1, 2 नहीं बल्की इतने तरह के होते हैं गृह प्रवेश, इन 7 सरल और सटीक नियमों का करें पालन, जीवन में खुशियां भर देगा नया घर!
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Griha Pravesh Niyam : गृह प्रवेश सिर्फ एक रिवाज नहीं, बल्कि यह हमारे जीवन में नयापन और समृद्धि लाने की प्रक्रिया है. यह पूजा और विधियां न सिर्फ हमारे घर को पवित्र करती हैं, बल्कि जीवन में सुख, शांति और समृद्धि भी प्रदान करती हैं.
हाइलाइट्स
- गृह प्रवेश के बाद घर के मालिक को पूरे घर का एक चक्कर लगाना चाहिए.
- घर में दूध उबालना भी शुभ माना जाता है, खासकर गृह प्रवेश के दिन.
Griha Pravesh Niyam : जीवन की सबसे बड़ी खुशियों में से एक है अपना घर बनाना और उसमें प्रवेश करना. जब व्यक्ति नए घर में कदम रखता है, तो यह न सिर्फ एक भौतिक परिवर्तन होता है, बल्कि इसके साथ ही एक नए अध्याय की शुरुआत भी होती है. विशेषकर हिंदू धर्म में, नए घर में प्रवेश करते समय विशेष पूजा-पाठ और नियमों का पालन किया जाता है. इस धार्मिक परंपरा को ‘गृह प्रवेश’ कहते हैं, जो घर के सुख, समृद्धि और शांति की शुरुआत के रूप में माना जाता है. यह पूजा घर में नकारात्मक शक्तियों को नष्ट करने और सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करने के लिए की जाती है. गृह प्रवेश का महत्व प्राचीन शास्त्रों में बताया गया है और इसे लेकर कई महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं. हिंदू धर्म में गृह प्रवेश के समय किए जाने वाले कुछ प्रमुख कार्यों और पूजा विधियों को समझने से घर में शांति और समृद्धि की प्राप्ति हो सकती है. आइए जानते हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से.
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार गृह प्रवेश के तीन मुख्य प्रकार होते हैं
1. अपूर्व गृह प्रवेश – यह उस समय होता है जब व्यक्ति पहली बार अपने नए घर में प्रवेश करता है. इसे विशेष रूप से शुभ और अहम माना जाता है.
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2. सपूर्व गृह प्रवेश – यह उस समय होता है जब व्यक्ति पहले से खरीदे गए घर में पुनः प्रवेश करता है. यह तब होता है जब कोई नया बदलाव या पुनर्निर्माण हुआ हो.
3. द्वंद्व गृह प्रवेश – इस प्रकार के प्रवेश में ऐसे घर का गृह प्रवेश होता है, जिसे फिर से बनाया गया हो या उसमें कोई बड़ा सुधार किया गया हो.
गृह प्रवेश की पूजा विधि-
1. सबसे पहले, गृह प्रवेश के दिन भगवान गणेश की पूजा और वास्तु पूजा करवाना आवश्यक होता है. यह पूजा घर में सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करने का कार्य करती है.
2. घर में प्रवेश करते समय दाहिना पैर पहले रखना चाहिए. इसके बाद पूजा करने के बाद, सभी परिवारजनों को उसी घर में सोना चाहिए.
3. गृह प्रवेश के बाद घर के मालिक को पूरे घर का एक चक्कर लगाना चाहिए, ताकि घर की हर कोने में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो सके.
4. घर की महिला सदस्य को पानी से भरा कलश लेकर पूरे घर में घूमना चाहिए और जगह-जगह पर फूल डालने चाहिए.
5. गृह प्रवेश के दिन एक कलश में पानी या दूध भरकर रखना चाहिए और अगले दिन उसे किसी मंदिर में चढ़ा देना चाहिए.
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6. घर में दूध उबालना भी शुभ माना जाता है, खासकर गृह प्रवेश के दिन.
7. गृह प्रवेश के 40 दिनों तक घर को खाली नहीं छोड़ना चाहिए. घर में किसी न किसी सदस्य का होना जरूरी है, ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे.
January 14, 2025, 19:45 IST
1, 2 नहीं बल्की इतने तरह के होते हैं गृह प्रवेश, 7 सरल नियमों का करें पालन


