पूजा में महिलाएं न करें ये आम गलतियां, वरना पूजा का असर हो सकता है बेअसर और अशुभ
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Hindu Rituals For Women: पूजा केवल मंत्र बोलने या दीप जलाने का नाम नहीं है. यह आपकी भावनाओं, परिवार के प्रति सम्मान और पति के लिए समर्पण का प्रतीक है. इन छोटे-छोटे नियमों का पालन करके आप पूजा को पूरी तरह से शुभ…और पढ़ें
महिलाओं के लिए पूजा नियमHindu Rituals For Women: पढ़ते-पढ़ते आप सोच सकती हैं कि पूजा सिर्फ मंत्र पढ़ने या दीप जलाने तक सीमित है, लेकिन ऐसा नहीं है. खासकर सुहागिन महिलाओं के लिए पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है. यह सिर्फ धार्मिक कृत्य नहीं बल्कि परिवार में सुख, शांति और पति की लंबी उम्र के लिए भी किया जाता है, लेकिन पूजा करते समय कई छोटी-छोटी बातें हैं, जिनका ध्यान न रखने पर पाप या दोष लग सकता है. सही दिशा में खड़े होना, हाथ, गला और मांग सही स्थिति में रखना और कुछ खास चीजें न करना-ये सभी नियम बहुत जरूरी हैं. इन पर ध्यान देकर आप पूजा को पूरी तरह शुभ बना सकती हैं. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.
महिलाओं के लिए पूजा के दौरान जरूरी नियम
1. सिंदूर और चंदन का तिलक
सुहागिन महिला के लिए सबसे पहला नियम है कि पूजा के दौरान चंदन का तिलक कभी अपने माथे पर न लगाएं. शास्त्रों के अनुसार, जब तक पति जीवित हैं, सिर्फ लाल सिंदूर का ही उपयोग करना चाहिए. यह पति के प्रति समर्पण और सुख-शांति का प्रतीक माना जाता है. गलती से चंदन लगाने से पूजा का प्रभाव कम हो सकता है.
3. कलाई, गला और मांग को सूना न रखें
पूजा करते समय अपनी कलाई, गला और मांग खाली न रखें. गले में मंगल सूत्र या हल्दी के धागे का पहनना और मांग में सिंदूर का होना जरूरी है. यह सिर्फ आभूषण नहीं बल्कि धार्मिक महत्व और शुभता का प्रतीक हैं.
पूजा करते समय अपनी कलाई, गला और मांग खाली न रखें. गले में मंगल सूत्र या हल्दी के धागे का पहनना और मांग में सिंदूर का होना जरूरी है. यह सिर्फ आभूषण नहीं बल्कि धार्मिक महत्व और शुभता का प्रतीक हैं.
4. सही दिशा और सामग्री का ध्यान
पूजा करते समय हमेशा पूर्व दिशा की ओर मुख रखें. इसके दाहिने ओर घंटी, धूप, दीप और अगरबत्ती रखें. इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और पूजा का असर घर में जल्दी महसूस होता है. दिशा और सामग्री का सही होना पूजा के असर को दोगुना कर देता है.
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