Hanuman Puja Tips : कलयुग में हनुमान भक्ति क्यों मानी जाती है सबसे असरदार, जानें सिंदूर चढ़ाने से कैसे प्रसन्न होते हैं बजरंगबली

Hanuman Puja Tips : कलयुग में हनुमान भक्ति क्यों मानी जाती है सबसे असरदार, जानें सिंदूर चढ़ाने से कैसे प्रसन्न होते हैं बजरंगबली

Hanuman Puja Tips : सनातन परंपरा में हनुमान जी को शक्ति, साहस और भक्ति का सबसे बड़ा उदाहरण माना गया है. वे ऐसे देवता हैं जो बिना किसी स्वार्थ के अपने आराध्य भगवान राम की सेवा में हमेशा तत्पर रहते हैं. हनुमान जी को संकटमोचक कहा जाता है, यानी जो भी भक्त सच्चे मन से उनकी पूजा करता है, उसके जीवन की परेशानियां धीरे धीरे दूर होने लगती हैं. खास बात यह है कि कलयुग में हनुमान जी की भक्ति को बहुत प्रभावशाली माना गया है. मंगलवार का दिन हनुमान जी की पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है. इस दिन भक्त मंदिरों में जाकर उन्हें सिंदूर चढ़ाते हैं, चोला अर्पित करते हैं और प्रसाद बांटते हैं. अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं, फिर उन्हें लाल सिंदूर क्यों चढ़ाया जाता है. क्या इसके पीछे कोई कथा है या कोई खास धार्मिक कारण जुड़ा हुआ है? इस आर्टिकल में हम जानेंगे भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से कि हनुमान जी को सिंदूर क्यों प्रिय है, इससे जुड़ी पौराणिक कथा क्या कहती है, सिंदूर चढ़ाने का सही तरीका क्या है और यह उपाय जीवन में किस तरह के लाभ देता है.

हनुमान जी ने शरीर पर सिंदूर क्यों लगाया
-धार्मिक मान्यता के अनुसार एक बार माता सीता अपनी मांग में सिंदूर लगा रही थीं. हनुमान जी ने यह देखा और उनसे पूछा कि वे ऐसा क्यों करती हैं. माता सीता ने प्रेमपूर्वक बताया कि सिंदूर लगाने से भगवान राम की लंबी आयु और अच्छा स्वास्थ्य बना रहता है.
-यह बात हनुमान जी के मन में बैठ गई. उन्होंने सोचा कि अगर थोड़ा सा सिंदूर लगाने से भगवान राम को लाभ मिलता है, तो पूरा शरीर सिंदूर से ढकने पर कितना बड़ा लाभ होगा. इसी भावना से उन्होंने अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लिया.
-जब वे राम दरबार पहुंचे तो सभी उन्हें देखकर चकित रह गए. माता सीता ने भगवान राम को इसका कारण बताया. भगवान राम अपने प्रिय भक्त की भावना और प्रेम से बहुत प्रसन्न हुए. माना जाता है कि तभी से हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करने की परंपरा शुरू हुई.

हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने का मंत्र
मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करते समय यह मंत्र मन में बोला जा सकता है-

सिंदूरं रक्तवर्णं च सिंदूरतिलकप्रिये.
भक्तायन दत्तं मया देव सिंदूरं प्रतिगृह्यताम्॥

ऐसी मान्यता है कि इस मंत्र के साथ सिंदूर चढ़ाने से भय, बाधा और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं.

सिंदूर चढ़ाने का सरल उपाय
भक्त को हनुमान जी के चरणों में सिंदूर अर्पित करना चाहिए. इसके बाद दाहिने चरण से थोड़ा सा सिंदूर लेकर माथे पर तिलक लगाना शुभ माना जाता है. माना जाता है कि इस उपाय से आत्मविश्वास बढ़ता है, स्वास्थ्य बेहतर रहता है और जीवन में स्थिरता आती है.

सिंदूर चढ़ाने का धार्मिक महत्व
लाल रंग को ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है. हनुमान जी स्वयं शक्ति के रूप हैं, इसलिए उन्हें लाल सिंदूर प्रिय है. मंगलवार के दिन सिंदूर चढ़ाने से भक्त और देवता के बीच भक्ति का भाव मजबूत होता है. यह पूजा मन को शांति देती है और साहस बढ़ाती है.

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