Sheetala Mata Dham Mandir: बासोड़ा पर करें मां शीतला का चमत्कारी कुंड के दर्शन, जिसका जल प
जौनपुर में मां शीतला का चमत्कारी कुंड, जिसका जल पीने से खत्म हो जाती है पीड़ा
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Sheetala Mata Dham Mandir Chaukiya: होली के बाद कुछ जगहों पर शीतला सप्तमी का तो कुछ कुछ जगहों पर शीतला अष्टमी का पर्व मनाया जाता है . मान्यता है कि शीतला माता की पूजा अर्चना करने पर सभी तरह की बीमारियों से मुक्ति मिलती है और आरोग्य की प्राप्ति होती है. ऐसे ही शीतला माता का जौनपुर में एक चमत्कारी कुंड है, मान्यता है कि इस कुंड का जल पीने से हर पीड़ा खत्म हो जाती है.
Sheetala Mata Dham Mandir Chaukiya: फाल्गुन पूर्णिमा को देशभर में होली का पर्व मनाया गया, अब इसके कुछ दिन बाद ही यानी सप्तमी तिथि को बासोड़ा का पर्व मनाया जाता है. वहीं कुछ लोग अष्टमी तिथि को यह पर्व मनाते हैं. इस पर्व को शीतला सप्तमी या शीतला अष्टमी भी कहते हैं. इस दिन शीलता माता की पूजा की जाती है और बासी भोजन किया जाता है. शीतला माता की पूजा करने से सभी रोगों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति आती है. जौनपुर में स्थित मां शीतला चौकियां धाम अपने चमत्कारिक कुंड के लिए बहुत मशहूर है. लोग कहते हैं कि इस कुंड का पानी पीने से हर तरह की बीमारियां, चाहे छोटी हों या बड़ी, दूर हो जाती हैं. यही वजह है कि हर साल यहां लाखों लोग अपनी मनोकामनाओं और स्वास्थ्य की चिंता लेकर आते हैं और इस पवित्र जल का सेवन करने आते हैं.
दूर दूर से जल लेने आते हैं भक्त
मां शीतला को रोग नाशिनी देवी माना जाता है. कहा जाता है कि वे चेचक, खसरा और अन्य संक्रामक बीमारियों से रक्षा करती हैं. यही वजह है कि लोग दूर-दराज से यहां आते हैं. मंदिर में हर दिन श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ रहती है, लेकिन खासकर नवरात्र, सोमवार और शुक्रवार को तो यहां भीड़ देखते बनती है. लोग लंबी दूरी तय करके माता के दर्शन करने आते हैं और कुंड के जल को अपने साथ घर भी ले जाते हैं, ताकि परिवार के सभी सदस्य स्वस्थ रहें.
शारीरिक और मानसिक शांति
मंदिर के पीछे स्थित यह कुंड बहुत ही पवित्र माना जाता है. मंदिर के पुजारी बताते हैं कि इस जल का सेवन करने से कई लोग जिनके इलाज नामुमकिन समझे जाते थे, उन्हें राहत मिली है. लोग बड़ी श्रद्धा से इस जल को पीते हैं और अपने घर ले जाकर उसे पूजा स्थल की तरह रखते हैं. यही नहीं, केवल शरीर ही नहीं, बल्कि यहां आकर मन को भी बहुत शांति मिलती है.
महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है मां शीतला चौकियां धाम
मां शीतला चौकियां धाम सिर्फ एक मंदिर नहीं है, बल्कि यह आस्था और विश्वास का एक जीवंत प्रतीक है. यहां आकर लोग अपने तन और मन दोनों की पीड़ा भूल जाते हैं. यही वजह है कि यह धाम न केवल जौनपुर या पूर्वांचल के लोगों के लिए, बल्कि पूरे भारतवर्ष के श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र बन गया है. इसके अलावा, बड़ी संख्या में नवविवाहित जोड़े भी मां शीतला चौकियां धाम अपने सुखी जीवन की कामना करने आते हैं.
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पराग शर्मा एक अनुभवी धर्म एवं ज्योतिष पत्रकार हैं, जिन्हें भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेदनी ज्योतिष, वैदिक शास्त्रों और ज्योतिषीय विज्ञान पर गहन अध्ययन और लेखन का 12+ वर्षों का व्यावहारिक अनुभव ह…और पढ़ें


