बुद्ध व्यस्त होने के कारण ह्रास कारक योग बन रहा है.

बुद्ध व्यस्त होने के कारण ह्रास कारक योग बन रहा है.

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Aaj ka Vrishchik Rashifal 06 December: वृश्चिक राशि वालों को आज सावधान रहने की जरूरत है. क्योंकि चंद्रमा अष्टमस्त होने के कारण यानी अष्टम भाव में रहने के कारण जला घात, जानवरों का हमला,  पिनस, उदर जन्य पीड़ा कारक योग बन रहा है. वही सूर्य लग्नस्त होने के कारण स्थान भ्रांस कारक जिसे स्थान हानिकारक कह सकते हैं का योग बन रहा है. वही मंगल बंधन कारक योग बन रहा है. आइए जानते हैं इसको लेकर क्या उपाय करना चाहिए.

दरभंगा: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिश्रित फल देने वाला साबित हो सकता है. जहां एक ओर कार्यक्षेत्र में अच्छे अवसर मिल सकते हैं, वहीं किसी करीबी व्यक्ति से अनबन की संभावना भी है. इसलिए आज भावनाओं से अधिक समझदारी से फैसला लेने की जरूरत है. आज नदी और जानवर से भी खतरे के संकेत हैं. 6 दिसंबर 2025 को कैसा रहेगा वृश्चिक राशि वालों के लिए आज दिन और क्या कहता हैं? ज्योतिषीय गणना में आज का दिन रहेगा शुभकारक या फिर अशुभ कारक है? इस पर विस्तृत जानकारी कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर ज्योतिष विभाग के विभागअध्यक्ष डॉ. कुणाल कुमार झा ने दी.

चंद्रमा अष्टमस्त होने से बन रहा है ये योग
चंद्रमा अष्टमस्त होने के कारण यानी अष्टम भाव में रहने के कारण जला घात, जानवरों का हमला,  पिनस, उदर जन्य पीड़ा कारक योग बन रहा है. अर्थात शारीरिक कष्ट कारक योग बन रहा है. आज के दिन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए. वहीं सूर्य लग्नस्त होने के कारण स्थान भ्रांस कारक जिसे स्थान हानिकारक कह सकते हैं योग बन रहा है.
वही मंगल बंधन कारक योग बन रहा है. तो वहीं बुद्ध व्यस्त होने के कारण ह्रास कारक योग बन रहा है. शनि, राहु, केतु यह सभी ग्रह शोकाकुल और अंतरघात करने वाले शत्रुओं की वृद्धि कारक योग बना रहा है. परंतु बृहस्पति भाग्यश्त होने के कारण धर्म के प्रति अभिरुचिया बढ़ेगी. दान पुण्य के द्वारा अशुभत्वों में कमी को देगी. शारीरिक सुख कारक योग बनाएगा. शुक्र लग्नस्त तो होने के कारण अंतरघात करने वाले शत्रुओं का ह्रास कारक योग बना रहा है. परंतु केतु कर्मस्त होने के कारण शोकाकुल कारक योग बना रहा है.

आज के दिन करें ये उपाय
अतः आज के दिन वृश्चिक राशि के जातकों को अशुभत्व जन्य शांति के लिए शनिवार होने के कारण काला वस्त्र धारण करना श्रेष्ठ कर होगा. तो वही पीपल के वृक्ष में काला तिल, गुड़ और जल मिश्रित करके अर्पण करना बेहतर होगा एवं काला उड़द के आटा का दीपक निर्माण करके काला कपड़ा के बत्ती निर्माण करके तिल तेल का दीपक शनिदेव को प्रदान करें तथा वाल्मिकीकृत सुंदरकांड का पाठ करें. गाय के घी में सिंदूर घोल करके हनुमान जी के ऊपर अर्पण करें जिससे शुभत्वों की प्राप्ति होगी.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

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बुद्ध व्यस्त होने के कारण ह्रास कारक योग बन रहा है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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