तीन पवित्र नदियों के संगम पर बसा है सोमनाथ धाम, इसलिए कहा जाता है मोक्ष तीर्थ

तीन पवित्र नदियों के संगम पर बसा है सोमनाथ धाम, इसलिए कहा जाता है मोक्ष तीर्थ

होमताजा खबरधर्म

तीन पवित्र नदियों के संगम पर बसा है सोमनाथ धाम, इसलिए कहा जाता है मोक्ष तीर्थ

Last Updated:

Triveni Sangam: सोमनाथ मंदिर भारत के सबसे पवित्र ज्योतिर्लिंगों में गिना जाता है. यह मंदिर सिर्फ भगवान शिव की वजह से ही नहीं, बल्कि यहां मौजूद त्रिवेणी संगम के कारण भी बेहद खास माना जाता है. मान्यता है कि यहां तीन पवित्र नदियों का संगम होता है, जिसकी वजह से इस स्थान को मोक्ष तीर्थ कहा जाता है. श्रद्धालु यहां स्नान और पूजा करके आत्मिक शांति और पापों से मुक्ति की कामना करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस जगह का संबंध श्रीकृष्ण के अंतिम समय से भी जुड़ा हुआ है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

सोमनाथ मंदिर

Triveni Sangam: भारत में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों का विशेष महत्व माना जाता है और उनमें सोमनाथ मंदिर का नाम सबसे पहले लिया जाता है. गुजरात के प्रभास पाटन में स्थित यह मंदिर आस्था, इतिहास और अध्यात्म का अद्भुत संगम माना जाता है. हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं. समुद्र किनारे बना यह मंदिर अपने भव्य स्वरूप और धार्मिक महत्व के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि सोमनाथ सिर्फ ज्योतिर्लिंग होने की वजह से ही खास नहीं है. यह स्थान त्रिवेणी संगम के कारण भी बेहद पवित्र माना जाता है. यहां तीन नदियों का मिलन होता है और इसी वजह से इसे मोक्ष तीर्थ कहा जाता है.

कौन सी हैं सोमनाथ में मिलने वाली तीन नदियां
सोमनाथ में जिस त्रिवेणी संगम का जिक्र होता है, वहां हिरण, कपिला और सरस्वती नदियों का संगम माना जाता है. हिरण नदी को यहां की मुख्य नदी माना जाता है, जबकि कपिला नदी भी धार्मिक दृष्टि से काफी पवित्र मानी जाती है. तीसरी नदी सरस्वती को अदृश्य नदी माना जाता है. मान्यता है कि सरस्वती धरती के नीचे बहती हुई यहां आकर मिलती है. इन्हीं तीनों नदियों के मिलन को त्रिवेणी संगम कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां स्नान करना बेहद पुण्यदायक माना गया है.

क्यों कहा जाता है इसे मोक्ष तीर्थ
सोमनाथ के त्रिवेणी संगम को मोक्ष तीर्थ कहा जाता है क्योंकि मान्यता है कि यहां स्नान और पूजा करने से आत्मा को शांति मिलती है और पापों से मुक्ति मिलती है. हिंदू धर्म में संगम स्थलों का हमेशा से खास महत्व रहा है. माना जाता है कि जहां नदियों का मिलन होता है, वहां दिव्य ऊर्जा का वास होता है. यही वजह है कि श्रद्धालु यहां आकर स्नान करते हैं और अपने पूर्वजों के लिए तर्पण भी करते हैं. कई लोग यह भी मानते हैं कि यहां किए गए धार्मिक कर्मों से मोक्ष की प्राप्ति होती है, इसलिए इसे मोक्ष तीर्थ कहा जाता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

श्रीकृष्ण से भी जुड़ा है यह स्थान
सोमनाथ मंदिर और प्रभास क्षेत्र का संबंध भगवान श्रीकृष्ण से भी जोड़ा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहीं प्रभास क्षेत्र में श्रीकृष्ण ने अपने अवतार का समापन किया था. कहा जाता है कि एक शिकारी के तीर लगने के बाद श्रीकृष्ण इसी क्षेत्र में पहुंचे थे. इस वजह से यह स्थान वैष्णव और शिव भक्त दोनों के लिए बेहद पवित्र माना जाता है. यही कारण है कि यहां सिर्फ शिव भक्त ही नहीं, बल्कि श्रीकृष्ण में आस्था रखने वाले लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं.

त्रिवेणी संगम पर क्या करते हैं श्रद्धालु
सोमनाथ आने वाले श्रद्धालु सबसे पहले त्रिवेणी संगम पर स्नान करना शुभ मानते हैं. इसके बाद मंदिर में जाकर भगवान शिव के दर्शन किए जाते हैं. कई लोग यहां पिंडदान और तर्पण भी करते हैं. मान्यता है कि यहां किए गए कर्म पूर्वजों की आत्मा को शांति देते हैं. सुबह और शाम के समय संगम का दृश्य काफी शांत और आध्यात्मिक महसूस होता है. समुद्र की लहरें, मंदिर की घंटियां और मंत्रों की आवाज श्रद्धालुओं को अलग ही अनुभव देती है.

इतिहास और आस्था का अद्भुत संगम
सोमनाथ मंदिर का इतिहास भी बेहद रोचक माना जाता है. कहा जाता है कि इस मंदिर को कई बार तोड़ा गया, लेकिन हर बार इसे फिर से बनाया गया. आज का भव्य मंदिर भारतीय संस्कृति और आस्था की ताकत का प्रतीक माना जाता है. यहां पहुंचकर लोगों को सिर्फ धार्मिक अनुभव ही नहीं, बल्कि इतिहास और संस्कृति से जुड़ाव भी महसूस होता है.

समुद्र किनारे का अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव
सोमनाथ मंदिर अरब सागर के किनारे स्थित है. यहां का समुद्री नजारा मंदिर की भव्यता को और खास बना देता है. शाम के समय आरती और समुद्र की लहरों का दृश्य श्रद्धालुओं के मन को शांति देता है. यही वजह है कि यहां आने वाले लोग सिर्फ दर्शन ही नहीं, बल्कि आत्मिक सुकून का अनुभव भी लेकर लौटते हैं.

क्यों एक बार जरूर जाना चाहिए सोमनाथ
अगर आप धार्मिक यात्रा, इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता तीनों का अनुभव एक साथ करना चाहते हैं, तो सोमनाथ मंदिर जरूर जाना चाहिए. यह जगह सिर्फ मंदिर नहीं, बल्कि आस्था और अध्यात्म का ऐसा केंद्र मानी जाती है जहां श्रद्धालु खुद को भीतर से शांत और सकारात्मक महसूस करते हैं. त्रिवेणी संगम और मोक्ष तीर्थ की मान्यता इस जगह को और भी खास बना देती है.

About the Author

authorimg

Mohit Mohit

मीडिया इंडस्ट्री में 8+ साल का अनुभव, ABP, NDTV, दैनिक जागरण और इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़कर काम किया। लाइफस्टाइल, धर्म और संस्कृति की कहानियों को रोचक अंदाज़ में प्रस्तुत करने का खास हुनर।…और पढ़ें

Source link

You May Have Missed