अभी नहीं मिलने वाली गर्मी राहत, सूर्य और मंगल ग्रह अभी और दिखाएंगे अपना रूद्र तेज, भीषण गर
अभी नहीं मिलने वाली गर्मी राहत, सूर्य, मंगल, राहु अभी और दिखाएंगे रूद्र रूप
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Astrology Predictions For Summer 2026: देशभर में भीषण गर्मी का असर लगातार बना हुआ है. भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, हीट वेव (लू) का प्रभाव जारी रहेगा और इसके लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है. सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ज्योतिषाचार्य इस गर्मी के पीछे ग्रह-नक्षत्र की मौजूदा स्थिति को मानते हैं.
Astrology Predictions For Summer 2026: देशभर में बढ़ती भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है और आम जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है. तापमान लगातार नए रिकॉर्ड तोड़ रहा है और लू के थपेड़े आम जनजीवन पर भारी पड़ रहे हैं. मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आज अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार दोपहर के समय तेज सतही हवाएं चलेंगी और लू का प्रकोप चरम पर रहेगा. शाम के समय भी गर्म हवाओं का असर बना रहेगा. ज्योतिषाचार्य कृष्ण मोहन के अनुसार, पूरे विश्व में बढ़ती गर्मी के पीछे मौजूदा ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति भी एक कारण हो सकती है. आइए जानते हैं भारत में बढ़ती भीषण गर्मी का ज्योतिषीय दृष्टिकोण…
उच्च राशि में विराजमान सूर्य की अग्नि चरम पर
ज्योतिषाचार्य कृष्ण मोहन के अनुसार, भारत में इन दिनों पड़ रही प्रचंड गर्मी को भारतीय ज्योतिष में ग्रहों के गोचर से भी समझा जाता है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस समय सूर्य मेष राशि में विराजमान हैं, जिसे सूर्य की उच्च राशि कहा जाता है. इस स्थिति में सूर्य की तेजस्वी अग्नि शक्ति अपने चरम पर मानी जाती है. इससे धरती पर तापमान, शुष्कता और गर्म हवाओं का प्रभाव बढ़ता है. यही कारण है कि धरती पर गर्मी का प्रभाव अधिक तीव्र महसूस किया जा रहा है.
स्वराशि में मौजूद मंगल जल तत्व को कर रहे कमजोर
इसके साथ ही ग्रहों के सेनापति मंगल देव भी मेष राशि में ही स्थित हैं, जो उनकी स्वराशि मानी जाती है. ज्योतिष में मंगल को अग्नि तत्व का कारक ग्रह माना गया है. ऐसे में मंगल की प्रबल स्थिति वातावरण में उष्णता, तेज हवाओं और लू को बढ़ाने का काम करती है. मंगल ग्रह का प्रभाव अगर जल या अग्नि तत्व से जुड़े राशियों पर सक्रिय हो, तो वातावरण में उष्णता और तीव्र हो सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि सूर्य और मंगल का यह संयोग गर्मी को और अधिक तीखा बना देता है.
प्राकृतिक संतुलन पर दबाव डाल रहे शनि
वहीं शनि इस समय मीन राशि में विराजमान हैं और मीन राशि जल तत्व से जुड़ी होती है, लेकिन शनि की उपस्थिति यहां प्राकृतिक संतुलन पर दबाव डालती है. इसके परिणामस्वरूप जल तत्व कमजोर होता है, जिससे नमी में कमी और सूखा वातावरण देखने को मिलता है.
राहु ने बदला असामान्य मौसम पैटर्न
इसके अलावा राहु फिलहाल कुंभ राशि में विराजमान है और कभी-कभी चंद्रमा के साथ युति बनाते हैं. राहु को ज्योतिष में अस्थिरता और अचानक बदलाव का कारक माना जाता है. कुंभ राशि में इसकी स्थिति वायुमंडलीय अस्थिरता, अनियमित हवाओं और असामान्य मौसम पैटर्न को जन्म देती है. यही कारण है कि कहीं अत्यधिक गर्मी तो कहीं अचानक आंधी या हल्की बारिश जैसे हालात बन रहे हैं.
ग्रहों से बढ़ी मौसम की कठोरता
वैदिक दृष्टि से सूर्य, मंगल और छाया ग्रह राहु के संयुक्त प्रभाव से अग्नि तत्व प्रबल होकर भारत जैसे उष्ण देश में भीषण लू, वर्षा में देरी और मौसम की कठोरता बढ़ा सकता है. ज्योतिष इसे केवल ग्रहों की स्थिति नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव जीवन में संतुलन बनाए रखने का संकेत भी मानता है. इस प्रकार गोचर आधारित ज्योतिषीय दृष्टिकोण में वर्तमान गर्मी को ब्रह्मांडीय ऊर्जा और पृथ्वी के अग्नि तत्व की तीव्र अभिव्यक्ति के रूप में देखा जाता है.
इन चीजों से बचें
ज्योतिष विशेषज्ञ मानते हैं कि इन ग्रहों की संयुक्त स्थिति एक ऐसा वातावरण तैयार कर रही है, जिसमें गर्मी, शुष्कता और असंतुलित मौसम का प्रभाव बढ़ रहा है. हालांकि वे यह भी स्पष्ट करते हैं कि मौसम परिवर्तन के पीछे वैज्ञानिक कारण जैसे जलवायु परिवर्तन, शहरीकरण और पर्यावरणीय असंतुलन भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं. वर्तमान समय में ग्रहों की स्थिति ज्योतिषीय दृष्टि से गर्मी को बढ़ाने वाली मानी जा रही है, लेकिन इसे केवल एक पहलू के रूप में देखा जाना चाहिए. वैज्ञानिक और पर्यावरणीय कारणों के साथ मिलकर ही यह स्थिति और अधिक गंभीर रूप ले रही है. ऐसे में जरूरी है कि लोग सावधानी बरतें, पानी का अधिक सेवन करें और तेज धूप से बचाव करें.
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पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…और पढ़ें


