आज का पंचांग: बुढ़वा मंगल व्रत के साथ एकदंत संकष्टी चतुर्थी, मंगल दोष होगा शांत, पंचांग से
बुढ़वा मंगल के साथ एकदंत संकष्टी चतुर्थी, पंचांग से जानें शुभ व अशुभ मुहूर्त
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Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग), 5 May 2026: आज बुढ़वा मंगल व्रत के साथ एकदंत संकष्टी चतुर्थी का भी व्रत किया जाएगा. आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के साथ ज्येष्ठा नक्षत्र, बव करण, चंद्रमा वृश्चिक उपरांत धनु राशि में है. भगवान गणेश के साथ हनुमानजी की पूजा अर्चना करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और शुभ फल की प्राप्ति होती है. पंचांग से जानें मंगलवार 5 मई का शुभ व अशुभ मुहूर्त और योग के बारे में.
Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग), 5 May 2026: आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि दिन मंगलवार है. पंचांग के अनुसार, एक ओर जहां ज्येष्ठ के पहले बड़ा मंगल की शुरुआत हो रही है, वहीं दूसरी ओर भगवान गणेश को समर्पित एकदंत संकष्टी चतुर्थी का व्रत भी रखा जा रहा है. ऐसे में यह दुर्लभ संयोग भक्तों के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है. आज ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्थी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र, बव करण, कृष्ण पक्ष और चंद्रमा वृश्चिक उपरांत धनु राशि में तो सूर्य मेष राशि में रहने वाले हैं. आज उत्तर का दिशाशूल है. एकदंत एकदंत संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के एकदंत रूप की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. एकदंत गणेश को गणेश जी के अष्टविनायक रूपों में से एक माना जाता है. पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान शिव से मिलने जा रहे गणेश जी को भगवान परशुराम ने रोका. विवाद के बाद परशुराम ने अपना परशु चलाया, जिससे गणेश जी का एक दांत टूट गया. तभी से वे एकदंत नाम से प्रसिद्ध हुए. मान्यता है कि इस दिन भक्त एकदंत गणेश की पूजा करने से बाधाओं का निवारण और सिद्धि की प्राप्ति होती है. एकदंत गणेश की आराधना से बुद्धि, विद्या और सौभाग्य की भी प्राप्ति होती है. इस पावन अवसर पर भक्त गणपति को मोदक, लड्डू और दुर्वा चढ़ाना श्रेयस्कर होता है.
ज्येष्ठ माह के प्रत्येक मंगलवार को बुढ़वा मंगल या बड़ा मंगल के रूप में मनाया जाता है, जो भगवान हनुमान की आराधना का प्रमुख दिन होता है. मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक पूजा और व्रत रखने से संकट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. पहले बड़े मंगल का विशेष महत्व इसलिए भी है, क्योंकि इसी दिन से पूरे महीने चलने वाले व्रत और सेवा कार्यों की शुरुआत होती है. बड़े मंगल के दिन प्रातः स्नान के बाद हनुमान मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की जाती है. लाल फूल, सिंदूर, चमेली का तेल अर्पित कर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया जाता है. ज्येष्ठ बड़े मंगल का पर्व सेवा और दान से भी जुड़ा हुआ है. इस दिन जगह-जगह भंडारे, जल सेवा और शरबत वितरण किया जाता है, जो भीषण गर्मी में राहत पहुंचाने का माध्यम बनता है. तो चलिए जानते हैं कि कब से शुभ और अशुभ मुहूर्त लग रहे हैं.
आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang), 5 मई 2026
आज की तिथि- चतुर्थी तिथि पूर्ण रात्रि तक
आज का नक्षत्र- ज्येष्ठा – 12:55 पी एम तक, इसके बाद मूल नक्षत्र
आज का करण- बव – 06:37 पी एम तक, बालव – पूर्ण रात्रि तक
आज का योग- शिव – 12:17 ए एम, 6 मई तक, सिद्ध योग
आज का पक्ष- कृष्ण पक्ष
आज का दिन- मंगलवार
चंद्र राशि- वृश्चिक उपरांत धनु राशि
सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय- 05:37 ए एम
सूर्यास्त- 06:59 पी एम
चन्द्रोदय- 10:35 पी एम
चन्द्रास्त- 07:39 ए एम
आज के शुभ योग और मुहूर्त 5 मई 2026
ब्रह्म मुहूर्त: 04:12 ए एम से 04:55 ए एम
अभिजीत मुहूर्त: 11:51 ए एम से 12:45 पी एम
विजय मुहूर्त: 02:32 पी एम से 03:25 पी एम
गोधूलि मुहूर्त: 06:57 पी एम से 07:19 पी एम
निशिता मुहूर्त: 11:56 पी एम से 12:39 ए एम, 6 मई
शिववास: कैलाश पर
आज के अशुभ मुहूर्त 5 मई 2026
राहुकाल: 03:38 पी एम से 05:19 पी एम
विडाल योग: 05:37 ए एम से 12:55 पी एम
यमगण्ड: 08:58 ए एम से 10:38 ए एम
दुर्मुहूर्त: 08:18 ए एम से 09:11 ए एम
गुलिक काल: 12:18 पी एम से 01:58 पी एम
वर्ज्य: 09:54 पी एम से 11:42 पी एम
गण्ड मूल: पूरे दिन
विंछुड़ो: 05:37 ए एम से 12:55 पी एम
दिशाशूल- उत्तर
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पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…और पढ़ें


