Karwa Chauth 2025 Niyam: करवा चौथ के 4 अनकहे आधुनिक नियम, समय के साथ बदल रहा व्रत का तरीका, महिला-पुरुष दोनों के लिए खास

Karwa Chauth 2025 Niyam: करवा चौथ के 4 अनकहे आधुनिक नियम, समय के साथ बदल रहा व्रत का तरीका, महिला-पुरुष दोनों के लिए खास

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Karwa Chauth 2025 Niyam: करवा चौथ 10 अक्टूबर को है. समय के साथ करवा चौथ व्रत का तरीका बदल रहा है. आज के समय में पत्नी के साथ पति भी व्रत रखते हैं. आइए जानते हैं करवा चौथ व्रत की उन बातों के बारे में, जो एक आधुनिक नियम बन गए हैं.

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करवा चौथ व्रत के आधुनिक नियम.
Karwa Chauth 2025 Niyam: करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर शुक्रवार को है. समय के साथ करवा चौथ के व्रत का तरीका भी बदल रहा है. पहले महिलाएं व्रत रखकर सामान्य तरीके से श्रृंगार, पूजा-पाठ आदि करके पारण कर लेती थीं. उनका व्रत हो जाता था. लेकिन बदलते समय के साथ करवा चौथ के व्रत भी बदलाव आया है. आजकल करवा चौथ का व्रत पत्नी के साथ पति भी करते हैं, यह पूजा पाठ के साथ सोशल नेटवर्किंग को मजबूती देने और सोशल मीडिया के युग में स्वयं को स्पेशल फील कराने का भी अवसर है. आइए जानते हैं कि करवा चौथ व्रत में 4 आधुनिक नियम कौन से हैं, जो समय के साथ जुड़ गए हैं.

करवा चौथ के अनकहे 4 आधुनिक नियम

  1.  पत्नी या जीवनसाथी के साथ पति भी करवा चौथ का व्रत रखते हैं. जिन लोगों ने लव मैरिज की है, वे अपने प्रेम के दिनों से ही इस व्रत को साथ कर रहे हैं, तो कुछ विवाह होने पर जीवनसाथी के साथ इस व्रत को पूरे नियम के साथ कर रहे हैं. यह पति और पत्नी के बीच रिश्ते की पवित्रता, समानता, प्रेम, त्याग और समर्पण का प्रतीक है.
  2. करवा चौथ व्रत में पति के हाथों पानी पीकर पारण करते हैं. लेकिन जिनके पति घर पर नहीं हैं, काम के सिलसिले में शहर से दूर हैं या देश सेवा के लिए सीमा पर तैनात हैं, उनके लिए वीडियो कॉल ने काम को कुछ आसान कर दिया है. चंद्रमा को अर्घ्य देते समय वे सुहागन महिलाएं पति को वीडियो कॉल करके पारण से व्रत को पूरा कर लेती हैं. स्मार्टफोन से पहले के समय में करवा चौथ व्रत के पारण के वक्त पति नहीं होते थे, तो महिलाएं उनकी तस्वीर को सामने रखकर व्रत को पूरा कर लेती थीं.
  3. आधुनिक समय में करवा चौथ, व्रत और पूजा पाठ के अलावा उत्सव और सोशल नेटवर्किं को मजबूती देने का भी अवसर है. इस मौके पर सुहागन महिलाएं घर पर करवा चौथ पूजा का आयोजन बड़े स्तर पर करती हैं, जिसमें वे अपने सेहलियों और रिश्तेदारों को आमंत्रित करती हैं. यह उनके सामाजिक मान सम्मान में बढ़ोत्तरी और बड़ों के आशीर्वाद प्राप्ति का माध्यम भी बना है.
  4. करवा चौथ व्रत समय के साथ बदला है. यह महिलाओं के सजने और संवरने का अवसर देता है. अधिकतर महिलाओं को इस दिन का बेसब्री से इंतजार होता है और वे इसके लिए महीने पहले से ही तैयारी करने लगती हैं. करवा चौथ पर किस रंग के कपड़े, कैसे जेवर, मेहंदी आदि हो, कौन सा पार्लर मेकअप और सजने के लिए अच्छा होगा? इन सब की तैयारी पहले से करती हैं. आधुनिक समय में हर महिला की यह ख्वाहिश होती है क्योंकि करवा चौथ पर आधुनिकता के साथ बाजारवाद भी हावी है. इन सबके अलावा सुंदर दिखना सबका अधिकार है.

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कार्तिकेय तिवारी

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक…और पढ़ें

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक… और पढ़ें

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