घर में सुख, शांति और धन चाहते हैं तो सबसे पहले इन 5 चीजों को करें बाहर
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Vastu Shastra: घर में सुख, शांति और तरक्की की चाहत हर इंसान की होती है. कोई दिन-रात मेहनत करता है, कोई नए मौके तलाशता है, तो कोई पूजा-पाठ और ज्योतिषीय उपायों का सहारा लेता है, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि खूब कोशिशों के बाद भी काम अटकने लगते हैं, पैसों की तंगी बनी रहती है या फिर परिवार में बिना वजह तनाव बढ़ने लगता है. ज्योतिष और वास्तु शास्त्र की मानें तो इसके पीछे सिर्फ ग्रह-नक्षत्र ही नहीं, बल्कि घर में मौजूद कुछ ऐसी चीजें भी हो सकती हैं जो नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं. माना जाता है कि ये वस्तुएं धीरे-धीरे सकारात्मक कंपन को कमजोर कर देती हैं, जिससे जीवन के कई क्षेत्रों पर असर पड़ने लगता है, अगर आपके घर में भी ऐसी चीजें मौजूद हैं, तो समय रहते उन पर ध्यान देना फायदेमंद साबित हो सकता है.
वास्तु और ज्योतिष का क्या है संबंध? वास्तु शास्त्र और ज्योतिष दोनों ही ऊर्जा संतुलन पर आधारित माने जाते हैं. जहां ज्योतिष ग्रहों की चाल और उनके प्रभाव को समझाता है, वहीं वास्तु घर के भीतर मौजूद ऊर्जा के प्रवाह को नियंत्रित करने की बात करता है. मान्यता है कि जब घर का वातावरण सकारात्मक होता है, तो ग्रहों के शुभ प्रभाव भी बेहतर तरीके से फल देते हैं, लेकिन कुछ वस्तुएं ऐसी होती हैं जो इस संतुलन को बिगाड़ सकती हैं.

टूटे-फूटे बर्तन: मां लक्ष्मी को नहीं होते पसंद रसोई को घर का सबसे महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है. ज्योतिष में इसका संबंध शुक्र और चंद्र ग्रह से जोड़ा जाता है. ऐसे में यदि घर में चटके हुए कप, प्लेट या टूटे बर्तन रखे हों, तो यह आर्थिक असंतुलन का कारण माना जाता है. कई लोग मामूली दरार वाले बर्तनों का इस्तेमाल करते रहते हैं, लेकिन वास्तु मान्यता कहती है कि इससे घर में तनाव और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं, अगर ऐसे बर्तन आपके घर में मौजूद हैं, तो उन्हें हटाना बेहतर माना जाता है.

बंद या टूटी हुई घड़ियां: रुका हुआ समय और ठहरी हुई किस्मत क्यों माना जाता है अशुभ? ज्योतिषीय मान्यताओं में घड़ी को समय और अवसर का प्रतीक माना गया है, अगर घर में कोई घड़ी बंद पड़ी है या उसका शीशा टूटा हुआ है, तो इसे जीवन में रुकावटों का संकेत माना जाता है. अक्सर देखा गया है कि लोग पुरानी घड़ियों को यादगार समझकर संभालकर रख लेते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार ऐसी घड़ियां घर में ठहरी हुई ऊर्जा पैदा करती हैं. माना जाता है कि इससे नए अवसर मिलने में देरी हो सकती है और करियर की गति भी प्रभावित हो सकती है.
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खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान: तरक्की में अदृश्य बाधा आज के दौर में लगभग हर घर में पुराने मोबाइल, खराब चार्जर, बंद टीवी या बेकार इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिल जाते हैं. ज्योतिषीय नजरिए से ये वस्तुएं रुकी हुई ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती हैं. जब ऐसे सामान लंबे समय तक घर में पड़े रहते हैं, तो माना जाता है कि वे सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को प्रभावित करते हैं. कई वास्तु जानकार सलाह देते हैं कि अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामान को समय-समय पर घर से बाहर कर देना चाहिए ताकि नई ऊर्जा के लिए जगह बन सके.

पुराने और फटे जूते-चप्पल: शनि दोष का कारण? क्या कहता है ज्योतिष? ज्योतिष में पैरों और जूतों का संबंध शनि ग्रह से जोड़ा जाता है. माना जाता है कि फटे, टूटे या लंबे समय से बेकार पड़े जूते-चप्पल घर में नकारात्मक कंपन पैदा करते हैं. कई बार लोग पुराने जूतों को भविष्य में इस्तेमाल करने के इरादे से संभालकर रख लेते हैं, लेकिन वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा करने से घर में शनि का अशुभ प्रभाव बढ़ सकता है. इसके चलते कामों में देरी, अनावश्यक खर्च और मानसिक दबाव जैसी स्थितियां बन सकती हैं.

सूखे और मुरझाए पौधे: कमजोर पड़ सकती है सकारात्मक ऊर्जा घर में हरियाली को सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. खासकर हरे-भरे पौधे वातावरण को जीवंत बनाते हैं, लेकिन जब पौधे सूख जाते हैं या उनकी पत्तियां लगातार मुरझाई रहती हैं, तो वास्तु में इसे शुभ नहीं माना जाता. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूखे पौधे जीवन में ठहराव और निराशा का संकेत देते हैं. ऐसे पौधे घर के माहौल को भी बोझिल बना सकते हैं. इसलिए अगर कोई पौधा पूरी तरह सूख चुका है, तो उसकी जगह नया पौधा लगाना बेहतर माना जाता है.

क्या सिर्फ इन चीजों को हटाने से बदल जाएगी किस्मत? वास्तु और ज्योतिष में बताए गए उपाय आस्था और मान्यताओं पर आधारित होते हैं. इनका उद्देश्य घर में सकारात्मक माहौल बनाना और ऊर्जा संतुलन को बेहतर करना माना जाता है. हालांकि सफलता, तरक्की और खुशहाली के लिए मेहनत, सही फैसले और सकारात्मक सोच भी उतनी ही जरूरी मानी जाती है. यदि घर में ऐसी वस्तुएं मौजूद हैं जो नकारात्मकता का एहसास कराती हैं, तो उन्हें हटाना मानसिक और भावनात्मक रूप से भी लाभदायक हो सकता है.


