गणेश चतुर्थी कब है? 10 दिनों तक चलता है उत्सव, अनंत चतुर्दशी को होगा समापन, जानें तारीख
गणेश चतुर्थी कब है? 10 दिनों तक चलता है उत्सव, जानें तारीख और मुहूर्त
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Ganesh Chaturthi Kab Hai 2026 Date: गणेश चतुर्थी का 10 दिनों का उत्सव भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू होता है. इसका समापन चतुर्दशी के दिन होता है, उसे अनंत चतुर्दशी कहते हैं. इस दिन गणेश जी की मूर्तियों का विसर्जन होता है. इस बार गणेश चतुर्थी पर 3 शुभ योग बन रहे हैं. आइए जानते हैं कि गणेश चतुर्थी कब है? गणेश पूजा मुहूर्त और महत्व क्या है?
गणेश चतुर्थी 2026 तारीख और शुभ मुहूर्त.
Ganesh Chaturthi Kab Hai 2026 Date: गणेश चतुर्थी का उत्सव महाराष्ट्र समेत देश के कई हिस्सों में धूमधाम से मनाते हैं. इस दिन व्रत रखते हैं, विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की स्थापना करके विधि विधान से उनकी पूजा करते हैं. गणेश चतुर्थी को शुरू होने वाला यह जन्मोत्सव 10 दिनों तक चलता है और उसके बाद गणेश जी का विसर्जन अनंत चतुर्दशी को होता है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी मनाते हैं और भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी को इसका समापन होता है.
गणेश चतुर्थी 2026 तारीख
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 14 सितंबर को सुबह में 7 बजकर 6 मिनट पर होगा. चतुर्थी तिथि 15 सितंबर को सुबह 7 बजकर 44 मिनट तक रहेगी. ऐसे में चतुर्थी का चंद्रोदय 14 सितंबर को होगा. इस आधार पर गणेश चतुर्थी 14 सितंबर दिन सोमवार का मनाई जाएगी.
गणेश चतुर्थी 2026 मुहूर्त
14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 2 घंटे 28 मिनट तक है. उस दिन व्रती को पूजा के लिए शुभ समय दिन में 11 बजकर 2 मिनट से दोपहर 1 बजकर 31 मिनट तक प्राप्त होगा. इस दिन आप विधि विधान से गणपति बप्पा की स्थापना करें.
3 शुभ योग में गणेश चतुर्थी 2026
गणेश चतुर्थी के दिन 3 शुभ योग बन रहे हैं. उस दिन रवि योग, ब्रह्म योग और इंद्र योग बन रहे हैं. ब्रह्म योग प्रात:काल से लेकर दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा, उसके बाद से इंद्र योग बनेगा. वहीं रवि योग दोपहर में 01 बजकर 55 मिनट से अगले दिन 15 सितंबर को सुबह 06 बजकर 06 मिनट तक रहेगा.
गणेश चतुर्थी पर कब तक नहीं देखना चंद्रमा?
गणेश चतुर्थी के दिन आपको 10 घंटे 58 मिनट तक चंद्रमा का दर्शन नहीं करना है. उस दिन चंद्रोदय 09:06 ए एम पर होगा और चंद्रास्त रात में 8 बजकर 4 मिनट पर होगा. ऐसे में पूरे समय तक चंद्रमा नहीं देखना है क्योंकि इससे झूठे आरोप लगते हैं. भगवान श्रीकृष्ण ने चंद्रमा देखा था तो उन पर स्यमंतक मणि चोरी करने का आरोप लगा था.
गणेश विसर्जन 2026 तारीख
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर को रात 11 बजकर 18 मिनट से शुरू होगी और 25 सितंबर को रात 11 बजकर 6 मिनट तक रहेगा. ऐसे में उदयतिथि के आधार पर गणेश विसर्जन यानि गणेश चतुर्थी उत्सव का समापन 25 सितंबर को होगा.
गणेश चतुर्थी का महत्व
पौराणिक कथाओं के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि और बुधवार के दिन गणेश जी का जन्म हुआ था, इसलिए इस तिथि को गणेश चतुर्थी मनाते हैं. व्रत और पूजा करने से गणपति बप्पा की कृपा बरसती है, संकट दूर होते हैं, जीवन में शुभता आती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
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कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें


