दरवाजे के पीछे टांगते हैं गीला तौलिया या रखी हैं ये चीजें? बढ़ सकता है राहु दोष
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Vastu Tips: वास्तु और ज्योतिष के अनुसार दरवाजे के पीछे कपड़े, जूते, तौलिया या दवाइयां टांगना नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है. घर में सुख-शांति और सकारात्मकता बनाए रखने के लिए इस जगह को साफ और खाली रखना बेहतर माना जाता है.
दरवाजे के पीछे सामान टांगना शुभ या अशुभ?
Vastu Tips: घर में जगह कम हो तो लोग अक्सर दरवाजे के पीछे हुक लगाकर कपड़े, बैग, तौलिया या दूसरी चीजें टांग देते हैं. देखने में यह एक आसान और स्मार्ट तरीका लगता है, लेकिन ज्योतिष और वास्तु शास्त्र इसे शुभ नहीं मानते. मान्यता है कि दरवाजे के पीछे रखा या टांगा गया सामान घर की सकारात्मक ऊर्जा को रोक देता है. खासकर जब वहां गीले कपड़े, जूते या दवाइयों से जुड़ी चीजें रखी जाएं, तो इसका असर घर के माहौल, मानसिक शांति और आर्थिक स्थिति तक पर पड़ सकता है.
वास्तु शास्त्र के अनुसार यह आदत धीरे-धीरे राहु और शनि से जुड़े दोषों को बढ़ाने लगती है, जिससे परिवार में तनाव, अनावश्यक खर्च और कामों में रुकावटें आने लगती हैं. यही वजह है कि वास्तु में दरवाजे के पीछे की जगह को हमेशा साफ, हल्का और व्यवस्थित रखने की सलाह दी जाती है.
दरवाजे के पीछे क्यों नहीं टांगना चाहिए सामान
वास्तु शास्त्र में दरवाजा केवल आने-जाने का रास्ता नहीं माना गया, बल्कि इसे ऊर्जा का प्रवेश द्वार कहा जाता है. घर के मुख्य द्वार से सकारात्मक ऊर्जा अंदर आती है और दरवाजे के पीछे का हिस्सा ऊर्जा के प्रवाह को प्रभावित करता है. यदि वहां अनावश्यक सामान भरा हो तो ऊर्जा रुकने लगती है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इससे राहु का प्रभाव बढ़ सकता है, जो भ्रम, तनाव और मानसिक अशांति का कारण बनता है.
गीले कपड़े और तौलिया बढ़ाते हैं नकारात्मकता
कई घरों में लोग नहाने के बाद तौलिया दरवाजे के पीछे टांग देते हैं. वास्तु के अनुसार यह आदत सही नहीं मानी जाती. गीले कपड़े और तौलिया नमी पैदा करते हैं, जिससे घर में भारीपन और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लगती है. कहा जाता है कि इससे परिवार के सदस्यों में चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है और छोटी-छोटी बातों पर विवाद होने लगते हैं.
दवाइयों का बैग बन सकता है बीमारी का संकेत
कुछ लोग सुविधा के लिए दवाइयों का बैग भी दरवाजे के पीछे टांग देते हैं. ज्योतिष शास्त्र में इसे रोग ऊर्जा को सक्रिय करने वाला माना गया है. मान्यता है कि इससे घर में बीमारी का माहौल बना रहता है और इलाज पर खर्च बढ़ सकता है. पुराने या एक्सपायर दवाइयों को लंबे समय तक संभालकर रखना भी वास्तु दोष का कारण माना जाता है.
जूते-चप्पल से बढ़ती है अशांति
दरवाजे के पीछे जूते-चप्पल रखना भी शुभ नहीं माना जाता. वास्तु विशेषज्ञों के मुताबिक इससे घर की सकारात्मकता कम होती है और परिवार में तनाव का माहौल बन सकता है. कई लोग इसे छोटी बात समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन धीरे-धीरे इसका असर घर की शांति और आर्थिक स्थिति पर दिखने लगता है.
ऐसे करें वास्तु और ज्योतिषीय उपाय
अगर दरवाजे के पीछे सामान रखने की आदत है तो धीरे-धीरे इसे बदलने की कोशिश करें. उस जगह को साफ और खाली रखें. वहां हल्का सुगंधित वातावरण बनाए रखना शुभ माना जाता है. ज्योतिषाचार्य दरवाजे के पीछे ‘ॐ’ या स्वास्तिक का चिह्न लगाने की सलाह भी देते हैं. मान्यता है कि इससे राहु और शनि से जुड़ी नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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मीडिया की दुनिया में मेरा सफर एक रेडियो जॉकी के रूप में शुरू हुआ था, जहां शब्दों की ताकत से श्रोताओं के दिलों तक पहुंच बनाना मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि रही. माइक के पीछे की यह जादुई दुनिया ही थी जिसने मुझे इलेक्ट्र…और पढ़ें


