सोमवती अमावस्या कब है? व्रत, स्नान, दान से मिलेंगे 5 फायदे, जानें तारीख, मुहूर्त

सोमवती अमावस्या कब है? व्रत, स्नान, दान से मिलेंगे 5 फायदे, जानें तारीख, मुहूर्त

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सोमवती अमावस्या कब है? व्रत, स्नान-दान से मिलेंगे 5 फायदे,जानें तारीख, मुहूर्त

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Somvati Amavasya Kab Hai 2026 Date: सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहते हैं. इस साल की पहली सोमवती अमावस्या अधिकमास के कृष्ण पक्ष में पड़ रही है. सोमवती अमावस्या के दिन स्नान, दान, व्रत और पूजा से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है. सोमवती अमावस्या के 5 फायदे होते हैं. आइए जानते हैं सोमवती अमावस्या की तारीख और मुहूर्त के बारे में.

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सोमवती अमावस्या 2026 तारीख और शुभ मुहूर्त.

Somvati Amavasya Kab Hai 2026 Date: साल 2026 की पहली सोमवती अमावस्या अधिकमास में पड़ रही है. यह अधिकमास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को होगी. सभी अमावस्याओं में सोमवती अमावस्या का विशेष स्थान है क्योंकि इस दिन स्नान, दान, व्रत और पूजा करने से भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद मिलता है, अखंड सौभाग्य का वरदान प्राप्त होता है, इसके अलावा और भी फायदे होते हैं. आइए जानते हैं कि सोमवती अमावस्या कब है? सोमवती अमावस्या पर स्नान, दान और पूजा का मुहूर्त क्या है?

सोमवती अमावस्या 2026 तारीख

वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 14 जून को दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से प्रारंभ होगी और यह अगले दिन 15 जून को सुबह 8 बजकर 23 मिनट तक मान्य रहेगी. ऐसे में उदयातिथि के आधार पर सोमवती अमावस्या 15 जून सोमवार को है.

सोमवती अमावस्या 2026 मुहूर्त

15 जून को सोमवती अमावस्या के दिन स्नान के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त है, जो 04:03 ए एम से लेकर 04:43 ए एम तक है. उस दिन का शुभ समय या अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 54 ए एम से दोपहर 12 बजकर 50 पी एम तक रहेगा.

यदि आप ब्रह्म मुहूर्त में स्नान न कर पाएं तो सूर्योदय 05:23 ए एम के बा भी कर सकते हैं. सोमवती अमावस्या पर स्नान, दान और पूजा के लिए अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त भी है, जो सुबह में 05:23 ए एम से लेकर सुबह 07:08 ए एम तक है.

सोमवती अमावस्या पर शूल योग और मृगशिरा नक्षत्र

इस साल की पहली सोमवती अमावस्या पर शूल योग और मृगशिरा नक्षत्र है. शूल योग प्रात:काल से लेकर सुबह 08:56 ए एम तक है, उसके बाद से गण्ड योग अगले दिन 16 जून को 04:39 ए एम तक रहेगा. मृगशिरा नक्षत्र भी प्रात:काल से लेकर शाम 07:08 पी एम तक है, उसके बाद आर्द्रा नक्षत्र है.

सोमवती अमावस्या का महत्व

  1. सोमवती अमावस्या के दिन सुहागन महिलाएं व्रत रखकर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करते हैं, उनको अखंड सौभाग्य और सुहाग की रक्षा का आशीर्वाद प्राप्त होता है. उनका वैवाहिक जीवन सुखमय होता है.
  2. सोमवती अमावस्या पर पति और पत्नी साथ में शिव और पार्वती जी की पूजा करते हैं, कच्चे दूध, गंगाजल और काले तिल से अभिषेक करते हैं, तो परिवार में सुख और शांति आती है. जीवन के संकट दूर होते हैं.
  3. सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान करने से पाप मिटते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है. इस दिन का स्नान मोक्ष प्रदान करने वाला माना जाता है.
  4. इस बार की सोमवती अमावस्या ज्येष्ठ अधिकमास में है तो आप स्नान के बाद जल का दान जरूर करें. हरि कृपा से आपको मोक्ष ​मिलेगा, सारे पाप मिट जाएंगे. दान में आप वस्त्र, अन्न, फल, छाता, पंखा आदि भी दे सकते हैं.
  5. सोमवती अमावस्या पर पितरों के लिए तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध आदि करते हैं, ताकि पितृ दोष से मुक्ति मिल सके. पितर प्रसन्न होते हैं, तो वे वंश वृद्धि और परिवार की उन्नति का आशीर्वाद देते हैं.

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कार्तिकेय तिवारीDeputy News Editor

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें

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