Vivah Panchami 2024: विवाह पंचमी कब है? इसी दिन भगवान राम और माता सीता का हुआ था विवाह, यहां जानें डेट

Vivah Panchami 2024: विवाह पंचमी कब है? इसी दिन भगवान राम और माता सीता का हुआ था विवाह, यहां जानें डेट

Vivah Panchami 2024 Date: सनातन धर्म में मार्गशीर्ष माह का विशेष महत्व है. इसको अगहन का महीना भी कहा जाता है. मार्गशीर्ष माह यानी की अगहन मास 16 नवंबर से 15 दिसंबर तक चलेगा. इस पूरे माह व्रत और त्योहारों का सिलसिला चलता है. मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि भी खास मानी जाती है. इसी दिन प्रभु श्री राम ने स्वयंवर जीतकर जनक नंदिनी मां सीता से विवाह रचाया था. इसलिए इस दिन भगवान राम और माता सीता की पूजा का विधान है. इस दिन व्रत करने से विशेष कार्य में सफलता और सिद्धि मिलती है. अब सवाल है कि आखिर विवाह पंचमी पर क्या है शुभ मुहूर्त? इस बारे में News18 को बता रहे हैं प्रतापविहार गाजियाबाद के ज्योतिषाचार्य राकेश चतुर्वेदी-

भागवत कथा के लिए यह मास सबसे श्रेष्ठ

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पूर्णिमा का चंद्रमा मृगशिरा नक्षत्र में होने की वजह से इस महीने को मार्गशीर्ष कहते हैं. भगवान कृष्ण की स्तुति एवं भागवत कथा करने के लिए यह मास सबसे श्रेष्ठ होता है. इस महीने यमुना नदी के तट पर स्नान करने से जीवन के सारे कष्ट मिट जाते हैं और व्यक्ति को अपने सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है.

विवाह पंचमी 2024 तिथि और मुहूर्त

इस साल विवाह पंचमी 6 दिसंबर 2024 को मनाई जाएगी. पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का आरंभ 5 दिसंबर को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर होगा. पंचमी तिथि का समापन 6 दिसंबर को दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर होगा.

विवाह पंचमी के दिन होते हैं अनुष्ठान

विवाह पंचमी के अवसर पर कई स्थानों पर सामूहिक विवाह का आयोजन भी किया जाता है. जिन युवाओं का विवाह में विलम्ब हो रहा है या किसी अन्य कारणवश शादी नहीं हो रही है. उनके लिए इस दिन पूजा-अर्चना करना विशेष फलदायी माना जाता है. इसके अलावा विवाहित जोड़े इस दिन पूजा कर अपने दांपत्य जीवन को मधुर और प्रेममय बनाने के लिए आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

विवाह पंचमी का महत्व

त्रेतायुग में प्रभु श्री राम और माता जनकी का पंचमी के दिन विवाह हुआ था. इसलिये इस दिन को राम और सीता के विवाह की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है. हिंदू धर्म में राम-सीता की जोड़ी को एक आदर्श पति-पत्नी के रूप में जाना जाता है. कहते हैं कि विवाह पंचमी के दिन प्रभु राम और मां सीता की पूजा करने से शादी में आ रही बाधाएं दूर होती हैं. साथ ही पति-पत्नी का रिश्ते में मजबूती आती है.

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Tags: Astrology, Dharma Aastha, Lord rama

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