Virat Ramayan Mandir Shivling Sthapana: दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना आज, 1072 देवता भी होंगे स्थापित, क्यों चुना गया 16 जनवरी  का दिन?

Virat Ramayan Mandir Shivling Sthapana: दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना आज, 1072 देवता भी होंगे स्थापित, क्यों चुना गया 16 जनवरी का दिन?

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Virat Ramayan Mandir Shivling Sthapana: पूर्वी चंपारण के विराट रामायण मंदिर में दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना आज हो रही है. इस शिवलिंग को सहस्त्रलिंगम शिवलिंग कहा जा रहा है क्योंकि इसमें 1008 शिवलिंग समाहित हैं. इस शिवलिंग की स्थापना के लिए आज का दिन क्यों चुना गया?

विराट रामायण मंदिर में सहस्त्रलिंगम शिवलिंग की स्थापना.
Virat Ramayan Mandir Shivling Sthapana: बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के कैथवलिया में आज दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना होगी. विराट रामायण मंदिर में सहस्त्रलिंगम शिवलिंग के साथ 1072 देवताओं की भी स्थापना होनी है. यह शिवलिंग इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसकी लंबाई 33 फीट और वजन 210 टन है. इस शिवलिंग के लिए 17 फीट की माला भी तैयार की गई है. आज सहस्त्रलिंगम शिवलिंग की स्थापना में सीएम नीतीश कुमार भी शामिल होंंगे. इस शिवलिंग की स्थापना के लिए आज का दिन क्यों चुना गया? इसके पीछे भी एक वजह है.

शिवलिंग स्थापना के लिए आज का दिन विशेष

पंचांग के अनुसार देखा जाए तो आज माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है. इस तिथि का प्रारंभ 16 जनवरी शुक्रवार को 10:21 पीएम पर हुआ है और यह आज 17 जनवरी शनिवार को देर रात 12:03 एएम तक है. ऐसे में आज पूरे दिन चतुर्दशी तिथि है. चतुर्दशी का दिन शिवरात्रि का है. शिवरात्रि यानि भगवान शिव की रात्रि. ऐसे में दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना का यह दिन विशेष है. आज से एक महीने बाद यानि 15 फरवरी को महाशिवरात्रि भी है.

सहस्त्रलिंगम शिवलिंग स्थापना मुहूर्त

सहस्त्रलिंगम शिवलिंग की स्थापना की पूजा सुबह में 8 बजे से लेकर 10 बजे तक चलेगी. फिर 10:30 बजे से लेकर दोपहर 12:30 बजे तक हवन होगा. इस समय में ही सहस्त्रलिंगम शिवलिंग की स्थापना की जाएगी.

पंचांग के अनुसार सुबह में 08:34 बजे से लेकर 09:53 बजे तक शुभ-उत्तम मुहूर्त है. वहीं दोपहर में 12:31 बजे से लेकर 01:50 बजे तक चर-सामान्य मुहूर्त है.

20 किलो की माला, 3250 किलो फूल

शिवलिंग स्थापना में फूल, बेलपत्र, धतूरे से बने 20 किलोग्राम की माला का उपयोग होगा. यह माला पूजा के दौरान शिवलिंग पर अर्पित किया जाएगा. वहीं इस मंदिर के साजसज्जा में 3250 किलोग्राम फूल लगे हैं. ये फूल कोलकाता और कंबोडिया से लाए गए हैं.

21 पंडित करेंगे अनुष्ठान, 1072 देवताओं की भी स्थापना

शिवलिंग स्थापना कार्यक्रम का अनुष्ठान 21 पंडित करेंगे, जो वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 1072 देवताओं की भी स्थापना कराएंगे. वहीं हवन के समय में 64 देवताओं को भी आहुती दी जाएगी. पूजा के समापन पर सहस्त्रलिंगम शिवलिंग को वहां से हटाकर मंदिर में निर्धारित जगह स्थापित किया जाएगा.

सहस्त्रलिंगम शिवलिंग की विशेषताएं

  1. इस सहस्त्रलिंगम शिवलिंग का निर्माण तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में हुआ है. इसे बनाने में करीब 10 साल लगे हैं.
  2. 33 फीट ऊंचे और 210 टन वजनी इस शिवलिंग को 23 फीट ऊंचे स्थान पर स्थापित किया जाएगा. इसके बाद इस शिवलिंग की जमीन से ऊंचाई 56 फीट होगी.
  3. सहस्त्रलिंगम शिवलिंग में 1008 छोटे छोटे शिवलिंग समाहित हैं और यह काले रंग के ग्रेनाइट पत्थर से बना है. इस वजह से इस शिवलिंग को सहस्त्रलिंगम नाम दिया गया है.
  4. दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग को बनाने पर करीब 3 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं.
  5. इस विशाल शिवलिंग को 96 चक्के वाले ट्रक से महाबलीपुरम से 45 दिनों में कैथवलिया लाया गया है.
  6. महावीर मंदिर न्यास समिति विराट रामायण मंदिर का निर्माण करा रही है. पटना हनुमान मंदिर के आचार्य किशोर कुणाल ने इस विशाल शिवलिंग के निर्माण का सपना देखा था, जो आज इसकी स्थापना के साथ पूरा हाने जा रहा है.

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कार्तिकेय तिवारी

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक…और पढ़ें

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