Navratri 2025: नवरात्रि के अंतिम दिन राशि अनुसार करें यह पाठ, मिलेगा कई गुना फल और घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि

Navratri 2025: नवरात्रि के अंतिम दिन राशि अनुसार करें यह पाठ, मिलेगा कई गुना फल और घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि

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Navratri 2025: इस साल शारदीय नवरात्रि 2 अक्टूबर को संपन्न होगी, जो आठ साल बाद दस दिनों तक चली है. ज्योतिषाचार्य पंडित धीरज शर्मा के अनुसार, अंतिम नवरात्रि का विशेष महत्व है. मेष, सिंह, कर्क, वृश्चिक, मीन और धनु राशि वालों को हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए, जबकि वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला और कुंभ राशि वालों को दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना उत्तम रहेगा. मान्यता है कि अंतिम दिन श्रद्धापूर्वक पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती है.

करौली. शारदीय नवरात्रि का पावन महापर्व इस साल 2 अक्टूबर को संपन्न होगा. इस बार की नवरात्रि और भी खास रही है क्योंकि लगभग आठ साल बाद ऐसा संयोग बना है, जब नवरात्रि नौ दिन की बजाय पूरे दस दिनों तक रहेगी. मान्यता है कि इस पूरे पावन अवसर पर मां दुर्गा की आराधना करने से विशेष पुण्य और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

ज्योतिषाचार्य पंडित धीरज शर्मा बताते हैं कि नवरात्रि में भक्त अपनी इच्छाओं की पूर्ति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए माता रानी की उपासना करते हैं. इसमें नौ दिनों तक माता के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा की जाती है, लेकिन यदि कोई साधक किसी कारणवश इन दिनों में उपासना नहीं कर पाया है, तो वह अंतिम नवरात्रि यानी 2 अक्टूबर के दिन विशेष पाठ करके माता का आशीर्वाद पा सकता है. यह उपाय राशि अनुसार बताए गए हैं, जिन्हें करने से भक्तों को नवरात्रि का पूर्ण फल प्राप्त होता है.

इन राशियों के लिए हनुमान चालीसा का पाठ है लाभप्रद

ज्योतिषी धीरज शर्मा का कहना है कि मेष, सिंह, कर्क, वृश्चिक, मीन और धनु राशि वाले जातकों को नवरात्रि के अंतिम दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए. यह उपाय इन छह राशियों के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है. मान्यता है कि हनुमानजी का स्मरण करने से सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं और माता दुर्गा की विशेष कृपा भी प्राप्त होती है.

इन राशियों को करना चाहिए दुर्गा चालीसा का पाठ

वहीं वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला और कुंभ राशि वाले भक्तों को अंतिम नवरात्रि के दिन दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए. पंडित शर्मा के अनुसार इन पांच राशियों के जातकों को इस दिन दुर्गा सप्तशती के 13 अध्यायों का पाठ करना सबसे उत्तम रहेगा. यदि समयाभाव के कारण सभी अध्याय पूरे न हो सकें, तो कम से कम एक अध्याय का पाठ अवश्य करें. यह उपाय न केवल भक्तों की मनोकामना पूरी करता है, बल्कि परिवार में सुख-समृद्धि और शांति का वातावरण भी स्थापित करता है.

नवरात्रि के अंतिम दिन विशेष शक्ति का होता है संचार

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि का अंतिम दिन विशेष शक्ति का संचार करता है. इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ किए गए पाठ और पूजन का कई गुना फल प्राप्त होता है. इसलिए चाहे किसी ने नौ दिनों तक उपवास या पूजा की हो या न की हो, यदि अंतिम दिन श्रद्धापूर्वक माता रानी का स्मरण कर लिया जाए तो उसकी भी मनोकामना पूर्ण हो जाती है.

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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट… और पढ़ें

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नवरात्रि के अंतिम दिन राशि अनुसार करें यह पाठ, घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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