कई साल से नहीं बढ़ रही सैलरी? जरूर कर रहे होंगे ये गलती, इस बार तगड़ा अप्रेजल, जानिए ट्रिक

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Vastu tips for career and business : हमें कई बार अथक परिश्रम और लगन के बावजूद अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाती. क्या आपके साथ भी ऐसा है. कौन नहीं चाहता है कि उसे नौकरी में पदोन्नति मिले, व्यापार में लगातार वृद्धि हो और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहे. कई बार ऐसा नहीं होता. वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर और कार्यस्थल का वातावरण व्यक्ति की मानसिक स्थिति, आत्मविश्वास और कार्यक्षमता पर गहरा प्रभाव डालता है. लोकल 18 से अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी बताते हैं कि वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा प्रगति में रुकावट पैदा कर सकते हैं.

अंबाला. हर व्यक्ति चाहता है कि उसे नौकरी में पदोन्नति मिले, व्यापार में लगातार वृद्धि हो और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहे. इसके लिए लोग दिन-रात मेहनत करते हैं, नई योजनाएं बनाते हैं और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं. हालांकि कई बार अथक परिश्रम और लगन के बावजूद अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाती. ऐसी स्थिति में लोग अक्सर यह सोचने लगते हैं कि आखिर किस वजह से उनकी मेहनत का पूरा फल नहीं मिल रहा है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर और कार्यस्थल का वातावरण व्यक्ति की मानसिक स्थिति, आत्मविश्वास और कार्यक्षमता पर गहरा प्रभाव डालता है. मान्यता है कि यदि घर या ऑफिस में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे तो व्यक्ति का मन एकाग्र रहता है, निर्णय क्षमता मजबूत होती है और सफलता के अवसर बढ़ने लगते हैं.

यह दिशा कुबरे से जुड़ी

लोकल 18 से अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी बताते हैं कि वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा प्रगति में रुकावट पैदा कर सकते हैं. ऐसे में कुछ सरल वास्तु उपाय अपनाकर नौकरी और व्यापार में उन्नति के रास्ते खोले जा सकते हैं. वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को धन और करियर की दिशा माना गया है, यह दिशा कुबेर से जुड़ी मानी जाती है. इसलिए घर या कार्यालय की उत्तर दिशा को हमेशा साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखना चाहिए. इस स्थान पर कबाड़, धूल या भारी सामान रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बाधित हो सकता है, इसलिए हमेशा उत्तर दिशा को स्वच्छ रखना चाहिए. इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होने और करियर में नए अवसर मिलने की मान्यता है.

पीछे मजबूत दीवार जरूरी

ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी के मुताबिक, काम करते समय दिशा का विशेष महत्त्व बताया गया है, इसलिए नौकरीपेशा लोग और व्यापारियों को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए, क्योंकि यह शुभ माना जाता है. इससे मानसिक स्पष्टता बढ़ती है और निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है. बैठते समय पीठ के पीछे मजबूत दीवार होना आत्मविश्वास और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है. घर, दुकान या कार्यालय का मुख्य द्वार सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश का प्रमुख स्थान है इसलिए यहां साफ-सफाई, सुंदर सजावट और पर्याप्त रोशनी बनाए रखना आवश्यक है.

इनकी तस्वीर जरूर लगाएं

वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार पर स्वास्तिक, शुभ-लाभ या भगवान गणेश की तस्वीर लगाना शुभ माना जाता है. तिजोरी या अलमारी को दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना लाभकारी होता है. उसका दरवाजा उत्तर दिशा की ओर खुलना चाहिए. टूटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बंद घड़ियां और अनुपयोगी वस्तुओं को तुरंत हटाना चाहिए, क्योंकि इन्हें नकारात्मक ऊर्जा आने लगती है. ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी बताते हैं कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की नियमित पूजा करने से कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. सकारात्मक वातावरण, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत का मेल ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें

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