पढ़ाई में मन नहीं लगाता बच्चा, तो यहां जानिए स्कूल बैग के रंग से जुड़ी ये बाते

पढ़ाई में मन नहीं लगाता बच्चा, तो यहां जानिए स्कूल बैग के रंग से जुड़ी ये बाते

हर माता-पिता की यही इच्छा होती है कि उनका बच्चा पढ़ाई में मन लगाए, आत्मविश्वासी बने और जीवन में सफलता हासिल करे. इसके लिए वे अच्छी शिक्षा, संतुलित आहार और सकारात्मक वातावरण देने का प्रयास करते हैं. लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बच्चों के दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी उनके मानसिक विकास और एकाग्रता पर प्रभाव डाल सकती हैं. इन्हीं वस्तुओं में से एक है स्कूल बैग, जिसे बच्चा प्रतिदिन अपने साथ लेकर जाता है.

कैसा होना चाहिए स्कूल बैग का रंग

इस बारे में लोकल 18 को अधिक जानकारी देते हुए अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी ने बताया कि स्कूल बैग का रंग बच्चे की ऊर्जा, मनोदशा और पढ़ाई में रुचि को प्रभावित कर सकता है. कुछ रंग सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं, जबकि कुछ रंगों को बच्चों के लिए कम अनुकूल माना गया है. उन्होंने कहा कि विशेष रूप से काला और गहरा नीला रंग ऐसे रंग हैं, जिनसे बचने की सलाह दी जाती है.

उन्होंने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, काले रंग का संबंध शनि ग्रह से माना जाता है. शनि को अनुशासन और गंभीरता का कारक तो माना जाता है, लेकिन साथ ही यह बाधाओं, सुस्ती और मानसिक दबाव से भी जुड़ा होता है. उनका कहना है कि यदि बच्चे के स्कूल बैग का रंग काला हो, तो उसका स्वभाव थोड़ा उदास, चिड़चिड़ा या आलसी हो सकता है. इससे पढ़ाई में रुचि कम होने और ध्यान भटकने की संभावना बढ़ सकती है.

उन्होंने कहा कि गहरे नीले रंग को भी कुछ ज्योतिषीय मतों में बच्चों के लिए कम अनुकूल माना गया है. ऐसा माना जाता है कि यह रंग मानसिक गति को धीमा कर सकता है और बच्चे के भीतर अनिश्चितता तथा निष्क्रियता की भावना बढ़ा सकता है. इसलिए यदि बच्चा पहले से ही भावुक या अधिक सोचने वाला हो, तो नीला रंग उसकी एकाग्रता को प्रभावित कर सकता है.

कौन सा रंग है शुभ

इसके विपरीत, लाल, पीला और नारंगी रंग बच्चों के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं. लाल रंग ऊर्जा, साहस और सक्रियता का प्रतीक है, जो बच्चे को उत्साही बनाए रखने में सहायक माना जाता है. पीला रंग बुद्धिमत्ता, सकारात्मक सोच और सीखने की क्षमता को बढ़ावा देने वाला माना जाता है, जबकि नारंगी रंग आत्मविश्वास, रचनात्मकता और मानसिक उत्साह का प्रतीक है.

पंडित दीपलाल जयपुरी के अनुसार, यदि माता-पिता बच्चों के लिए इन शुभ रंगों का स्कूल बैग चुनते हैं, तो इससे उनके मनोबल, आत्मविश्वास और पढ़ाई में रुचि बढ़ सकती है. हालांकि यह ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है, लेकिन सकारात्मक रंगों का मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी बच्चों के व्यवहार और सोच पर पड़ सकता है.

उन्होंने बताया कि यदि आप अपने बच्चे के लिए नया स्कूल बैग खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो ज्योतिषीय दृष्टि से लाल, पीले या नारंगी रंग को प्राथमिकता देना लाभकारी माना जा सकता है. सही रंग का चयन बच्चे के व्यक्तित्व विकास और शैक्षणिक प्रगति में सहायक साबित हो सकता है.

बच्चों को पहनाएं हल्के रंग के कपड़े

उन्होंने यह भी बताया कि वास्तु शास्त्र में बच्चों के वस्त्रों के बारे में भी विशेष बातें कही गई हैं. बच्चों को काले, भूरे और गहरे नीले रंग के कपड़े पहनाने से बचना चाहिए. इसके बजाय हल्के रंग के कपड़े पहनाना शुभ माना जाता है, जिसमें हल्का पीला, सफेद और गुलाबी रंग विशेष रूप से लाभकारी बताए गए हैं.

इसके साथ ही उन्होंने सलाह दी कि बच्चे स्कूल जाते समय मां सरस्वती की पूजा जरूर करें. अपनी कॉपी-किताब में मोर पंख रखें और मां सरस्वती की छोटी प्रतिमा भी साथ रख सकते हैं, क्योंकि मान्यता है कि इससे पढ़ाई में लाभ मिलता है.

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