प्रेग्नेंसी में कैसे करें Karwa Chauth का व्रत, शास्त्रों से जानें गर्भवती महिलाएं इस तरह मांगे पति की लंबी उम्र की कामना
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Karwa Chauth Vrat Vidhi For Pregnant Women: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ का व्रत किया जाता है. गर्भावस्था में करवा चौथ मनाना केवल व्रत रखने तक सीमित नहीं होता, इस दिन गर्भवती महिलाओं को पति और परिवार का पूरा सहयोग मिले, तभी यह व्रत रखें अन्यथा ना रखें. अगर आप व्रत कर रहे हैं तो इन नियमों का पालन करें. शास्त्रों से जानें गर्भवती महिलाएं करवा चौथ पर इस तरह मांगे पति की लंबी उम्र की कामना…
Karwa Chauth Vrat Vidhi For Pregnant Women: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत किया जाता है और इस बार यह शुभ तिथि 10 अक्टूबर दिन शुक्रवार को है. करवा चौथ का व्रत हिंदू धर्म में सुहागिन स्त्रियों का सबसे पवित्र और प्रिय व्रत माना गया है. यह दिन पति की लंबी उम्र और दांपत्य सुख के लिए रखा जाता है, यह व्रत त्याग, प्रेम और समर्पण का प्रतीक है. लेकिन जब कोई महिला प्रेग्नेंट होती है, तो यह सवाल सबसे पहले उठता है क्या वो भी करवा चौथ का व्रत रख सकती है? अगर हां, तो कैसे. आइए जानते हैं गर्भवती महिलाएं करवा चौथ का व्रत कैसे करें, ताकि व्रत का संपूर्ण फल प्राप्त हो सके.

गर्भावस्था में करवा चौथ का महत्व
करवा चौथ का व्रत हर सुहागन महिला के लिए बेहद खास होता है. करवा चौथ में महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी खाकर पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और रात को चांद देखकर पति के हाथ से जल ग्रहण कर व्रत तोड़ती हैं. माना जाता है कि यह व्रत ना सिर्फ पति की लंबी आयु बल्कि वैवाहिक जीवन में सुख, प्रेम और विश्वास को भी मजबूत करता है. स्कंद पुराण, पद्म पुराण, और महाभारत के अनुशासन पर्व में इस व्रत का उल्लेख मिलता है. गर्भावस्था में करवा चौथ मनाना केवल व्रत रखने तक सीमित नहीं होता. यह परिवार और पति-पत्नी के बीच भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करता है. इस दिन पति का सहयोग, समझ और देखभाल भी उतनी ही जरूरी है जितनी पत्नी की श्रद्धा.
सबसे पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें
गर्भवती महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें. हर महिला की सेहत, गर्भ का महीना और शारीरिक स्थिति अलग होती है इसलिए व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह मशविरा अवश्य लें. अगर आपकी प्रेग्नेंसी का पहला या आखिरी महीना चल रहा है, तो निर्जला व्रत रखना खतरनाक हो सकता है. डॉक्टर अक्सर सलाह देते हैं कि गर्भवती महिलाएं निर्जला (बिना पानी) व्रत ना रखें. दिन में कुछ फल, नारियल पानी या दूध लेते रहना बेहतर है ताकि डिहाइड्रेशन या कमजोरी ना हो.

गर्भवती महिला करवा चौथ का व्रत कैसे करें
शास्त्रों में बताया गया है कि सामान्यत: महिलाएं करवा चौथ का व्रत निर्जला उपवास करती हैं लेकिन गर्भवती महिलाओं को यह बिल्कुल नहीं करना चाहिए. आप बीच बीच में फल का सेवन, दूध, नारियल, पानी आदि का सेवन कर सकते हैं. व्रत का भाव सबसे महत्वपूर्ण होता है शरीर को तकलीफ में डालना इस व्रत का उद्देश्य नहीं है. व्रत का संकल्ल लेते समय मन ही मन बोलें कि मैं अपने सामर्थ्य और स्वास्थ्य के अनुसार यह व्रत कर रही हैं. इसके बाद आप व्रत शुरू कर दें. दिन में किसी समय आराम से बैठकर करवा चौथ की कथा सुनें या पढ़ें. कथा सुनने के समय थाली में रखे करवे को हाथ में लेकर घूमाएं और कथा पूरी होने पर अपनी सास या परिवार की बड़ी महिला को दे दें.
शाम के समय पूजा करने की जगह को साफ सुथरा रखें और करवा माता की तस्वीर या कैलेंडर का रख दें. करवा माता के साथ साथ आप चौकी पर भगवान शिव, माता पार्वती और करवे का रख सकते हैं. अब हर जगह गंगाजल से छिड़काव करें और दीपक जला दें. इसके बाद करवा माता की पूजा अर्चना करें और सुहाग का सामान अर्पित करें. मिठाई, फल आदि का भोग लगाएं और आरती करें. करवा माता से पति की लंबी उम्र की कामना करें और बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना भी करें.
रात के समय चांद निकलने पर अर्घ्य दें और छलनी और दीपक से चंद्रमा को देखें. इसके बाद चंद्रमा और माता पार्वती से पति और शिशु की लंबी आयु की कामना करें और सुख समृद्धि का आशीर्वाद दें. इसके बाद पति से आशीर्वाद लें. अब हल्के भोजन से व्रत को खोलें. गर्भवती महिला को बिल्कुल भी भूखे पेट या भारी मसालेदार खाना तुरंत नहीं खाना चाहिए.
मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ें
मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ें


