Maha Shivratri 2026 Bhadra Kaal Timing: आज महाशिवरात्रि पर शाम से लगेगी भद्रा, तो क्या कर सकते शिव पूजा? पंचांग से जानें समय, निशिता मुहूर्त

Maha Shivratri 2026 Bhadra Kaal Timing: आज महाशिवरात्रि पर शाम से लगेगी भद्रा, तो क्या कर सकते शिव पूजा? पंचांग से जानें समय, निशिता मुहूर्त

Maha Shivratri 2026 Bhadra Kaal Timing: आज देशभर में महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जा रहा है. शिव भक्त सुबह से ही शिवालयों में शिवलिंग का जलाभिषेक कर रहे हैं. शिव की नगरी काशी हो या फिर महाकाल की नगरी उज्जैन, हर जगह हर हर महादेव के जयघोष से गूंज रहा है. शिवभक्तों के लिए महाशिवरात्रि सबसे बड़ा पर्व है, इस दिन लोग व्रत, पूजा, रुद्राभिषेक, मंत्र जाप आदि से अपने भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न कर लेना चाहते हैं, ताकि शिव कृपा से उनकी मनोकामनाएं पूरी हो जाएं. आज महाशिवरात्रि पर 12 घंटे से अधिक समय तक का सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है. लेकिन शाम में महाशिवरात्रि पर भद्रा लग रही है. भद्रा को अशुभ समय माना जाता है. भद्रा में कोई शुभ कार्य करते हैं, तो उसमें विघ्न और बाधाएं आती हैं. उसका फल शुभ नहीं होता है. ऐसे में सवाल यह है कि भद्रा में महाशिवरात्रि की पूजा कर सकते हैं या नहीं? भद्रा कब से कब तक है?

महाशिवरात्रि मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है. इस बार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि आज शाम 05 बजकर 04 मिनट से शुरू हो रही है और यह कल यानि 16 फरवरी सोमवार को शाम 5 बजकर 34 मिनट तक है. निशिता पूजा मुहूर्त के आधार पर आज महाशिवरात्रि मनाई जा रही है.

महाशिवरात्रि पर भद्रा कब से कब तक है?

आज महाशिवरात्रि के अवसर पर भद्रा शाम को 5 बजकर 4 मिनट से प्रारंभ हो रही है. यह भद्रा 12 घंटे तक रहेगी. भद्रा का समापन 16 फरवरी को सुबह में 5 बजकर 23 मिनट पर होगा.

इस भद्रा का वास स्थान पाताल लोक में है. कहा जाता है कि पाताल और स्वर्ग की भद्रा का दुष्प्रभाव मृत्यु लोक यानि धरती पर नहीं होता है. हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि शुभ कार्यों के लिए पाताल की भद्रा का भी त्याग करना चाहिए. उस समय में शुभ कार्य नहीं करने चाहिए.

भद्रा में कैसे होगी महाशिवरात्रि पूजा?

भद्रा में कोई शुभ कार्य नहीं करते हैं, लेकिन भगवान शिव की पूजा में कोई बाधा नहीं आएगी. भगवान शिव स्वयं महाकाल हैं और वे काल से परे हैं. वे एक ऐसे भगवान हैं, जिनकी पूजा तो राहुकाल में भी की जाती है. महाशिवरात्रि के रात्रि चार प्रहर की पूजा भद्रा काल में ही होगी.

रात्रि प्रथम प्रहर पूजा का मुहूर्त शाम 06:39 बजे से लेकर रात 09:45 बजे तक है, वहीं रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा का मुहूर्त रात 09:45 बजे से लेकर देर रात 12:52 एएम तक है, उसके बाद रात्रि तृतीय प्रहर पूजा का मुहूर्त मध्य रात्रि 12:52 एएम से लेकर 03:59 एएम तक है. वहीं अंतिम या रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा का मुहूर्त तड़के 03:59 एएम से लेकर सुबह 07:06 एएम तक है.

महाशिवरात्रि निशिता पूजा मुहूर्त

आज महाशिवरात्रि की निशिता पूजा का शुभ मुहूर्त देर रात 12 बजकर 09 मिनट से मध्य रात्रि 01 बजकर 01 मिनट तक है. निशिता मुहूर्त में मंत्रों की सिद्धि करते हैं. निशिता पूजा मुहूर्त से ही महाशिवरात्रि और मासिक शिवरात्रि की तारीखें तय होती हैं.

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