Maha Shivratri Parana Time: महाशिवरात्रि व्रत के पारण में अमावस्या तिथि का रखें ध्यान, जानें कैसे करें पारण? 1 घंटे 48 मिनट का मिलेगा समय
महाशिवरात्रि के पारण में अमावस्या तिथि का रखें ध्यान, जानें कब और कैसे करें?
Last Updated:
Maha Shivratri Parana Time: धर्माचार्यों का कहना है कि महाशिवरात्रि का व्रत सही समय और विधि से पारण करने पर ही व्रत का संपूर्ण फल मिलता है. इसलिए श्रद्धालुओं को चाहिए कि वे पंचांग देखकर ही पारण करें और शास्त्रीय विधि का पालन करें. आइए जानते हैं महाशिवरात्रि व्रत का पारण कब और कैसे करना है.
Maha Shivratri Parana Time & Vidhi: 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का व्रत किया जा रहा है तो व्रत का पारण 16 फरवरी दिन सोमवार को किया जाएगा. भगवान शिव की आराधना का महापर्व महाशिवरात्रि श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है. इस दिन भक्त उपवास रखकर रात्रि जागरण करते हैं और शिवलिंग का अभिषेक करते हैं. व्रत रखने जितना ही महत्वपूर्ण है उसका सही समय पर और विधि से पारण (व्रत खोलना) करना. शिव पुराण में महाशिवरात्रि के व्रत के पारण को लेकर संपूर्ण विधि बताई गई है. इस विधि का पालन करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है और भगवान शिव व माता पार्वती की कृपा बनी रहती है. आइए जानते हैं आखिर महाशिवरात्रि के व्रत का पारण कब किया जाएगा और व्रत के पारण की विधि क्या है…
कब करें महाशिवरात्रि व्रत का पारण?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि का व्रत अगले दिन प्रातःकाल चतुर्दशी तिथि समाप्त होने के बाद किया जाता है. पंडितों के अनुसार बिना तिथि देखे जल्दबाजी में पारण नहीं करना चाहिए. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार व्रत का पारण केवल भोजन करना नहीं, बल्कि एक धार्मिक प्रक्रिया है, यह व्रत की पूर्णता का प्रतीक है. मान्यता है कि विधिपूर्वक पारण करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं. साथ ही, पारण के समय दान-पुण्य करने से पुण्यफल कई गुना बढ़ जाता है. धर्माचार्यों का कहना है कि महाशिवरात्रि का व्रत आत्मसंयम, श्रद्धा और भक्ति का पर्व है. सही समय और विधि से पारण करने पर ही व्रत का संपूर्ण फल मिलता है. इसलिए श्रद्धालुओं को चाहिए कि वे पंचांग देखकर ही पारण करें और शास्त्रीय विधि का पालन करें.
महाशिवरात्रि पारण समय और अमावस्या तिथि
महाशिवरात्रि के व्रत में सुबह से लेकर रात्रि के चारों प्रहर तक पूजा अर्चना और व्रत किया जाता है. 16 फरवरी को चतुर्दशी तिथि सुबह 5 बजकर 34 मिनट से शुरू हो रही है और फिर अमावस्या तिथि की शुरुआत हो जाएगी. इसलिए व्रत का पारण 6 बजकर 59 मिनट के बाद ही करें क्योंकि इस समय तक चौथे प्रहर की पूजा का समापन होता है. 16 फरवरी को सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है और इस योग में व्रत का पारण करना सबसे अच्छा है. सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6 बजकर 59 मिनट से शुरू होगा और 8 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. इस समय व्रत का पारण करना सबसे उत्तम माना गया है. आपको पारण के लिए 1 घंटे 48 मिनट का समय मिलेगा.
महाशिवरात्रि व्रत 2026 पारण विधि
- महाशिवरात्रि के व्रत का पारण 16 फरवरी दिन सोमवार को होगा इसलिए ब्रह्ममुहूर्त में उठकर शिवालय में जाकर शिवलिंग की विधि विधान के साथ पूजा अर्चना करें.
- पूजा अर्चना करने के बाद भगवान शिव के मंत्र ‘ॐ नम: शिवाय’ का जप करें.
- भगवान शिव से व्रत में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें. इसके बाद फलाहार से व्रत का समापन करें.
- अगर आप चारों प्रहरों में भी शिवजी की पूजा अर्चना कर रहे हैं तब भी यह नियम लागू होगा.
- पारण में सात्विक भोजन करें और गरीब व जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं और दान करें.
About the Author

पराग शर्मा एक अनुभवी धर्म एवं ज्योतिष पत्रकार हैं, जिन्हें भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेदनी ज्योतिष, वैदिक शास्त्रों और ज्योतिषीय विज्ञान पर गहन अध्ययन और लेखन का 12+ वर्षों का व्यावहारिक अनुभव ह…और पढ़ें


