द्रौपदी के अलावा अर्जुन की 3 और भीम की थीं 2 पत्नियां, जानें पांचों पांडवों के गुप्त विवाह

द्रौपदी के अलावा अर्जुन की 3 और भीम की थीं 2 पत्नियां, जानें पांचों पांडवों के गुप्त विवाह

Mahabharat Pandavas Wives: महाभारत कथा में पांचों पांडवों का जीवन जितना वीरता और धर्म के लिए प्रसिद्ध है, उतना ही उनके पारिवारिक जीवन को लेकर भी लोगों में जिज्ञासा रहती है. आमतौर पर लोग द्रौपदी को ही पांडवों की पत्नी के रूप में जानते हैं, लेकिन महाभारत के अनुसार पांचों पांडवों की कई अन्य पत्नियां भी थीं. इन विवाहों से उन्हें अनेक पुत्र प्राप्त हुए, जिन्होंने आगे चलकर विभिन्न राज्यों और वंशों को आगे बढ़ाया. महाभारत में द्रौपदी को पांचों पांडवों की मुख्य पटरानी माना गया था, जिनसे उन्हें 5 पुत्र हुए जिन्हें उपपांडव कहा जाता है. लेकिन द्रौपदी के अलावा भी पांडवों ने राजनीतिक और व्यक्तिगत कारणों से अन्य विवाह किए थे. आइए जानते हैं पांचों भाइयों के पूरे परिवार के बारे में…

युधिष्ठिर की पत्नियां और संतान
सबसे बड़े पांडव युधिष्ठिर की प्रमुख पत्नी द्रौपदी थीं, जिनसे उन्हें प्रतिविंध्य नामक पुत्र प्राप्त हुआ. इसके अलावा उन्होंने देविका से भी विवाह किया था, जो शिवि देश के राजा गोवासन की पुत्री थीं. देविका से युधिष्ठिर के पुत्र यौधेय का जन्म हुआ.

भीम की पत्नियां और संतान
महाबली भीम की तीन प्रमुख पत्नियों का उल्लेख मिलता है. द्रौपदी से उन्हें सुतसोम नामक पुत्र प्राप्त हुआ. वनवास के दौरान भीम ने राक्षसी हिडिंबा से विवाह किया, जिनसे महाशक्तिशाली घटोत्कच का जन्म हुआ. इसके अलावा उन्होंने काशी की राजकुमारी वलंधरा (या बलंधरा) से विवाह किया था, जिनसे सर्वंग नामक पुत्र पैदा हुआ.

अर्जुन की पत्नियां और संतान
पांडवों में अर्जुन के सबसे अधिक विवाह हुए थे. द्रौपदी से उन्हें श्रुतकर्मा नामक पुत्र मिला. इसके अतिरिक्त अर्जुन ने सुभद्रा, उलूपी और चित्रांगदा से भी विवाह किया था. सुभद्रा, जो भगवान श्रीकृष्ण की बहन थीं, उनसे अर्जुन के वीर पुत्र अभिमन्यु का जन्म हुआ. नागकन्या उलूपी से इरावान नामक पुत्र प्राप्त हुआ, जबकि मणिपुर की राजकुमारी चित्रांगदा से बभ्रुवाहन का जन्म हुआ. महाभारत और उससे जुड़ी कथाओं में इन सभी पुत्रों का विशेष महत्व बताया गया है.

नकुल की पत्नियां और संतान
अश्वविद्या में निपुण नकुल की प्रमुख पत्नी द्रौपदी थीं. उनसे उन्हें शतानीक नामक पुत्र प्राप्त हुआ. इसके अलावा नकुल ने चेदि देश की राजकुमारी करेणुमती से विवाह किया था. इस विवाह से उनके पुत्र निरमित्र का जन्म हुआ.

सहदेव की पत्नियां और संतान
सबसे छोटे पांडव सहदेव की पत्नी द्रौपदी से श्रुतसेन नामक पुत्र हुआ. इसके अलावा उन्होंने मद्र देश की राजकुमारी विजया से विवाह किया था. सहदेव ने मद्र नरेश द्युतिमान की पुत्री विजया से स्वयंवर के जरिए विवाह किया था. विजया से सहदेव के पुत्र सुहोत्र का जन्म हुआ.

केवल सुभद्रा का वंश आगे बढ़ा
द्रौपदी के सख्त नियम के कारण उनकी अन्य पत्नियां हस्तिनापुर के महल में साथ नहीं रहती थीं, वे ज्यादातर अपने मायके में ही रहीं. कुरुक्षेत्र युद्ध के बाद केवल सुभद्रा के वंशज (अभिमन्यु के पुत्र परीक्षित) ही जीवित बचे, जिन्होंने आगे पांडव वंश को चलाया.

महाभारत युद्ध के बाद क्या हुआ?
महाभारत युद्ध के दौरान पांडवों के कई पुत्रों ने भी वीरता दिखाई. हालांकि युद्ध समाप्ति के बाद एक दुखद घटना में अश्वत्थामा ने रात में सोते समय द्रौपदी के पांचों पुत्रों प्रतिविंध्य, सुतसोम, श्रुतकर्मा, शतानीक और श्रुतसेन का वध कर दिया. दूसरी ओर अभिमन्यु, घटोत्कच, इरावान और अन्य पुत्रों ने भी युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कई वीरगति को प्राप्त हुए. महाभारत के अनुसार पांडव केवल महान योद्धा ही नहीं थे, बल्कि उनके परिवार और वंशज भी भारतीय पौराणिक इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं. उनकी पत्नियों और संतानों से जुड़ी कथाएं आज भी लोगों के बीच विशेष रुचि का विषय बनी हुई हैं.

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