Hanuman Chalisa:हनुमान चालीसा के बारे में कितना जानते हैं आप? पता है इन सवालों के सही जवाब
हनुमान चालीसा के प्रश्न और उत्तर
हनुमान चालीसा की रचना किसने की थी?
गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा की रचना की थी.
तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा कब लिखी थी?
मान्यताओं के अनुसार तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा की रचना 16वीं शताब्दी में की थी.
तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा कहां पर लिखी थी?
हनुमान चालीसा किस जगह पर लिखी गई थी, इसके बारे में दो मत हैं. कुछ विद्वानों का मानना है कि सम्राट अकबर ने तुलसीदास जी को कैद कर रखा था. फतेहपुर सीकरी या दिल्ली के कारगार में तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा लिखी थी. दूसरी मान्यता यह है कि तुलसीदास जी वाराणसी में रहते थे, तो उन्होंने वहीं पर हनुमान चालीसा लिखी थी.
हनुमान चालीसा में कितनी चौपाइयां हैं?
हनुमान चालीसा में कुल 40 चौपाइयां हैं, इस वजह से ही इसे चालीसा कहा जाता है.
हनुमान चालीसा का प्रारंभ किस दोहे से होता है?
हनुमान चालीसा का शुभारंभ श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधार, बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि… दोहे से होता है.
हनुमान चालीसा की पहली चौपाई कौन सी है?
हनुमान चालीसा की पहली चौपाई जय हनुमान ज्ञान गुन सागर, जय कपीस तिहुँ लोक उजागर…है.
डरावनी जगह जाने पर हनुमान चालीसा की कौन सी चौपाई सबसे पहले याद आती है?
कहा जाता है कि हनुमान जी के नाम का स्मरण करने से सब नकारात्मकता दूर हो जाती है. डरावनी जगह जाने पर हनुमान चालीसा की चौपाई भूत पिशाच निकट नहीं आवै, महावीर जब नाम सुनावै…याद आती है. उसके बाद की चौपाई है- नासै रोग हरे सब पीरा। जपत निरन्तर हनुमत बीरा।।
किसी विपत्ति या संकट में फंसने पर हनुमान चालीसा की कौन सी चौपाई पढ़ते हैं?
हनुमान जी के भक्त जब संकट में फंसते हैं तो वे हनुमान चालीसा की चौपाई संकट कटै मिटै सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बलबीरा…पढ़ते हैं.
सभी बंधनों से मुक्ति के लिए कितनी बार हनुमान चालीसा पढ़ने को कहते है?
हनुमान चालीसा में एक चौपाई है- जो सत बार पाठ कर कोई। छूटहि बन्दि महा सुख होई।। यानि जो व्यक्ति 100 बार पूरे मन से हनुमान चालीसा का पाठ करता है, वह सभी प्रकार के भौतिक बंधनों से मुक्त हो जाता है.
हनुमान चालीसा पढ़ने का क्या लाभ है?
हनुमान चालीसा में एक चौपाई है जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा, होय सिद्धि साखी गौरीसा. इसका मतलब है कि जो व्यक्ति हनुमान चालीसा का पाठ करता है, उसके कार्य सफल सिद्ध होते हैं. भगवान शिव और माता पार्वती इसके साक्षी हैं. एक और चौपाई है- और मनोरथ जो कोई लावै, सोई अमित जीवन फल पावै…इसका अर्थ है कि जो भी भक्त हनुमान जी से अपनी शुभ इच्छा कहता है, उसे असीम फल की प्राप्ति होती है.
हनुमान चालीसा पढ़ने की विधि क्या है?
तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा में ही लिखा है- संकट तें हनुमान छुड़ावै। मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।। इसका मतलब यह है कि जो व्यक्ति मन, कर्म और वचन से हनुमान जी का ध्यान करता है, वह सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति पा जाता है.
हनुमान चालीसा की अंतिम चौपाई कौन सी है?
श्री हनुमान चालीसा का समापन तुलसीदास सदा हरि चेरा, कीजै नाथ हृदय महं डेरा…चौपाई से होती है.
हनुमान चालीसा किस दिन पढ़नी चाहिए?
हनुमान चालीसा का पाठ मंगलवार और शनिवार के दिन करना चाहिए. मंगलवार को हनुमान जी का जन्म हुआ था, इसलिए मंगलवार हनुमान चालीसा पाठ के लिए उत्तम दिन है.
हनुमान चालीसा पढ़ने से कौन से ग्रह दोष शांत होते हैं?
शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करने से शनि के दोषों और अशुभ प्रभावों से बचा जा सकता है. मंगलवार को हनुमान चालीसा पढ़ने से मंगल दोष भी मिटता है.


