अनुष्का शर्मा के गले में दिखी 'पवित्र तुलसी माला', जानें इसके पीछे की वजह और चमत्कारी लाभ!
अनुष्का शर्मा के गले में दिखी ‘पवित्र तुलसी माला’, जानें चमत्कारी लाभ और महत्व
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Anushka Sharma Tulsi Mala: धर्माचार्यों का कहना है कि तुलसी की माला केवल एक आभूषण नहीं बल्कि श्रद्धा, अनुशासन और आध्यात्मिक जीवन का प्रतीक है. ऐसे में इसे धारण करने से पहले इसके महत्व और नियमों को समझना आवश्यक है. अनुष्का शर्मा की तस्वीरों के बाद एक बार फिर तुलसी कंठी माला चर्चा में है और लोग इसके धार्मिक तथा आध्यात्मिक महत्व को जानने में रुचि दिखा रहे हैं.
Anushka Sharma Tulsi Mala: अहमदाबाद में IPL 2026 के फाइनल में अनुष्का शर्मा पहुंची तो सभी की निगाहें उनकी तरफ हो गई. विराट कोहली की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने IPL फाइनल में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ट्रॉफी अपने नाम कर चुकी है. अपने पति को फिर से सपोर्ट करने पहुंची अनुष्का इस दौरान काफी खुश नजर आईं और उनके गले में कंठी माला भी थी, जिसपर कई लोगों की नजर भी गई. उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसके बाद लोगों के बीच तुलसी की कंठी माला को लेकर जिज्ञासा बढ़ गई है. कई लोग जानना चाहते हैं कि तुलसी की माला पहनने के क्या लाभ हैं, इसे कब और कैसे पहनना चाहिए तथा किन लोगों को इसे धारण नहीं करना चाहिए…

तुलसी माला पहनने का महत्व – सनातन धर्म में तुलसी को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी भगवान विष्णु को प्रिय है इसलिए भोग में बिना तुलसी दल डाले, वह स्वीकार नहीं करते. धर्म शास्त्रों में तुलसी की लकड़ी से बनी कंठी माला को आध्यात्मिक उन्नति और ईश्वर भक्ति का प्रतीक माना जाता है. इसी वजह से तुलसी माला का उपयोग संतों, भक्तों, मंत्र साधकों और आध्यात्मिक अनुशासन में लगे लोगों द्वारा सदियों से किया जाता रहा है.

तुलसी की माला कब पहनें? – धार्मिक परंपराओं के अनुसार, तुलसी की कंठी माला किसी भी शुभ दिन धारण की जा सकती है, लेकिन एकादशी, गुरुवार, सोमवार या श्रीकृष्ण एवं भगवान विष्णु से जुड़े विशेष पर्वों को अधिक शुभ माना जाता है. माला धारण करने से पहले स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनना और भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण का स्मरण करना शुभ माना जाता है.
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तुलसी की माला कैसे पहनें? – तुलसी की कंठी माला को गले में श्रद्धा और सम्मान के साथ धारण किया जाता है. कई वैष्णव परंपराओं में इसे गुरु या मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद पहनने की परंपरा है. माला पहनते समय भगवान का नाम जपना और सात्विक जीवनशैली अपनाने का संकल्प लेना भी शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माला को साफ-सुथरा रखना और उसका सम्मान करना आवश्यक माना गया है.

तुलसी माला पहनने के फायदे – तुलसी माला सीधे भावनात्मक और मानसिक स्थिरता को प्रभावित करती है. जो लोग अत्यधिक सोच, भावनात्मक उलझन, चिंता, मूड में अस्थिरता या आध्यात्मिक बेचैनी से जूझ रहे हैं, उन्हें इसका असर ज्यादा महसूस होता है. ज्योतिष के अनुसार, तुलसी चंद्रमा, राहु और शुक्र से जुड़ी भावनात्मक असंतुलन को संतुलित करने में मदद करती है. इसी वजह से कई पारंपरिक ज्योतिषी और आध्यात्मिक साधक भावनात्मक अस्थिरता, राहु महादशा, अत्यधिक तनाव या मंत्र साधना के समय तुलसी माला पहनने की सलाह देते हैं. यह आध्यात्मिक एकाग्रता भी बढ़ाती है. जो लोग नियमित रूप से तुलसी माला पहनते हैं, वे आमतौर पर बोलचाल, खानपान, प्रतिक्रिया और दिनचर्या में स्वाभाविक रूप से अधिक अनुशासित हो जाते हैं, बिना किसी जबरदस्ती के.

किन लोगों को नहीं पहननी चाहिए? – धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो व्यक्ति तुलसी की कंठी माला धारण करता है, उसे सात्विक आचरण अपनाने का प्रयास करना चाहिए. कई वैष्णव परंपराओं में मांस, मदिरा और नशे का सेवन करने वाले लोगों को कंठी माला धारण ना करने या पहले नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है. हालांकि यह विभिन्न धार्मिक परंपराओं और व्यक्तिगत मान्यताओं पर निर्भर करता है.

तुलसी माला पहनने से अशुभ प्रभाव से मिलती है मुक्ति – तुलसी माला खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो भावनात्मक अस्थिरता, चिंता, आध्यात्मिक उलझन, अत्यधिक सोच, राहु से जुड़ी परेशानी या मानसिक स्थिरता की कमी से जूझ रहे हैं. यह मंत्र जाप, ध्यान, भक्ति, योग, आध्यात्मिक अनुशासन या आंतरिक उपचार में लगे लोगों के लिए भी उतनी ही प्रभावशाली है. तुलसी माला का उद्देश्य दिखावा नहीं, बल्कि आंतरिक संतुलन है.


