वृषभ संक्रांति कब है? 58 मिनट का महा पुण्य काल, बनेगा सवार्थ सिद्धि योग, जानें तारीख
वृषभ संक्रांति कब है? 58 मिनट का महा पुण्य काल, जानें तारीख, मुहूर्त, महत्व
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Vrishabha Sankranti 2026 Date: इस साल वृषभ संक्रांति पर सवार्थ सिद्धि योग बन रहा है और भद्रा भी लग रही है. वृषभ संक्रांति पर स्नान और दान करते हैं. इसके लिए महा पुण्य काल उत्तम होता है. इस बार महा पुण्य काल 58 मिनट का है. आइए जानते हैं कि वृषभ संक्रांति कब है?
वृषभ संक्रांति 2026 तारीख और महा पुण्य काल. (Photo: AI)
Vrishabha Sankranti 2026 Date: सूर्यदेव जब मेष से निकलकर वृषभ राशि में गोचर करते हैं, तब उस समय सूर्य की वृषभ संक्रांति होती है. उस दिन सौर कैलेंडर के दूसरे माह वृषभ की शुरुआत होती है. इस साल वृषभ संक्रांति पर सवार्थ सिद्धि योग बन रहा है और 58 मिनट का महा पुण्य काल होगा, जिसमें वृषभ संक्रांति का स्नान और दान किया जाएगा. इस बार वृषभ संक्रांति पर पुण्य काल भी 58 मिनट का ही होगा. वृषभ संक्रांति के दिन स्नान और दान करने से पुण्य लाभ होता है. सूर्य मंत्रों का जाप करना भी कल्याणकारी होता है. आइए जानते हैं कि वृषभ संक्रांति कब है? वृषभ संक्रांति का महा पुण्य काल कब से कब तक है?
वृषभ संक्रांति 2026 तारीख
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल 15 मई को सूर्यदेव सुबह में 6 बजकर 28 मिनट पर गोचर करेंगे. उस दिन वृषभ संक्रांति क्षण 6 बजकर 28 मिनट पर है. ऐसे में वृषभ संक्रांति 15 मई शुक्रवार को मनाई जाएगी.
वृषभ संक्रांति 2026 महा पुण्य काल
15 मई को वृषभ संक्रांति का महा पुण्य काल सुबह 5 बजकर 30 मिनट से सुबह 6 बजकर 28 मिनट तक रहेगा. इस दिन पुण्य काल भी इतने समय तक ही रहेगा. 58 मिनट के महा पुण्य काल में आपको वृषभ संक्रांति का स्नान कर लेना चाहिए.
वृषभ संक्रांति पर स्नान और दान
वृषभ संक्रांति का यह स्नान आप किसी पवित्र नदी में कर सकते हैं या फिर घर पर पानी गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें. उसके बाद साफ कपड़े पहनें और पितरों के लिए जल दान करें या तर्पण दें. इससे आपके पितर प्रसन्न होंगे. उसके बाद अन्न, वस्त्र, फल, कंबल, भोजन, बर्तन आदि का दान करें. कुंडली में सूर्य कमजोर है तो गेहूं, गुड़, लाल रंग के फूल, फल, लाल चंदन आदि का दान कर सकते हैं. सूर्य के मंत्रों का जाप करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं.
सर्वार्थ सिद्धि योग में वृषभ संक्रांति
इस बार वृषभ संक्रांति पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है. सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह में 05:30 ए एम से प्रारंभ होगा और रात 08:14 पी एम तक बनेगा. इस योग में किए गए कार्य सफल होते हैं. इस योग में आप वृषभ संक्रांति का स्नान और दान करके अपनी मनोकामनाएं पूरी कर सकते हैं.
वृषभ संक्रांति पर भद्रा
वृषभ संक्रांति के दिन भद्रा भी लग रही है. यह भद्रा सुबह में 08 बजकर 31 मिनट पर लग रही है और शाम को 06 बजकर 54 मिनट तक रहेगी. इस भद्रा का वास स्वर्ग में होगा, इसलिए इसका कोई दुष्प्रभाव धरती पर नहीं होगा.
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कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें


