इसबार करवा चौथ पर कितने घंटे का रहेगा व्रत? सुहागिनों के लिए क्या है पूजन का शुभ मुहूर्त, जानें कैसे शुरू करें व्रत

इसबार करवा चौथ पर कितने घंटे का रहेगा व्रत? सुहागिनों के लिए क्या है पूजन का शुभ मुहूर्त, जानें कैसे शुरू करें व्रत

Karwa Chauth 2024 Vrat Timing: हर साल कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत रखा जाता है. इस दिन शिव परिवार की पूजा का विधान है. यह व्रत महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं. इस दिन सुहागिन महिलाएं प्रातः काल से ही निर्जला व्रत रखकर संध्या के समय चन्द्रमा को अर्घ्य देती हैं. इस साल करवा चौथ का व्रत 20 अक्टूबर 2024 दिन रविवार को है. इस बार व्रत की अवधि को लेकर कई लोगों में कंफ्यूजन है. अब सवाल है कि इस बार करवा चौथ व्रत की अवधि क्या रहेगी? क्यों होते हैं चंद्र के दर्शन? क्या है चंद्रोदय और पूजा का शुभ मुहूर्त? इस बारे में News18 को बता रहे हैं गाजियाबाद के प्रतापविहार निवासी ज्योतिर्विद और वास्तु विशेषज्ञ राकेश चतुर्वेदी-

करवा चौथ 2024 पर व्रत की अवधि

हिन्दू पंचांग के मुताबिक, करवाचौथ का व्रत सुबह 06.46 बजे से शुरू होकर रात 07.56 बजे तक रहेगा. यानी पति के लिए सुहागिनें 20 अक्टूबर दिन रविवार को 13 घंटे 10 मिनट का व्रत रखेंगी. इस बार करवाचौथ पर गज केसरी योग पड़ रहा है, जो बहुत ही शुभाशुभ है. इस दिन नियम से व्रत पूजन करने से पति की आयु, यश और समृद्धि होती है. वहीं, इस बार उच्च राशि का चंद्रमा होने से अक्षत सुहाग के शुभ मांगलिक योग हैं. चंद्रोदय रविवार रात 07.56 बजे होगा.

करवा चौथ पर क्यों होते हैं चंद्र दर्शन

ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, चंद्रमा को मन का कारक माना गया है. चंद्रमा आयु, यश और समृद्धि का भी प्रतीक है. ज्योतिषाचार्य विभोर इंदुसुत के अनुसार, इस बार चद्रमा अपनी उच्च राशि में है. करवा चौथ पर शिव परिवार की पूजा करने का विधान है. लेकिन मुख्य रूप से गणपति की ही पूजा होती है. गणपति की पूजा से सारे मनोरथ पूर्ण होते हैं. गणेश जी को चतुर्थी का अधिपति देव माना गया है.

इस संकल्प से शुरू करें व्रत

हिन्दू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं प्रातः काल से ही निर्जला व्रत रखकर संध्या के समय चन्द्रमा को अर्घ्य देती हैं. इसके बाद अपने पति का दर्शन कर जल ग्रहण करके व्रत का परायण करती हैं. इस दिन स्त्रियां एकत्रित होकर कर्क चतुर्थी व्रत की कथा का पाठ और श्रवण करती हैं. इस दिन स्त्रियों को ”मम सुखसौभाग्य पुत्रपौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये” का संकल्प लेकर करवा चौथ व्रत शुरू करना चाहिए.

चंद्रोदय और शुभ मुहूर्त

चतुर्थी प्रारंभ प्रातः 06.46 से (20 अक्तूबर)
चतुर्थी का समापन प्रातः 04.17 बजे से (21 अक्तूबर)
व्रत समय सुबह 06.46 से रात 07.56 मिनट
व्रत की अवधि: 13 घंटे 10 मिनट
पूजा मुहूर्त सांय 5.46 से 7.10 (करवा चौथ व्रत कथा)

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Tags: Astrology, Dharma Aastha, Karva Chauth, Religion

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