Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर करें इन 5 चीजों का दान, चमक जाएगी किस्मत, लक्ष्मी और सूर्य देव की बरसेगी कृपा!
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Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति 2026 पर 14 और 15 जनवरी को दान का विशेष योग बन रहा है. पंडितों के अनुसार खिचड़ी. गुड़. काले तिल. गर्म वस्त्र और घी का दान करने से पितृदोष समाप्त होता है और आर्थिक उन्नति होती है. यह पर्व सूर्य के उत्तरायण होने का उत्सव है. जो सौभाग्य और समृद्धि का द्वार खोलता है.
मकर संक्रांति का पर्व हिंदू धर्म में विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है. यह पर्व सूर्य देव के धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करने का प्रतीक माना जाता है. जिसे ज्योतिष शास्त्र में उत्तरायण की शुभ शुरुआत भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार. इस विशेष दिन से देवताओं का दिन प्रारंभ होता है और नकारात्मकता का अंत होता है. यही कारण है कि मकर संक्रांति के अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान. गरीबों को दान और मंत्रों का जप करना कई गुना अधिक फलदायी माना जाता है. इस दिन खिचड़ी और तिल-गुड़ का सेवन करने की भी विशेष परंपरा है. जो स्वास्थ्य और सौभाग्य दोनों का संचार करती है.

करौली के आध्यात्मिक गुरु पंडित हरिमोहन शर्मा के अनुसार. वर्ष 2026 में मकर संक्रांति का पावन पर्व 14 और 15 जनवरी को मनाया जाएगा. भारत की सांस्कृतिक विविधता के कारण यह उत्सव देश के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न नामों और अनूठी परंपराओं के साथ मनाया जाता है. जहाँ उत्तर भारत में इसे मुख्य रूप से ‘खिचड़ी पर्व’ के रूप में पहचान मिली है. वहीं दक्षिण भारत में इसे ‘पोंगल’ के नाम से बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है.

मकर संक्रांति को मुख्य रूप से खिचड़ी का पर्व भी कहा जाता है. इस विशेष दिन पर काली उड़द की दाल या बनी हुई खिचड़ी का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार. ऐसा करने से घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती और परिवार में सुख-शांति व समृद्धि बनी रहती है.
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मकर संक्रांति पर गुड़ का दान करना आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार. गुड़ को सूर्य देव का प्रतीक माना जाता है. इसलिए इस दिन गुड़ का दान करने से कुंडली में सूर्य ग्रह की स्थिति मजबूत होती है. जिससे व्यक्ति के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और समाज में मान-सम्मान व पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है.

मकर संक्रांति के अवसर पर काले तिल का दान करना अत्यंत शुभ और कल्याणकारी माना गया है. इस दिन सूर्यदेव को जल में काले तिल डालकर अर्घ्य देने का विशेष विधान है. जिससे पितृ दोष में कमी आती है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इसके साथ ही. चूंकि तिल का संबंध शनि देव से भी है. इसलिए इस दिन तिल के दान से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है.

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गर्म वस्त्र और कंबल का दान करना न केवल मानवता की सेवा है. बल्कि इसे शास्त्रों में महापुण्य का कार्य भी माना गया है. कड़ाके की ठंड के इस मौसम में जरूरतमंदों को कंबल. स्वेटर या अन्य गर्म कपड़े भेंट करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. धार्मिक मान्यता है कि इस निस्वार्थ सेवा से घर में दरिद्रता का नाश होता है और स्थायी सुख-समृद्धि का वास होता है.

मकर संक्रांति के पावन पर्व पर घी का दान करना विशेष फलदायी और शुभ माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार. इस दिन शुद्ध देसी घी का दान करने से व्यक्ति की आर्थिक उन्नति के द्वार खुलते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है. विशेष मान्यताओं के अनुसार. संक्रांति पर साढ़े तीन किलो घी का दान करना महापुण्य प्रदान करता है. जिससे परिवार में खुशहाली आती है और मान-सम्मान में वृद्धि होती है.


