अगस्त को राखी बांधी जा सकती है?
8 अगस्त को पूर्णिमा तिथि शुरू हो रही है, लेकिन उस दिन सूर्यास्त से पहले पूर्णिमा नहीं होगी और इस दिन भद्रा का साया भी हो सकता है. इसलिए राखी 8 अगस्त को न बांधें, बल्कि 9 अगस्त को ही मनाएं.

रक्षा सूत्र बांधने का मंत्र
रक्षा सूत्र बांधते समय यह मंत्र बोला जा सकता है:

“येन बद्धो बलि राजा दानवेन्द्रो महाबलः.
तेन त्वां प्रतिबध्नामि रक्षे माचल माचल॥”

यह मंत्र भाई की रक्षा के लिए शक्ति और सुरक्षा की कामना करता है.

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