Saturday Remedy: मेहनत के बाद भी नहीं मिल रहा फल? 7 शनिवार कर लें सूखा नारियल और काले तिल का खास उपाय
Saturday Remedy: कई लोगों की जिंदगी में ऐसा दौर आता है जब एक परेशानी खत्म भी नहीं होती और दूसरी सामने खड़ी हो जाती है. काम में रुकावट, पैसे की तंगी, रिश्तों में तनाव, मन में डर या बिना वजह बेचैनी-ये सब संकेत होते हैं कि कहीं न कहीं नकारात्मक असर बढ़ रहा है. लोग कोशिश तो बहुत करते हैं, लेकिन मेहनत का फल नहीं मिलता और हालात वैसे के वैसे बने रहते हैं. ऐसे समय में इंसान टूटने लगता है और उसे समझ नहीं आता कि आखिर गलती कहां हो रही है. हमारे यहां पुराने समय से कुछ ऐसे छोटे-छोटे उपाय बताए गए हैं, जो सीधे जीवन की अड़चनों पर असर डालते हैं. इनमें कोई दिखावा नहीं होता, न ही बहुत खर्च. बस सही दिन, सही तरीका और थोड़ी सी आस्था जरूरी होती है. शनिवार का दिन खास तौर पर उन लोगों के लिए माना जाता है, जिनके जीवन में बार-बार रुकावटें, नुकसान या भारीपन बना रहता है. सूखा नारियल और काले तिल से जुड़ा यह उपाय भी ऐसा ही एक सरल तरीका है, जिसे सही ढंग से किया जाए तो इसके असर को लोग खुद महसूस करते हैं. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.
सूखा नारियल क्यों माना जाता है खास
नारियल को हमारे यहां हमेशा से पवित्र माना गया है. पूजा-पाठ से लेकर शुभ कामों तक इसका इस्तेमाल होता है. सूखा नारियल खास इसलिए माना जाता है क्योंकि यह लंबे समय तक खराब नहीं होता और स्थिरता का संकेत देता है. जब जीवन में चीजें बार-बार बिगड़ रही हों, तो सूखा नारियल उस अस्थिरता को बाहर निकालने का प्रतीक बनता है.
ध्यान रखने वाली बात यह है कि यहां पानी वाला नारियल नहीं, बल्कि पूरा सूखा नारियल लिया जाता है. पानी वाला नारियल भावनाओं और इच्छाओं से जुड़ा माना जाता है, जबकि सूखा नारियल पुराने अटके हुए असर और बोझ को हटाने में काम आता है.
काले तिल का महत्व क्या है
काले तिल को शनि से जुड़ा माना जाता है. शनिवार का दिन भी शनि से जुड़ा होता है. जब जीवन में बार-बार नुकसान, रुकावट या बिना वजह डर बना रहता है, तो माना जाता है कि शनि का असर ठीक नहीं चल रहा. काले तिल नकारात्मकता को सोखने का काम करते हैं. इसी वजह से शनि से जुड़े कई उपायों में काले तिल का जिक्र मिलता है. यह उपाय भी उसी पर आधारित है, जिसमें काले तिल और सूखा नारियल साथ में इस्तेमाल किए जाते हैं.
उपाय करने का सही तरीका
इस उपाय को करने के लिए ज्यादा सामान या तैयारी की जरूरत नहीं है, लेकिन तरीका सही होना बहुत जरूरी है.
-शनिवार के दिन सुबह नहा-धोकर साफ कपड़े पहन लें
-एक पूरा सूखा नारियल लें
-उसमें थोड़े से काले तिल रख लें
-मन में अपनी परेशानी और जीवन की अड़चनों को याद करें
-बिना किसी से बात किए एक शांत और सुनसान जगह पर जाएं
-वहां उस सूखे नारियल को जमीन में गाड़ दें
यह काम करते समय पीछे मुड़कर नहीं देखना है और न ही रास्ते में किसी से बातचीत करनी है. माना जाता है कि ऐसा करने से जो नकारात्मक असर नारियल में गया है, वह वहीं दब जाता है.
कितनी बार करना है यह उपाय
यह उपाय एक बार में पूरा नहीं होता. इसे लगातार सात शनिवार तक करना होता है. हर शनिवार नया सूखा नारियल और नए काले तिल लेने चाहिए. बीच में अगर एक शनिवार छूट जाए, तो फिर से शुरुआत करना बेहतर माना जाता है.
सात शनिवार पूरे होते-होते कई लोग महसूस करते हैं कि मन हल्का होने लगा है, काम बनने लगे हैं या परेशानी की तीव्रता कम हो गई है.
उपाय करते समय किन बातों का रखें ध्यान
-उपाय को मजाक या शक के साथ न करें
-किसी को बताकर या दिखावे के लिए न करें
-मन में गुस्सा या नकारात्मक सोच न रखें
-शराब या गलत आदतों से उस दिन दूरी रखें
-साफ जगह और शांत माहौल चुनें
यह उपाय डर या दबाव से नहीं, बल्कि भरोसे के साथ करना असरदार माना जाता है.

किन लोगों को यह उपाय करना चाहिए
-जिनके काम बनते-बनते बिगड़ जाते हों
-जिन पर बार-बार आर्थिक दबाव आ रहा हो
-जिनके जीवन में बिना वजह डर या बेचैनी रहती हो
-जिनके रिश्तों में अचानक कड़वाहट आ गई हो
-जो मेहनत के बाद भी आगे नहीं बढ़ पा रहे हों
ऐसे लोगों के लिए यह उपाय एक सहारा बन सकता है.
यह उपाय कैसे असर करता है
मान्यता है कि सूखा नारियल और काले तिल व्यक्ति के आसपास जमी नकारात्मकता को अपने अंदर खींच लेते हैं. जब उसे जमीन में गाड़ दिया जाता है, तो वह असर वहीं दब जाता है और व्यक्ति धीरे-धीरे हल्का महसूस करने लगता है. कई बार असर तुरंत नहीं दिखता, लेकिन भीतर बदलाव शुरू हो जाता है.


