गोमती चक्र से खुलते हैं तरक्की और धन लाभ के रास्ते, बस करना होगा ये उपाय
हर व्यक्ति चाहता है कि उसे नौकरी में पदोन्नति मिले, व्यापार में लगातार वृद्धि हो और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहे. इसके लिए लोग दिन-रात मेहनत करते हैं, नई योजनाएं बनाते हैं और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं. बता दें कि गोमती चक्र को सनातन परंपरा में बेहद पवित्र और चमत्कारी माना जाता है. ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में इसका विशेष महत्व बताया गया है. दरअसल, मान्यता है कि यह दुर्लभ प्राकृतिक शंख गोमती नदी में पाया जाता है और इसे धन की देवी मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है. यही कारण है कि लोग इसे घर, दुकान और तिजोरी में स्थापित करते हैं, ताकि सुख-समृद्धि बनी रहे और नकारात्मक ऊर्जा दूर हो सके.
क्या है गोमती चक्र
वहीं, इस बारे में लोकल 18 की टीम ने अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी से बातचीत की. उन्होंने बताया कि गोमती चक्र केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत भी माना जाता है. उन्होंने कहा कि ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि गोमती चक्र को तिजोरी या व्यापारिक स्थल के कैश बॉक्स में रखने से धन संबंधी परेशानियां दूर होने लगती हैं और आय के नए रास्ते खुलते हैं. कई लोग इसे बरकत और आर्थिक स्थिरता का प्रतीक मानते हैं. मान्यता है कि जिस घर में विधि-विधान से गोमती चक्र स्थापित किया जाता है, वहां मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और परिवार में सुख-शांति का वातावरण बना रहता है.
गोमती चक्र के फायदे
उन्होंने बताया कि वास्तु शास्त्र के अनुसार गोमती चक्र नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने में भी मददगार माना जाता है. यदि घर में लगातार तनाव, अशांति या किसी प्रकार की बाधाएं बनी रहती हैं, तो गोमती चक्र का उपाय लाभकारी माना जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार, इसे घर के मुख्य द्वार पर लगाने या भवन निर्माण के समय नींव में रखने से वास्तु दोष कम होते हैं. इसके अलावा, इसे उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में रखना सबसे शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिशा सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र मानी जाती है.
बुरी नजर और नकारात्मक प्रभावों से भी बचाता है
उन्होंने कहा कि गोमती चक्र को मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ाने वाला भी बताया गया है. इसलिए विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग इसे अपने पास रखते हैं, ताकि मन स्थिर रहे और कार्यों में सफलता प्राप्त हो सके. उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्यक्ति को बुरी नजर और नकारात्मक प्रभावों से भी बचाता है. इसी वजह से कई लोग इसे सुरक्षा कवच के रूप में धारण करते हैं.
गोमती चक्र का उपयोग करते समय कुछ विशेष नियमों का पालन
हालांकि, गोमती चक्र का उपयोग करते समय कुछ विशेष नियमों का पालन करना भी जरूरी माना जाता है. ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी के अनुसार, इसका प्रयोग हमेशा विषम संख्या जैसे 1, 3, 5, 7, 11 या 21 में ही करना चाहिए. इसके अलावा, इसे बिना शुद्ध किए सीधे उपयोग में नहीं लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार सबसे पहले गोमती चक्र को गंगाजल या कच्चे दूध से धोकर शुद्ध करना चाहिए. इसके बाद कुमकुम और अक्षत लगाकर मां लक्ष्मी का ध्यान करते हुए “ॐ श्रीं नमः” मंत्र का जाप करना चाहिए. फिर इसे मंदिर, तिजोरी या व्यापार स्थल पर स्थापित करना शुभ माना जाता है.
गोमती चक्र का कैसे करें इस्तेमाल
उन्होंने बताया कि धन लाभ और बरकत बनाए रखने के लिए 11 गोमती चक्रों को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या पर्स में रखने का उपाय भी काफी लोकप्रिय है. इसलिए धार्मिक आस्था रखने वाले लोग इसे समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रभावी उपाय मानते हैं.


