Janmashtami 2025: जन्माष्टमी पर घर का मंदिर सजाने के वास्तु टिप्स, जिससे मिलेगा कान्हा जी का आशीर्वाद और खुशियां

Janmashtami 2025: जन्माष्टमी पर घर का मंदिर सजाने के वास्तु टिप्स, जिससे मिलेगा कान्हा जी का आशीर्वाद और खुशियां

Janmashtami vastu tips: जन्माष्टमी का त्योहार पूरे देश में बड़ी धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है. इस दिन की तैयारी लोग कई दिन पहले से शुरू कर देते हैं. घर में साफ-सफाई, रंग-रोगन, सजावट और मंदिर की डेकोरेशन सब कुछ खास तरीके से किया जाता है. जन्माष्टमी के मौके पर कान्हा जी का झूला सजाना, लड्डू गोपाल को श्रृंगार करना और मंदिर को खूबसूरती से सजाना एक परंपरा बन चुकी है. लेकिन अगर आप इस दिन मंदिर सजाने के साथ कुछ खास वास्तु टिप्स भी अपनाएं तो यह आपके घर में सुख-समृद्धि और पॉजिटिव एनर्जी लाने में मदद कर सकता है. माना जाता है कि सही दिशा और तरीके से भगवान की स्थापना और सजावट करने से भाग्य चमकता है और घर में हमेशा बरकत बनी रहती है. आइए जानते हैं जन्माष्टमी पर घर का मंदिर सजाने के कुछ आसान लेकिन असरदार वास्तु टिप्स. इस बारे में बता रहे हैं ज्योतिषाचार्य अंशुल त्रिपाठी.

लड्डू गोपाल की चौकी की सही दिशा
जन्माष्टमी पर कई भक्त अपने घर में लड्डू गोपाल की अलग चौकी लगाते हैं और उसे फूलों, कपड़ों और लाइट्स से सजाते हैं. वास्तु के अनुसार भगवान की चौकी रखने की दिशा बहुत मायने रखती है. सबसे शुभ दिशा उत्तर मानी जाती है. अगर वहां जगह न हो तो पूर्व दिशा में भी बाल गोपाल की चौकी रखी जा सकती है. उत्तर दिशा को तरक्की, सुख-समृद्धि और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस दिशा में स्थापना से घर में बरकत बनी रहती है.

नई प्रतिमा लाते समय इन बातों का ध्यान रखें
अगर आप इस बार जन्माष्टमी पर घर में लड्डू गोपाल की नई प्रतिमा लाने का सोच रहे हैं, तो उसका साइज सही चुनना जरूरी है. बहुत बड़ी प्रतिमा घर में रखना शुभ नहीं माना जाता. वास्तु के अनुसार अंगूठे के बराबर यानी लगभग 2-3 इंच की प्रतिमा सबसे शुभ होती है. छोटी प्रतिमा को घर में रखना आसान होता है और उसकी पूजा-अर्चना भी अच्छे से हो पाती है.

मंदिर सजाते समय किन बातों से बचें
मंदिर और घर को सजाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. पूजा-पाठ में काले रंग का प्रयोग वर्जित माना जाता है, इसलिए मंदिर सजाने में लाल, पीला, हरा, गुलाबी जैसे शुभ रंगों का इस्तेमाल करें. मंदिर के आस-पास जूते-चप्पल, झाड़ू या गंदगी न रखें. जिस जगह पर भगवान की प्रतिमा स्थापित करनी है, उसे अच्छे से साफ करें और वहां हल्का सा गंगाजल छिड़क दें.

मोर पंख और बांसुरी की सही जगह
कान्हा जी को मोर पंख और बांसुरी बहुत प्रिय है. वास्तु के अनुसार बांसुरी को भगवान के दाएं हाथ में रखना शुभ होता है. अगर ऐसा संभव न हो तो भगवान की दाईं ओर बांसुरी और मोर पंख रखें. इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और भगवान की कृपा बनी रहती है.

सजावट में पॉजिटिव एनर्जी का ध्यान रखें
मंदिर सजाते समय फूल, लाइट्स और रंगों का चुनाव ऐसा करें जो आंखों को सुकून देने वाला हो. बहुत ज्यादा चमक-धमक या तेज आवाज वाली सजावट से बचें. मंदिर की सजावट में प्राकृतिक चीजों जैसे फूल, पत्ते, मोमबत्ती और दीयों का इस्तेमाल करें. यह घर में पॉजिटिव एनर्जी लाते हैं और माहौल को पवित्र बनाते हैं.

जन्माष्टमी पर घर का मंदिर सजाना सिर्फ डेकोरेशन नहीं बल्कि भगवान के प्रति प्रेम और भक्ति का प्रतीक है. अगर इस दिन आप थोड़े से वास्तु टिप्स अपनाएं तो कान्हा जी की कृपा आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद लेकर आएगी. इस साल जन्माष्टमी को और भी खास बनाएं और अपने घर में प्यार और पॉजिटिविटी का माहौल भर दें.

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