Paush Putrada Ekadashi 2025: नए साल की पहली पौष पुत्रदा एकादशी के उपाय, श्रीहरि को 3 सूखी चीजों के भोग से होगा लाभ
इस बार पुत्रदा एकादशी 10 जनवरी को मनाई जा रही है.इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और उनको भोग अर्पित करने से पुण्य की प्राप्ति होती है.
Paush Putrada Ekadashi 2025: हिंदू कैलेंडर के अनुसार पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पौष पुत्रदा एकादशी कहा जाता है. इस बार पुत्रदा एकादशी 10 जनवरी को मनाई जा रही है. यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जो संतान सुख की प्राप्ति के लिए संकल्प लेते हैं. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और उनको भोग अर्पित करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. लोग इस दिन भगवान को अलग-अलग प्रकार के भोग अर्पित करते हैं, जो घर में सुख-समृद्धि और शांति का कारण बनते हैं. आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से कि पौष पुत्रदा एकादशी पर भगवान विष्णु को कौन सी तीन सूखी चीजों का भोग अर्पित करना चाहिए.
1. फलों का भोग
पौष पुत्रदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु को ताजे फल अर्पित करना बहुत शुभ होता है. फल जीवन के विभिन्न पहलुओं की शुभता और समृद्धि का प्रतीक होते हैं. जब भगवान को विभिन्न प्रकार के फल चढ़ाए जाते हैं, तो यह व्यक्ति के जीवन में अच्छे अवसरों और सफलता की प्राप्ति का कारण बनता है. फलों का भोग अर्पित करने से भाग्य और सौभाग्य में वृद्धि होती है, जिससे जीवन में खुशहाली आती है.
यह भी पढ़ें – इन 7 पॉइंट्स में समझें हिंदू जीवन पद्धति, बच्चों को भी सिखाएं, जानें किसका क्या है महत्व?
2. सूखे मेवों का भोग
पौष पुत्रदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु को सूखे मेवे अर्पित करना बेहद लाभकारी माना जाता है. सूखे मेवों जैसे बादाम, काजू, पिस्ता और अखरोट को भगवान को चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है. यह भी माना जाता है कि सूखे मेवों का भोग लगाने से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति बेहतर होती है और धन की प्राप्ति के मार्ग खुलते हैं. इसके अलावा, इन मेवों का सेवन स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है.
यह भी पढ़ें – Makar Sankranti 2025: किसी को सम्मान तो किसी को सफलता दिलाएंगे सूर्य देव के 5 मंत्र, जानें इसके और भी फायदे
3. पंजीरी का भोग
पौष पुत्रदा एकादशी पर पंजीरी का भोग भी बहुत खास माना जाता है. पंजीरी भगवान विष्णु को अर्पित करने से घर में पारिवारिक सुख-शांति बनी रहती है. यह विशेष रूप से गृह क्लेश दूर करने और रिश्तों में सामंजस्य बनाए रखने में मदद करता है. पंजीरी का भोग परिवार के बीच प्रेम और सद्भावना को बढ़ाता है और सबके बीच सामूहिक सौहार्द की भावना को प्रबल करता है.
Tags: Astrology, Dharma Aastha, Putrada ekadashi, Religion
FIRST PUBLISHED : January 5, 2025, 15:58 IST


