रंक को राजा बना देगा तांबे का सूरज, भोंदू बच्चा भी बन जाएगा टॉपर…जानिए कैसे?
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Vastu Tips : क्या आपके मुख्य द्वार पर भी तांबे का सूरज लगा है. लोकल 18 से अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि तांबे से बना सूर्य घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाने और नकारात्मक प्रभावों को कम करने का प्रतीक माना जाता है. सूर्य जीवन, तेज, आत्मविश्वास और सकारात्मकता का प्रतीक है, जबकि तांबा ऊर्जा के संचार से जुड़ा है. पंडित कल्कि राम बताते हैं कि इससे घर में सुख-शांति का वातावरण बनता है, आर्थिक उन्नति के मौके बढ़ते हैं.
अयोध्या. वास्तु शास्त्र में घर की सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के लिए कई उपाय बताए गए हैं. इन्हीं में से एक उपाय है मुख्य द्वार पर तांबे का सूरज लगाना. तांबे से बना सूर्य घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाने और नकारात्मक प्रभावों को कम करने का प्रतीक माना जाता है. लोकल 18 से अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि वास्तु में तांबे को सूर्य का प्रतिनिधि धातु माना गया है. इसलिए जब तांबे से बना सूर्य घर के मुख्य द्वार पर लगाया जाता है. इसे ऊर्जा संतुलन और शुभता का प्रतीक माना जाता है. पंडित कल्कि राम के मुताबिक सूर्य जीवन, तेज, आत्मविश्वास और सकारात्मकता का प्रतीक है, जबकि तांबा ऊर्जा के संचार से जुड़ा माना जाता है. दोनों का यह संयोजन घर के वातावरण को सकारात्मक बनाए रखने में सहायक माना जाता है.
क्यों होता है ऐसा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, तांबे का सूरज लगाने के लिए पूर्व दिशा सबसे उपयुक्त है. पूर्व दिशा से सूर्य का उदय होता है और सुबह की पहली किरणें यदि तांबे के सूर्य पर पड़ती हैं, तो इसे शुभ संकेत माना जाता है. मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और नकारात्मकता दूर रहती है. यदि मुख्य द्वार पूर्व दिशा में है, तो वहां तांबे का सूरज लगाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है. मुख्य द्वार पर तांबे का सूरज लगाने के कई लाभ बताए जाते हैं.
सलाह लेना क्यों जरूरी
पंडित कल्कि राम बताते हैं कि इससे घर में सुख-शांति का वातावरण बनता है, आर्थिक उन्नति के अवसर बढ़ते हैं और धन संबंधी रुकावटें कम होती हैं. परिवार के सदस्यों का आत्मविश्वास बढ़ने, पढ़ाई और करियर में बेहतर प्रदर्शन और मानसिक एकाग्रता में भी लाभ मिलने की बात कही जाती है. हालांकि तांबे का सूरज हमेशा सही दिशा और उचित ऊंचाई पर ही लगाया जाए. गलत दिशा में लगाने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते. अगर आप भी वास्तु नियमों में आस्था रखते हैं, तो मुख्य द्वार पर तांबे का सूरज लगाने से पहले किसी योग्य ज्योतिष से सलाह जरूर लें.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें


