Kiradu Temple: बेहद रहस्यों से भरा है राजस्थान का यह मंदिर, एक श्राप की वजह से शाम को इंसा
राजस्थान का वो रहस्यमयी मंदिर, जहां से शाम होते ही भागने लगते हैं लोग
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Kiradu Temple: भारत में कोई मंदिर अपने चमत्कार के लिए तो कोई मंदिर अपनी वास्तु कला के लिए प्रसिद्ध है. लेकिन राजस्थान का एक ऐसा मंदिर है, जो अपने रहस्य और श्राप की वजह से प्रसिद्ध है. बताया जाता है कि यहां पर शाम होते ही, सभी लोग मंदिर को खाली कर देते हैं और इसकी वजह से एक श्राप. आइए जानते हैं राजस्थान के इस मंदिर के बारे में…
Kiradu Temple: भारत में कई मंदिर हैं, जो अपने चमत्कार, वास्तुकला, ऐतिकाहिस आदि खासियत के लिए जाने जाते हैं. लेकिन बाड़मेर के रेगिस्तान में एक ऐसा मंदिर है, जो अपने रहस्य, वास्तु और श्राप के लिए जाना जाता है. यहां शाम होते हैं लोग मंदिरों से निकलकर भाग जाते हैं और पूरा मंदिर वीरान हो जाता है. यह मंदिर है किराडू मंदिर. यह कोई साधारण मंदिर नहीं है, बल्कि पांच मंदिरों की एक ऐसी श्रृंखला है. जिसमें से एक भगवान विष्णु को और बाकी चार महादेव को समर्पित हैं. इस मंदिर की खासियत यह भी है कि किराडू मंदिर उत्तर भारत में होने के बाद भी दक्षिण भारत की शैली में बना हुआ है. आइए जानते हैं राजस्थान के इस रहस्यमयी मंदिर के बारे में…
राजस्थान का खजुराहो है यह मंदिर
इस मंदिर की खूबसूरती देखकर आपको लगेगा कि यह राजस्थान का खजुराहो है. हर दीवार, हर खंभा और हर छत पर नक्काशी इतनी अद्भुत है कि आप घंटों वहीं ठहरे रहना चाहेंगे. पांच मंदिरों के समुह में मुख्य मंदिर सोमेश्वर मंदिर है, जो भगवान शिव को समर्पित है. बाकी के चार मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है. मंदिर की काफी मूर्तियां टूटी हुई हैं क्योंकि हजारों साल पुराने इन मंदिरों में समय के साथ काफी बदलाव किए गए हैं. हालांकि इस मंदिर में शाम के बाद ठहरना वर्जित है. कहा जाता है कि कोई भी अगर रात तक रुका, वह वापस नहीं आया. लोगों का कहना है कि यह सब साधु के श्राप की वजह से है.
गुस्से में साधु ने दिया श्राप
स्थानीय लोगों का कहना है कि काफ़ी समय पहले एक साधु अपने शिष्यों के साथ किराडू आए. कुछ दिन वे वहीं रहे और फिर देश भ्रमण पर निकल पड़े लेकिन अचानक उनके शिष्य बीमार पड़ गए. गांव के लोग उनकी मदद नहीं करना चाहते थे लेकिन एक कुम्हारिन ने उनकी पूरी देखभाल की. जब साधु वापस आए और शिष्यों को इस हालत में देखा, तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर था. उन्होंने श्राप दिया कि जहां मानवता नहीं है, वहां के लोग भी ना रहें, जिसके बाद गांव के लोग पत्थर बन गए.
पत्थर में बदल जाता है इंसान
साधु ने उस कुम्हारिन को चेताया कि वह शाम से पहले वहां से निकल जाए और रास्ते में कभी पीछे मुड़कर ना देखे लेकिन जैसे ही वह कुम्हारिन पीछे मुड़ी, वह भी पत्थर में बदल गई. तभी से यह माना जाता है कि जो कोई भी यहां शाम के बाद रुका, वह पत्थर बन जाता है.
शाम में नहीं ठहरता कोई व्यक्ति
किराडू मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है बल्कि एक रहस्यमयी व ऐतिहासिक अनुभव है. आज भी सुबह पूरा परिसर चहल-पहल वाला लगता है लेकिन जैसे ही शाम होती है, लोग जल्दी-जल्दी बाहर निकलने लगते हैं. कोई भी यहां शाम के बाद ठहरना नहीं चाहता.
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पराग शर्मा एक अनुभवी धर्म एवं ज्योतिष पत्रकार हैं, जिन्हें भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेदनी ज्योतिष, वैदिक शास्त्रों और ज्योतिषीय विज्ञान पर गहन अध्ययन और लेखन का 12+ वर्षों का व्यावहारिक अनुभव ह…और पढ़ें


