Makar Sankranti kaise manate hai: क्यों और कैसे मनाई जाती है मकर संक्रांति, जानें अनोखी और रंग-बिरंगी परंपरा के बारे में
Makar Sankranti kaise manate hai: भारत में त्योहार सिर्फ खुशियां मनाने का मौका नहीं होते, बल्कि ये हमें हमारी परंपरा, प्रकृति और संस्कारों से भी जोड़ते हैं. मकर संक्रांति ऐसा ही एक खास त्योहार है, जो हर साल जनवरी के महीने में आता है और बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के चेहरे पर मुस्कान ले आता है. सर्दी के मौसम में रंग-बिरंगी पतंगें, तिल-गुड़ की मिठाइयां और परिवार के साथ बिताया गया समय इस दिन को और भी खास बना देता है. मकर संक्रांति का संबंध सूरज की चाल से जुड़ा है. इस दिन सूर्य उत्तर दिशा की ओर चलना शुरू करता है, जिसे उत्तरायण कहा जाता है. मान्यता है कि इस बदलाव के साथ ठंड धीरे-धीरे कम होने लगती है और वसंत का मौसम आने लगता है. यही वजह है कि इसे नई शुरुआत का त्योहार भी माना जाता है. बच्चों के लिए मकर संक्रांति इसलिए भी खास है क्योंकि इस दिन स्कूल की छुट्टी, पतंग उड़ाने की मस्ती, नए कपड़े और तरह-तरह के पकवान मिलते हैं, लेकिन सिर्फ इतना ही नहीं, इस त्योहार के पीछे कई कहानियां, सीख और परंपराएं भी छुपी हैं, जिन्हें जानना बच्चों के लिए बहुत जरूरी है. जब बच्चे त्योहार का मतलब समझते हैं, तो वे उसे और ज्यादा खुशी के साथ मनाते हैं. आइए अब आसान भाषा में जानते हैं कि मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है, इसका क्या महत्व है और इस दिन कौन-कौन से रिवाज निभाए जाते हैं.
मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है
मकर संक्रांति फसलों से जुड़ा त्योहार है. जब खेतों में फसल पककर तैयार हो जाती है, तब किसान भगवान और प्रकृति का धन्यवाद करते हैं. इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, इसलिए इसे मकर संक्रांति कहा जाता है. माना जाता है कि यह दिन अच्छे समय की शुरुआत करता है और नकारात्मक चीजों को पीछे छोड़ने का संदेश देता है.
मकर संक्रांति की तारीख क्यों खास है
अधिकतर भारतीय त्योहार हर साल अलग-अलग तारीख को आते हैं, लेकिन मकर संक्रांति लगभग हर साल 14 या 15 जनवरी को ही मनाई जाती है. ऐसा इसलिए क्योंकि यह सूर्य के कैलेंडर से जुड़ा है. बच्चों के लिए यह जानना रोचक होता है कि यह त्योहार आसमान में सूरज की चाल से तय होता है.
मकर संक्रांति पर बनने वाले खास पकवान
इस दिन तिल और गुड़ से बनी चीजों का खास महत्व होता है. तिल के लड्डू, गुड़ की मिठाइयां, खिचड़ी, दही-चूड़ा, पोंगल, फिरनी और दूध पुली जैसे पकवान अलग-अलग राज्यों में बनाए जाते हैं. बच्चों को बताया जाता है कि तिल और गुड़ ठंड में शरीर को गर्म रखते हैं और सेहत के लिए अच्छे होते हैं.
पतंग उड़ाने का मजा
बच्चों के लिए मकर संक्रांति का सबसे बड़ा आकर्षण पतंग उड़ाना होता है. इस दिन आसमान रंगीन पतंगों से भर जाता है. माना जाता है कि धूप में पतंग उड़ाने से शरीर को फायदा होता है. गुजरात और महाराष्ट्र में तो यह त्योहार पतंगों के बिना अधूरा माना जाता है.
दान और मदद की सीख
मकर संक्रांति बच्चों को दान और मदद की सीख भी देती है. इस दिन लोग जरूरतमंदों को खाना, कपड़े और अनाज देते हैं. इससे बच्चों को समझाया जाता है कि खुशियां बांटने से बढ़ती हैं और दूसरों की मदद करना अच्छी बात है.

भारत के अलग-अलग राज्यों में मकर संक्रांति
-पंजाब में इसे लोहरी कहा जाता है और आग के चारों ओर नाच-गाना होता है
-तमिलनाडु में पोंगल नाम से चार दिन तक उत्सव चलता है
-महाराष्ट्र में तिलगुल बांटकर मीठा बोलने की सीख दी जाती है
-बिहार और उत्तर प्रदेश में खिचड़ी का खास महत्व है
इस तरह हर राज्य में नाम अलग हो सकता है, लेकिन खुशी और संदेश एक ही होता है.
बच्चों को क्या सिखाता है यह त्योहार
मकर संक्रांति बच्चों को प्रकृति से जुड़ना, मेहनत की कद्र करना, मिल-जुलकर रहना और पुराने गिले-शिकवे भूलना सिखाता है. यह त्योहार बताता है कि हर अंधेरे के बाद रोशनी जरूर आती है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)


