झाड़ू लगाने के दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, घर में बढ़ सकती है नकारात्मकता

झाड़ू लगाने के दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, घर में बढ़ सकती है नकारात्मकता

Safai Rules: घर की सफाई सिर्फ चमक-दमक तक सीमित नहीं होती, ये बात हम सब जानते है, लेकिन फिर भी अक्सर हम इसे बस एक रोज़मर्रा का काम समझकर जल्दी-जल्दी निपटा देते हैं. यहीं से छोटी-छोटी गलतियां शुरू होती हैं. खासकर झाड़ू लगाने का तरीका-जिसे आम तौर पर कोई खास महत्व नहीं दिया जाता-वास्तु के नजरिए से काफी अहम माना जाता है. कई लोग सुबह उठते ही झाड़ू लगा लेते हैं, कुछ लोग शाम को भी सफाई कर लेते हैं, और कुछ ऐसे भी हैं जो कचरा देर तक घर में ही पड़ा रहने देते हैं.

सुनने में ये छोटी बातें लगती हैं, लेकिन मान्यता है कि इनका असर घर की ऊर्जा और माहौल पर पड़ता है, अगर घर में बार-बार तनाव, पैसों की कमी या अजीब सी बेचैनी महसूस होती है, तो हो सकता है वजह ये छोटी गलतियां ही हों. आइए समझते हैं कि झाड़ू लगाने का सही तरीका क्या है और किन आदतों से बचना बेहतर रहेगा.

झाड़ू लगाने का तरीका क्यों माना जाता है खास
वास्तु शास्त्र में हर चीज का एक संतुलन बताया गया है-चाहे वो फर्नीचर की दिशा हो या सफाई का तरीका. झाड़ू को भी सिर्फ सफाई का साधन नहीं, बल्कि ऊर्जा को संतुलित करने वाला माना गया है. कई घरों में आपने देखा होगा कि लोग झाड़ू को छुपाकर रखते हैं या उस पर पैर लगने को गलत मानते हैं. ये सब मान्यताओं से जुड़ा हुआ है. असल जिंदगी में भी अगर देखें, तो जब घर साफ-सुथरा रहता है, तो मन हल्का और पॉजिटिव महसूस करता है, लेकिन अगर सफाई ही गलत तरीके से हो, तो वही काम उल्टा असर डाल सकता है.

अंदर से बाहर की ओर झाड़ू लगाना
क्यों माना जाता है गलत अक्सर लोग कमरे के अंदर से बाहर की तरफ झाड़ू लगाते हैं ताकि कचरा जल्दी बाहर निकल जाए, लेकिन वास्तु के हिसाब से इसे सही नहीं माना जाता. कहा जाता है कि ऐसा करने से घर की अच्छी ऊर्जा भी बाहर चली जाती है. आपने ध्यान दिया होगा, कुछ घरों में हर चीज ठीक होने के बावजूद भी चैन नहीं मिलता. ऐसे में ये छोटी आदतें भी वजह बन सकती हैं. बेहतर यही है कि झाड़ू हमेशा बाहर से अंदर की ओर लगाई जाए, ताकि सकारात्मक माहौल बना रहे.

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मुख्य दरवाजे से सफाई शुरू न करना
क्या है सही तरीका बहुत से लोग किचन या कमरे से सफाई शुरू करते हैं और अंत में दरवाजे तक पहुंचते हैं, लेकिन मान्यता है कि सफाई की शुरुआत मुख्य दरवाजे से करनी चाहिए. मुख्य दरवाजा घर का वो हिस्सा है जहां से ऊर्जा अंदर आती है, अगर वहीं से सफाई शुरू की जाए, तो एक तरह से आप घर के लिए अच्छा माहौल तैयार करते हैं. ये बात सुनने में थोड़ी अलग लग सकती है, लेकिन कई लोग इसे फॉलो करते हैं और फर्क भी महसूस करते हैं.

कचरा घर में इकट्ठा छोड़ देना
छोटी गलती, बड़ा असर झाड़ू लगाने के बाद अगर कचरा कोने में पड़ा रह जाए, तो सफाई का मकसद ही अधूरा रह जाता है. कई बार हम सोचते हैं कि बाद में फेंक देंगे, लेकिन वही “बाद में” कई घंटों तक खिंच जाता है. वास्तु में कचरे को नकारात्मकता से जोड़ा गया है, अगर वो घर में ही रहे, तो माहौल पर असर पड़ सकता है. इसलिए कोशिश करें कि सफाई के तुरंत बाद कचरा बाहर कर दें. इससे घर हल्का और साफ महसूस होता है.

शाम के समय झाड़ू लगाना
क्या सच में गलत है?
-ये एक ऐसी बात है जिस पर लोगों की अलग-अलग राय होती है. कुछ लोग कहते हैं कि शाम को झाड़ू लगाना ठीक नहीं, जबकि कई लोग इसे सामान्य मानते हैं.

-वास्तु के अनुसार सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे लक्ष्मी के जाने से जोड़ा जाता है. हालांकि अगर किसी वजह से शाम को सफाई करनी पड़े, तो ध्यान रखें कि कचरा बाहर न फेंकें. ये एक छोटी सी सावधानी है, जिसे आसानी से अपनाया जा सकता है.

झाड़ू को सही जगह रखना भी जरूरी
-झाड़ू को कहां रखा जाता है, ये भी उतना ही अहम है. इसे खुले में या नजर के सामने रखना ठीक नहीं माना जाता. ज्यादातर लोग इसे दरवाजे के पीछे या किसी कोने में छुपाकर रखते हैं.

-असल में ये आदत घर को व्यवस्थित रखने में भी मदद करती है. जब चीजें सही जगह पर होती हैं, तो घर खुद-ब-खुद सुकून भरा लगता है.

रोजमर्रा की आदतों में छोटा बदलाव
कई बार हम सोचते हैं कि ऐसी बातों का क्या असर होगा, लेकिन जब इन्हें अपनाया जाता है, तो फर्क धीरे-धीरे महसूस होने लगता है. जैसे सुबह की शुरुआत साफ घर से करना, या सफाई के बाद तुरंत कचरा बाहर करना-ये सब छोटे बदलाव हैं, लेकिन असर बड़ा हो सकता है.

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