सुबह उठते ही महसूस होती है सुस्ती? घर में छिपी ये 6 गलतियां हो सकती हैं जिम्मेदार

सुबह उठते ही महसूस होती है सुस्ती? घर में छिपी ये 6 गलतियां हो सकती हैं जिम्मेदार

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Vastu Tips for Positive Energy: सुबह उठते ही शरीर में सुस्ती, आलस और भारीपन महसूस होना आजकल एक आम समस्या बन चुका है. कई बार भरपूर नींद लेने के बाद भी दिनभर थकान बनी रहती है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, इसके पीछे आपके घर का माहौल और वहां मौजूद नकारात्मक ऊर्जा भी जिम्मेदार हो सकती है. ऋषिकेश के ज्योतिषी अखिलेश पांडेय ने कुछ ऐसे बेहद आसान वास्तु उपाय बताए हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने घर से सुस्ती और नकारात्मकता को हमेशा के लिए दूर भगा सकते हैं. इन उपायों से आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा के साथ-साथ सुख-समृद्धि का भी वास होगा.

ऋषिकेश: हम सभी चाहते हैं कि दिनभर ऊर्जा से भरपूर रहें और अपने काम पूरे उत्साह के साथ करें, लेकिन कई बार बिना किसी स्पष्ट कारण के आलस, सुस्ती और थकान महसूस होने लगती है. इसका असर न केवल हमारी कार्यक्षमता पर पड़ता है, बल्कि मानसिक स्थिति और जीवनशैली पर भी पड़ता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का वातावरण और उसमें मौजूद ऊर्जा हमारे व्यवहार, सोच और सक्रियता को प्रभावित कर सकती है. यदि घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाए या कुछ सामान्य वास्तु नियमों की अनदेखी हो जाए, तो व्यक्ति को बार-बार आलस और उत्साह की कमी महसूस हो सकती है. ऐसे में कुछ आसान उपाय अपनाकर घर के माहौल को सकारात्मक बनाया जा सकता है.

लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान ज्योतिषी अखिलेश पांडेय ने बताया कि घर में गंदगी और बिखरा हुआ सामान नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है. जब घर का वातावरण अव्यवस्थित होता है, तो इसका प्रभाव व्यक्ति के मन और शरीर दोनों पर पड़ता है. इसलिए घर की नियमित सफाई करना बेहद जरूरी माना जाता है. खासतौर पर कोनों, स्टोर रूम और ऐसी जगहों को साफ रखना चाहिए जहां अक्सर धूल जमा हो जाती है. साफ-सुथरा घर सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है और मन को हल्का महसूस कराता है.

सुबह रोशनी और ताजी हवा है जरूरी
प्राकृतिक रोशनी भी घर की ऊर्जा को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण तत्व मानी जाती है. यदि घर में पर्याप्त धूप नहीं आती या दिनभर पर्दे बंद रहते हैं, तो वातावरण भारी और नीरस महसूस हो सकता है. सुबह के समय खिड़कियां और दरवाजे खोलकर धूप और ताजी हवा को घर में आने देना चाहिए. इससे घर का माहौल ताजगी से भर जाता है और शरीर में भी नई ऊर्जा का संचार होता है.

ईशान कोण को हमेशा रखें साफ
वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को बेहद शुभ माना गया है. यह दिशा आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र मानी जाती है. यदि इस हिस्से में अनावश्यक सामान, कचरा या भारी वस्तुएं रखी हों, तो ऊर्जा का प्रवाह बाधित हो सकता है. इसलिए इस दिशा को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखने की सलाह दी जाती है. यहां हल्के रंगों का उपयोग और साफ-सफाई बनाए रखने से सकारात्मक प्रभाव बढ़ सकता है.

घर से नकारात्मकता भगाने के उपाय
सुबह के समय घर में ताजी हवा का प्रवेश भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. बंद वातावरण में नकारात्मकता और भारीपन महसूस हो सकता है. इसलिए रोज सुबह कुछ समय के लिए खिड़कियां खोलना लाभकारी माना जाता है. ताजी हवा न केवल वातावरण को शुद्ध करती है, बल्कि मानसिक ताजगी और सक्रियता को भी बढ़ावा देती है. इससे दिन की शुरुआत अधिक सकारात्मक तरीके से हो सकती है.

घर में सुगंधित धूप, कपूर या प्राकृतिक खुशबू का उपयोग भी वातावरण को सकारात्मक बनाने में मदद कर सकता है. माना जाता है कि कपूर जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में शांति व सकारात्मकता का संचार होता है. इसके अलावा चंदन, गुलाब या अन्य प्राकृतिक सुगंधों का प्रयोग भी मन को प्रसन्न रखने में सहायक माना जाता है.

टूटे-फूटे सामान को घर से रखें दूर
वास्तु के अनुसार घर में टूटे-फूटे सामान, खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या लंबे समय से अनुपयोगी वस्तुओं को जमा करके रखना भी ऊर्जा के प्रवाह को प्रभावित कर सकता है. ऐसी वस्तुएं न केवल जगह घेरती हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी बोझ का एहसास कराती हैं. समय-समय पर इन चीजों को हटाने से घर में नई ऊर्जा और ताजगी बनी रहती है.

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Seema Nath

सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें

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