Shani Asta 13 मार्च को, कुंभ समेत 2 राशि पर साढ़ेसाती और सिंह-धनु पर ढैय्या, साढ़ेसाती-ढैय

Shani Asta 13 मार्च को, कुंभ समेत 2 राशि पर साढ़ेसाती और सिंह-धनु पर ढैय्या, साढ़ेसाती-ढैय

Shani Asta 2026: शनि ग्रह 13 अगस्त 2026 दिन शुक्रवार को मीन राशि में अस्त होने वाले हैं. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, नवग्रह में शनि ग्रह को सबसे शक्तिशाली ग्रहों में से एक माना जाता है और यह कर्म, अनुशासन और न्याय के कारक ग्रह है. साथ ही शनि को अशुभ ग्रह के रूप में भी जाना जाता है और आमतौर पर लोग शनि के प्रकोप से सभी डरते भी हैं. लेकिन शनिदेव किसी को परेशान नहीं करते, वे उनके कर्मों के हिसाब से फल देते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पिछले साल 2025 में, शनि देव ने अपनी राशि बदली और कुंभ से मीन राशि में प्रवेश किया था. 13 मार्च को शनि का मीन राशि में अस्त होना एक बड़ा ज्योतिष बदलाव है. शनि के अस्त होने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित व्यक्तियों के जीवन में भी कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे.

शनि अस्त 2026: तारीख और समय
शनि तारा अस्त प्रारंभ: 13 मार्च, शुक्रवार शाम 7 बजकर 13 मिनट से
शनि तारा अस्त समाप्त: 22 अप्रैल, बुधवार सुबह 4 बजकर 49 मिनट तक

इन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और ढ़ैय्या
शनि की साढ़ेसाती कुंभ, मीन और मेष राशि पर चल रही है, जबकि सिंह और धनु राशि पर शनि की ढैय्या का प्रभाव बना हुआ है. कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है. मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है और मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है.

लगभग 40 दिन तक रहेंगे अस्त, देंगे राहत
शनि मीन राशि में लगभग 40 दिन तक अस्त रहने वाले हैं. इन 40 दिन में शनि अस्त के दौरान शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या से पीड़ित लोगों के जीवन में ये सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे. शनि अस्त हो रहे हैं, इसका ज्योतिष मतलब यह भी है कि इस समय शनि की शक्तियां कम होती जाएंगी, जिसकी वजह से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभाव में भी कमी देखने को मिलेगी और लोगों के जीवन में होने जा रहे ये बदलाव काफी राहत भरा भी होगा.

क्या आप अपने कर्म का फल पाने के लिए तैयार हैं? इस समय आपके कर्म ज्यादा प्रधान रहेंगे. इस समय आप जो भी कर्म करेंगे, उसका फल आपको अभी मिल जाएगा. अगर आप अच्छे कर्म करते हैं, तो अच्छा फल मिलेगा. अगर आपने किसी के साथ गलत किया है तो अब वही आपके साथ होगा. लेकिन आपको डरने की जरूरत नहीं है, अपने पापों और गलतियों के लिए शनिदेव से क्षमा मांगें.

क्या आपने किसी के साथ अन्याय किया है?
हो सकता है कोई आपके अधीन काम करता हो और आपने उसके साथ न्याय नहीं किया हो, तो यह समय आपके लिए अच्छा नहीं है क्योंकि शनि अस्त आपके जीवन में कठिनाइयां ला सकता है और जो लोग अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभा रहे हैं, उनके साथ न्याय होगा. लेकिन अगर आपने अन्याय किया है तो अब वही आपके साथ होने की आशंका हो सकती है. लेकिन डरने की जरूरत नहीं है, कई बार जाने-अनजाने ऐसी स्थितियां बन जाती हैं और हमको जानकारी नहीं हो पाती. इसलिए जाने-अनजाने की गई गलतियों के लिए शनिदेव से प्रार्थना करें और शनिवार को पूजा करें.

कर्मिक पैटर्न
अगर आप बार-बार एक ही तरह की समस्याओं का सामना कर रहे थे, जैसे रिश्ते बनना और फिर टूटना, तो इस समय शनि आपको इससे बाहर निकलने का मौका देने वाले हैं. उन कर्मिक पैटर्न को तोड़ने में मदद कर सकते हैं, जो आपको दर्द या कष्ट दे रहे थे. अब यह समय है जब आप किसी ऐसे व्यक्ति से मिल सकते हैं, जो आपके साथ हमेशा रहेगा और यह शनि की कृपा से होगा. साथ ही आपको समझ भी मिलेगी कि जीवन में आपके लिए क्या अच्छा है और क्या सही नहीं है.

क्या आप शनि के प्रभाव में हैं?
अगर आप शनि साढ़ेसाती, शनि ढैया, शनि महादशा से गुजर रहे हैं और जीवन में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं तो यह समय आपको राहत देने वाला है. परेशानियों से राहत मिलने के बाद से आप अन्य जरूरी चीजों पर भी ध्यान केंद्रित कर सकते हैं.

आध्यात्मिक जागृति और आंतरिक विकास
40 दिन की यह अवधि आध्यात्मिक जागृति के लिए बहुत अच्छा रहने वाला है. इस दौरान लोग अधिक आध्यात्मिक रूप से सक्रिय होंगे और अपने दिल और आत्मा की आवाज सुनने की कोशिश करेंगे. शनिदेव इस समय आपको अतीत को छोड़कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे. अपनी गलतियों को स्वीकार करने, क्षमा मांगने और बेहतर भविष्य की ओर देखने के लिए शनिदेव से प्रार्थना करें. दान करने से शनिदेव जल्दी प्रसन्न होते हैं. साथ ही आप ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः या ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जप कर सकते हैं.

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