मेरे घर का एंट्रेंस साउथ फेसिंग है, जो मेरी लाइफ में 3 चीजों पर ज्यादा असर डाल रही है, वास्तु एक्सपर्ट ने बताए कुछ सरल उपाय

मेरे घर का एंट्रेंस साउथ फेसिंग है, जो मेरी लाइफ में 3 चीजों पर ज्यादा असर डाल रही है, वास्तु एक्सपर्ट ने बताए कुछ सरल उपाय

South Facing House: जब भी बात घर खरीदने की होती है, लोग सबसे पहले दिशा पर ध्यान देते हैं. खासकर साउथ फेसिंग घर को लेकर तो हमेशा से ही कई तरह की बातें सुनने को मिलती हैं. कुछ लोग मानते हैं कि दक्षिण मुखी घर ठीक नहीं होता, तो कुछ लोग इसे राजा-महाराजाओं का घर बताते हैं. ऐसे में परेशानी ये होती है कि असली सच क्या है? अगर कोई पहले से साउथ फेसिंग घर में रहता है तो उसके दिमाग में भी यही सवाल घूमता रहता है कि क्या ये घर मुझे सूट करेगा या नहीं? असल में, इस दिशा को लेकर जितना डर बनाया गया है, उतना मामला खराब नहीं है. सच ये है कि साउथ फेसिंग घर अच्छा है या खराब-ये सिर्फ दिशा से तय नहीं होता, बल्कि आपकी एंट्रेंस किस पॉइंट पर है, ये सबसे अहम बात है. यानी मुख्य दरवाज़ा किस डिग्री में आता है, उसी पर तय होता है कि घर खुशहाली लाएगा या दिक्कत. बहुत लोग सिर्फ दिशा देखकर फैसला ले लेते हैं, लेकिन सही तरीका है कि पहले एंट्रेंस का एंगल चेक किया जाए, अगर एंट्रेंस पॉज़िटिव ज़ोन में है तो दक्षिण मुखी घर भी आपकी लाइफ बदल सकता है. भोपाल निवासी ज्योतिषी, वास्तु विशेषज्ञ एवं न्यूमेरोलॉजिस्ट हिमाचल सिंह ने इस आर्टिकल में पूरी जानकारी आसान शब्दों में समझाई है.

साउथ फेसिंग घर को लेकर लोगों में डर क्यों रहता है?
भारत में ज्यादातर लोग मानते हैं कि दक्षिण दिशा थोड़ी तेज और एक्टिव होती है. इसी वजह से कई लोग बिना समझे इस दिशा वाले घर को खराब मान लेते हैं. असल बात ये है कि दिशा खुद कभी खराब नहीं होती, खराब या अच्छा सिर्फ एंट्रेंस बनाता है.

साउथ फेसिंग घर असल में किसे माना जाता है?
अगर आपके घर का मुख्य दरवाज़ा दक्षिण की तरफ खुलता है और घर का फ्रंट साउथ की ओर है, तो आपका घर दक्षिण मुखी माना जाता है. मतलब घर की एनर्जी का सीधा कनेक्शन इसी दिशा से बनता है.

साउथ फेसिंग घर अच्छा है या नहीं -इसका असली राज़ एंट्रेंस में छिपा है
वीडियो के अनुसार, दक्षिण मुखी घर में रहने वालों के लिए सबसे ज़रूरी बात है-एंट्रेंस का सही पॉइंट.
अगर आपकी एंट्रेंस 150° से 180°-के बीच आती है, तो ये एरिया साउथ और साउथ-ईस्ट के उस हिस्से में आता है जिसे वास्तु में S2, S3 और S4-ज़ोन कहा जाता है.
इन्हें राजा बनाने वाली एंट्रेंस कहा जाता है.

क्यों माना जाता है ये एंट्रेंस इतनी पॉज़िटिव?
क्योंकि ये जोन एक्टिव होते हुए भी बैलेंस बनाए रखते हैं. ऐसे घर में रहने वालों को मौके, तरक्की, पैसा और कामयाबी जल्दी मिलती है. कई लोग बिना जाने ऐसे घर छोड़ देते हैं जो असल में काफी मजबूत और ग्रोथ देने वाले होते हैं.

कब साउथ फेसिंग घर आपको सूट नहीं करेगा?
अगर आपकी एंट्रेंस 180° के बाद आती है, यानी 190°, 200°, 210°, 220° जैसे पॉइंट्स पर,
तो ये एरिया वास्तु के अनुसार बेहद कमजोर माना जाता है.

इस तरह की एंट्रेंस क्या दिक्कत देती है?
-बार-बार रुकावटें
-फाइनेंशियल उतार-चढ़ाव
-काम में मन न लगना
-मौके बनते-बनते हाथ से निकल जाना

यानी कुल मिलाकर ये एंट्रेंस आपकी लाइफ को बैलेंस नहीं रहने देती और ऐसे घर लंबे समय तक आपको सूट नहीं करते.

South facing house

अपनी एंट्रेंस कैसे चेक करें?
-मोबाइल कम्पास ऐप खोलें
-मुख्य दरवाज़े पर खड़े होकर बाहर की तरफ फेस करें
-डिग्री नोट करें

बस इससे आपको साफ पता चल जाएगा कि आपका घर पॉज़िटिव ज़ोन में आता है या नहीं.

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