Mauni Amavasya 2026 Snan Daan Vidhi Niyam: सर्वार्थ सिद्धि योग में मौनी अमावस्या कल, कैसे करें स्नान-दान? ज्योतिषाचार्य से जानें विधि और नियम

Mauni Amavasya 2026 Snan Daan Vidhi Niyam: सर्वार्थ सिद्धि योग में मौनी अमावस्या कल, कैसे करें स्नान-दान? ज्योतिषाचार्य से जानें विधि और नियम

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Mauni Amavasya 2026 Snan Daan Vidhi Niyam: मौनी अमावस्या माघ अमावस्या को होती है. इस बार मौनी अमावस्या 18 जनवरी को है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और उसके बाद दान देते हैं. मौनी अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग बना है. आइए जानते हैं मौनी अमावस्या के स्नान-दान विधि और नियम.

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मौनी अमावस्या स्नान-दान विधि और नियम.
Mauni Amavasya 2026 Snan Daan Vidhi Niyam: मौनी अमावस्या 18 जनवरी रविवार को मनाई जाएगी. इस बार मौनी अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, जो अत्यंत ही शुभ फलदायी माना जाता है. सर्वार्थ सिद्धि योग के दिन गंगा स्नान करने का विशेष महत्व है, जिससे व्यक्ति के सारे पाप धुल जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है. स्नान के बाद दान करते हैं. मौनी अमावस्या माघ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है. आपको भी मौनी अमावस्या पर स्नान और दान करना है तो उज्जैन स्थिति महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के ज्योतिषाचार्य डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी से जानते हैं मौनी अमावस्या के स्नान-दान विधि और नियम के बारे में.

मौनी अमावस्या मुहूर्त

मौनी अमावस्या स्नान-दान विधि और नियम

  1. मौनी अमावस्या को ब्रह्म मुहूर्त में उठ जाएं और दैनिक क्रियाओं से निवृत हो जाएं. उसके बाद स्नान की तैयारी करें.
  2. इस दिन गंगा स्नान कर रहे हैं तो बहुत अच्छा है. यदि गंगा स्नान नहीं कर पा रहे हैं तो नहाने के पानी में गंगाजल और काला तिल मिलाकर स्नान करें. उसके बाद साफ कपड़े पहनें.
  3. मौनी अमावस्या पर सुबह में उठें तो कुछ न बोलें, स्नान करने तक आपको मौन रखना है. स्नान के बाद ही बोलें. उसमें भी आपको भजन, मंत्र जाप, नाम जाप आदि करना चाहिए.
  4. यदि आपको पूरे दिन मौन व्रत रखना है तो इसके लिए संकल्प कर लें. संकल्प के बिना किया गया व्रत फलदायी नहीं माना जाता है. संकल्प के साथ मौन व्रत का प्रारंभ करें.
  5. स्नान के बाद आप भगवान विष्णु की विधि विधान से पूजा करें. फिर अपनी क्षमता के अनुसार किसी गरीब ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को काला तिल, अन्न, गरम कपड़े, कंबल आदि का दान करें. ऐसा करने से व्यक्ति के पाप मिटते हैं और पुण्य लाभ होता है.
  6. जब स्नान कर लें, उसके बाद कुश की पवित्री से अपने पितरों को जल से तर्पण दें. जब दान करें तो पितरों का स्मरण करके उनके लिए भी दान करें. इससे वे खुश होंगे और उनका आशीर्वाद आपके भाग्योदय में सहायक होगा.

मौनी अमावस्या का पौराणिक महत्व

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कार्तिकेय तिवारी

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक…और पढ़ें

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