आज से चातुर्मास शुरू, 4 माह योग निद्रा में रहेंगे विष्णुजी, जानें क्या करें, क्या न करें
Chaturmas 2026 Niyam: आज 25 जुलाई शनिवार को देवशयनी एकादशी है. आज से भगवान विष्णु 4 माह के लिए पाताल लोक में योग निद्रा में रहेंगे, तब तक सृष्टि का संचालन भगवान शिव के हाथों में रहेगा. वे पालनकर्ता और संहारक दोनों ही भूमिकाओं में रहेंगे. वैसे देखें तो चातुर्मास में 5 महीने आषाढ़, सावन, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक आते हैं, लेकिन गणना आषाढ़ शुक्ल एकादशी से लेकर कार्तिक शुक्ल एकादशी तक होती है. इस आधार पर इसमें 4 माह आ जाते हैं. चातुर्मास में खानपान, पूजा पाठ, मांगलिक कार्यों आदि के लिए अलग नियम होते हैं. आइए जानते हैं कि चातुर्मास में क्या करें और क्या न करें?
25 जुलाई से 20 नवंबर तक चातुर्मास
चातुर्मास में क्या न करें?
चातुर्मास के समय में भगवान विष्णु योग निद्रा में होते हैं इसलिए कोई भी शुभ काम नहीं करते हैं.
चातुर्मास में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, सगाई आदि जैसे मांगलिक कार्यों पर पूर्णतया रोक रहती है.
इन 4 माह में आपको तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए. इस समय में आप लहसुन, प्याज, मांस, शराब, बासी भोजन आदि का सेवन न करें.
वहीं आश्विन माह में दूध नहीं पीना चाहिए और कार्तिक में मूली, बैंगन, उड़द, चने की दाल आदि नहीं खाते हैं.
चातुर्मास के समय में दूसरों का अन्न नहीं खाना चाहिए.
जो लोग चातुर्मास में व्रत और पूजा आदि करते हैं, तो उनको पलंग पर नहीं सोना चाहिए.
इस समय में आपको गुस्सा, झूठ, दूसरों की बुराई, अपमान आदि से दूर रहना चाहिए.
चातुर्मास में क्या करें?
चातुर्मास के समय में व्रत, पूजा, त्योहार, मंत्र जाप, उपवास आदि मनाने पर रोक नहीं होता है.
इस समय में आप एकादशी, प्रदोष, शिवरात्रि, चतुर्थी, तीज आदि समेत सभी व्रत और त्योहार पहले के समान ही कर सकते है.
चातुर्मास में सावन का महीना शिव पूजा के लिए उत्तम है. इसमें आप जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करके शिव कृपा पा सकते हैं, अपनी मनोकामनाएं पूरी कर सकते हैं.
चातुर्मास में आप अपने इष्ट देव की पूजा करें. उनके मंत्रों का जाप करें. आपका कल्याण होगा.
इस समय में आप अन्न, वस्त्र, जल, फल आदि का दान करें. आपको पुण्य की प्राप्ति होगी.


